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पीने के लिए एक प्रतिशत है पानी, बाकी जोहड़ो व नालों में बह रहा खुला : ढुल
Updated Wed, 11 Jul 2018 12:54 AM IST
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जल संकट और भविष्य की चुनौतियों पर किया मंथन
पीने के लिए एक प्रतिशत है पानी, बाकी जोहड़ो व नालों में बह रहा खुला : ढुल
वर्तमान जल संकट और भविष्य की चुनौतियां पर आधारित जल मंच सेमिनार का आयोजन किया
राज्य बाल कल्याण परिषद के मानद महासचिव कृष्ण ढुल ने अधिकारियों व लोगों को पानी बचाने की दिलाई शपथ अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। पब्लिक हेल्थ एवं वासो की ओर से वर्तमान जल संकट और भविष्य की चुनौतियां पर आधारित जल मंच सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में राज्य बाल कल्याण परिषद के मानद महासचिव कृष्ण ढुल ने बतौर मुख्यातिथि और डीसी गिरीश अरोड़ा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला सलाहकार रजनी गोयल ने की।
राज्य बाल कल्याण परिषद के मानद महासचिव कृष्ण ढुल ने कहा कि भविष्य के लिए जल को बचाने के लिए हमें अभी से जागरूक होना पडे़गा और यदि समय रहते हम जल बचाने के प्रति जागरूक नहीं हुए तो हमें अनेक संकटों का सामना करना पडे़गा, क्योंकि भूमि का जल स्तर निरंतर गिरता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीने के लिए मात्र एक प्रतिशत पानी है और बाकी पानी नालियों के माध्यम से गंदा होकर जोहड़ो एवं नालों में खुला बह रहा है। जोहड़ पहले हमारी संस्कृति के प्रतीक थे, लेकिन आज जोहड़ सेफ्टी टैंक बनकर रह गए हैं। आज पानी की समस्या सारे विश्व में बनी हुई है और समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो स्थिति और भी अधिक भयावह हो सकती है।
जिला परिषद की अध्यक्षा रेणू बाला, हरियाणा राज्य वासो के सलाहकार लक्ष्मीकांत भाटिया, एडीसी केके भादू, कृषि विज्ञान केंद्र दामला के संयोजक एवं वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. बीआर काम्बोज, वासो की जिला सलाहकार रजनी गोयल ने भी जल मंच के माध्यम से जल बचाने के प्रति अपने अपने विचार व्यक्त किये। सेमिनार के अंत में जल बचाने की शपथ भी दिलाई गई। मौके पर भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष ऋषि पाल, जिला परिषद सदस्य राजेश कटारिया, धर्मपाल तिगरा, ब्लाक समिति बिलासपुर के चेयरमैन महीपाल, ब्लाक समिति जगाधरी के चेयरमैन शशि दुरेजा सहित जन प्रतिनिधि एवं आंगनबाड़ी वर्कर्स आदि भी उपस्थित थेज्ञ्।
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स्लोगन लिखने से नहीं बचाया जा सकता पानी : डीसी अरोड़ा
डीसी गिरीश अरोड़ा ने कहा कि जल है तो कल है इत्यादि स्लोगन लिखने से पानी नहीं बचाया जा सकता। इसके लिए हमें खुद आगे आना होगा। हम लोग पानी बचाने के प्रति ज्यादा संजीदा नहीं है और आवश्यकता से ज्यादा पानी का प्रयोग करते हैं। हमारे यहां पानी का बहुत अधिक मात्रा में दोहन होता है, क्योंकि अधिक मात्रा में पानी मिलने पर हम इसके महत्व के प्रति चिंतित नहीं है। जल को संचित करके आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचा सकते हैं। पानी की महत्ता को समझकर पानी का सदुपयोग करें।
फोटो :10, 11 व 12
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पीने के लिए एक प्रतिशत है पानी, बाकी जोहड़ो व नालों में बह रहा खुला : ढुल
वर्तमान जल संकट और भविष्य की चुनौतियां पर आधारित जल मंच सेमिनार का आयोजन किया
राज्य बाल कल्याण परिषद के मानद महासचिव कृष्ण ढुल ने अधिकारियों व लोगों को पानी बचाने की दिलाई शपथ अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। पब्लिक हेल्थ एवं वासो की ओर से वर्तमान जल संकट और भविष्य की चुनौतियां पर आधारित जल मंच सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में राज्य बाल कल्याण परिषद के मानद महासचिव कृष्ण ढुल ने बतौर मुख्यातिथि और डीसी गिरीश अरोड़ा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला सलाहकार रजनी गोयल ने की।
राज्य बाल कल्याण परिषद के मानद महासचिव कृष्ण ढुल ने कहा कि भविष्य के लिए जल को बचाने के लिए हमें अभी से जागरूक होना पडे़गा और यदि समय रहते हम जल बचाने के प्रति जागरूक नहीं हुए तो हमें अनेक संकटों का सामना करना पडे़गा, क्योंकि भूमि का जल स्तर निरंतर गिरता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीने के लिए मात्र एक प्रतिशत पानी है और बाकी पानी नालियों के माध्यम से गंदा होकर जोहड़ो एवं नालों में खुला बह रहा है। जोहड़ पहले हमारी संस्कृति के प्रतीक थे, लेकिन आज जोहड़ सेफ्टी टैंक बनकर रह गए हैं। आज पानी की समस्या सारे विश्व में बनी हुई है और समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो स्थिति और भी अधिक भयावह हो सकती है।
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जिला परिषद की अध्यक्षा रेणू बाला, हरियाणा राज्य वासो के सलाहकार लक्ष्मीकांत भाटिया, एडीसी केके भादू, कृषि विज्ञान केंद्र दामला के संयोजक एवं वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. बीआर काम्बोज, वासो की जिला सलाहकार रजनी गोयल ने भी जल मंच के माध्यम से जल बचाने के प्रति अपने अपने विचार व्यक्त किये। सेमिनार के अंत में जल बचाने की शपथ भी दिलाई गई। मौके पर भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष ऋषि पाल, जिला परिषद सदस्य राजेश कटारिया, धर्मपाल तिगरा, ब्लाक समिति बिलासपुर के चेयरमैन महीपाल, ब्लाक समिति जगाधरी के चेयरमैन शशि दुरेजा सहित जन प्रतिनिधि एवं आंगनबाड़ी वर्कर्स आदि भी उपस्थित थेज्ञ्।
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स्लोगन लिखने से नहीं बचाया जा सकता पानी : डीसी अरोड़ा
डीसी गिरीश अरोड़ा ने कहा कि जल है तो कल है इत्यादि स्लोगन लिखने से पानी नहीं बचाया जा सकता। इसके लिए हमें खुद आगे आना होगा। हम लोग पानी बचाने के प्रति ज्यादा संजीदा नहीं है और आवश्यकता से ज्यादा पानी का प्रयोग करते हैं। हमारे यहां पानी का बहुत अधिक मात्रा में दोहन होता है, क्योंकि अधिक मात्रा में पानी मिलने पर हम इसके महत्व के प्रति चिंतित नहीं है। जल को संचित करके आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचा सकते हैं। पानी की महत्ता को समझकर पानी का सदुपयोग करें।
फोटो :10, 11 व 12