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लोग रोते रहे, नगर निगम अधिकारी खोल ले गए दुधारू पशु
Updated Thu, 05 Jul 2018 01:00 AM IST
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लोग रोते रहे, नगर निगम अधिकारी खोल ले गए दुधारू पशु
-नगर निगम प्रशासन ने डेयरियों को शहर से बाहर करने की फिर शुरू की कवायद
दिनभर चली कार्रवाई, पशुपालक अड़े, डेयरी कॉम्प्लेक्स में की सुविधाओं की मांग, अधिकारियों पर जबरदस्ती करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। नगर निगम प्रशासन ने शहर की गलियों, सड़कों व कॉलोनियों में चल रही डेयरियों को शहर से बाहर करने की कवायद फिर से शुरू की है। बुधवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट दर्शन कुमार व भारी पुलिस फोर्स के साथ चीफ सेनिटरी इंस्पेक्टर अनिल नैन की अगुवाई में नगर निगम की टीम ने डेयरी से पशुओं को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। दिनभर डेयरी संचालकों व निगम अधिकारियों के बीच तनातनी रही। डेयरी संचालकों ने डेयरियों के गेट पर ताले तक लगा दिए। अधिकारियों के सामने हाथ जोड़े, यहां तक की डेयरी कॉम्प्लेक्स में सुविधाएं नहीं होने का रोना भी रोया, लेकिन निगम दस्ते ने उनकी एक नहीं सुनी और 33 पशुओं को जब्त कर लिया। पशुओं को डेयरी से निकाल कर गाड़ियों में भरकर उन्हें डेयरी कॉम्प्लेक्स पर ले जाया गया। निगम अधिकारियों ने आजाद नगर, छोटी लाइन, सरोजनी कालोनी, गोबिंदपुरा, रामनगर, भाटिया नगर में यह कार्रवाई की।
पशुओं का लाइसेंस है कैंसिल : शहर को गंदगी से मुक्त करने के लिए नगर निगम प्रशासन ने कुछ महीने पहले दुधारू पशुओं का लाइसेंस कैंसिल कर दिया था। इसके बाद शहर में दस हजार से अधिक पशु अवैध हो गए। उन्हें शहर से बाहर करने की कवायद अब शुरू हुई है।
कई बार भेजा गया नोटिस : करीब तीन सौ पशुपालकों को नगर निगम की तरफ से कई बार नोटिस भेजा गया था। नोटिस में शहर से पशु बाहर नहीं ले जाने पर 10 और 20 हजार रुपये प्रति दिन के हिसाब से जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी गई, लेकिन संचालक डेयरी शिफ्ट करने को राजी नहीं हुए। करीब एक महीना पहले भी निगम की टीम ने यह अभियान चलाया था।
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डेयरी संचालकों ने आरोप लगाया कि नगर निगम की तरफ से दडवा, रायपुर, कैल और औरंगाबाद में डेयरी कॉम्प्लेक्स बनाएं गए हैं, लेकिन यहां न तो गलियां हैं, न पानी और न ही गंदे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था। यहां तक की बिजली भी ग्रामीण फीडर से मिलती है। जिसके चलते उनका इन डेयरी कॉम्प्लेक्स में कारोबार करना मुश्किल है।
वर्जन-
शहर के रिहायशी क्षेत्रों में चल रही डेयरियों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई है। सभी डेयरी कॉम्प्लेक्स में तमाम सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। जो कमियां हैं, उन्हें भी जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
-अनिल नैन, चीफ सेनिटरी इंस्पेक्टर, नगर निगम
फोटो नंबर 16, 17, 18, 19
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-नगर निगम प्रशासन ने डेयरियों को शहर से बाहर करने की फिर शुरू की कवायद
दिनभर चली कार्रवाई, पशुपालक अड़े, डेयरी कॉम्प्लेक्स में की सुविधाओं की मांग, अधिकारियों पर जबरदस्ती करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। नगर निगम प्रशासन ने शहर की गलियों, सड़कों व कॉलोनियों में चल रही डेयरियों को शहर से बाहर करने की कवायद फिर से शुरू की है। बुधवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट दर्शन कुमार व भारी पुलिस फोर्स के साथ चीफ सेनिटरी इंस्पेक्टर अनिल नैन की अगुवाई में नगर निगम की टीम ने डेयरी से पशुओं को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। दिनभर डेयरी संचालकों व निगम अधिकारियों के बीच तनातनी रही। डेयरी संचालकों ने डेयरियों के गेट पर ताले तक लगा दिए। अधिकारियों के सामने हाथ जोड़े, यहां तक की डेयरी कॉम्प्लेक्स में सुविधाएं नहीं होने का रोना भी रोया, लेकिन निगम दस्ते ने उनकी एक नहीं सुनी और 33 पशुओं को जब्त कर लिया। पशुओं को डेयरी से निकाल कर गाड़ियों में भरकर उन्हें डेयरी कॉम्प्लेक्स पर ले जाया गया। निगम अधिकारियों ने आजाद नगर, छोटी लाइन, सरोजनी कालोनी, गोबिंदपुरा, रामनगर, भाटिया नगर में यह कार्रवाई की।
पशुओं का लाइसेंस है कैंसिल : शहर को गंदगी से मुक्त करने के लिए नगर निगम प्रशासन ने कुछ महीने पहले दुधारू पशुओं का लाइसेंस कैंसिल कर दिया था। इसके बाद शहर में दस हजार से अधिक पशु अवैध हो गए। उन्हें शहर से बाहर करने की कवायद अब शुरू हुई है।
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कई बार भेजा गया नोटिस : करीब तीन सौ पशुपालकों को नगर निगम की तरफ से कई बार नोटिस भेजा गया था। नोटिस में शहर से पशु बाहर नहीं ले जाने पर 10 और 20 हजार रुपये प्रति दिन के हिसाब से जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी गई, लेकिन संचालक डेयरी शिफ्ट करने को राजी नहीं हुए। करीब एक महीना पहले भी निगम की टीम ने यह अभियान चलाया था।
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डेयरी संचालकों ने आरोप लगाया कि नगर निगम की तरफ से दडवा, रायपुर, कैल और औरंगाबाद में डेयरी कॉम्प्लेक्स बनाएं गए हैं, लेकिन यहां न तो गलियां हैं, न पानी और न ही गंदे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था। यहां तक की बिजली भी ग्रामीण फीडर से मिलती है। जिसके चलते उनका इन डेयरी कॉम्प्लेक्स में कारोबार करना मुश्किल है।
वर्जन-
शहर के रिहायशी क्षेत्रों में चल रही डेयरियों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई है। सभी डेयरी कॉम्प्लेक्स में तमाम सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। जो कमियां हैं, उन्हें भी जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
-अनिल नैन, चीफ सेनिटरी इंस्पेक्टर, नगर निगम
फोटो नंबर 16, 17, 18, 19