{"_id":"5b09ba774f1c1b8d6e8b4d69","slug":"15273642097-yamuna-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन दिन हाइवोल्टेज ड्रामें के साथ डांडीपुर खनन विवाद थमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन दिन हाइवोल्टेज ड्रामें के साथ डांडीपुर खनन विवाद थमा
Updated Sun, 27 May 2018 01:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन दिन हाईवोल्टेज ड्रामे के साथ डांडीपुर खनन विवाद थमा
विस अध्यक्ष के भाई ने दोनों पक्षों को समझा किया शांत
अमर उजाला ब्यूरो
खिजराबाद। तीन दिन के हाईवोल्टेज ड्रामे के साथ डांडीपुर में खनन को लेकर हुआ विवाद शनिवार को थम गया। एक पक्ष ने सोशल मीडिया पर गांव के प्रमुख लोगों को बदनाम करने की कोशिश की तो दूसरे पक्ष ने छवि खराब करने के बारे में कानूनी कार्रवाई अमल में लाने की गुहार लगाई। शनिवार को यह मामला विधानसभा अध्यक्ष के दरबार में भी पहुंचा, जहां से फैसला होने का आश्वासन मिला। देर शाम तक विधानसभा अध्यक्ष के भाई शिव कुमार के द्वारा दोनों पक्षों में आपसी रंजिश को समाप्त करने के लिए फैसले की रूपरेखा तैयार की। देर शाम दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
बता दें कि 23 मई को डांडीपुर में हो रहे खनन को रोकने के लिए देवधर के कुछ ग्रामीण मौके पर हो रहे खनन को रोकने के लिए पहुंचे थे, लेकिन खनन कर रहे देवधर निवासी पुष्पेद्र ने सोशल मीडिया में गांव के ही लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का एक पत्र डाल दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए पत्र में देवधर निवासी पुष्पेद्र ने कहा कि उसने डांडीपुर गांव में जमीन का एक एकड़ जिसका खसरा नंबर 30/5 है और यह जगह सरकार द्वारा खनन के लिए चिह्नित की गई है। यह कर्ज पर पैसे लेकर खरीदी है लेकिन गांव के ही कुछ दबंग लोग उसे यहां खनन करने नहीं दे रहे हैं। पत्र में कहा गया है कि गांव के लोग उसे बार-बार परेशान कर रहे हैं। जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गया है और अब उसके पास आत्महत्या करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। अपनी आत्महत्या का नोट लिखकर पुष्पेंद्र ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इससे मामला खिजराबाद थाने तक पहुंच गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस पत्र ने देवधर गांव के प्रमुख लोगों की नींद उड़ा दी और अगले दिन गांव के ही ग्रामीण देवधर गांव के पूर्व सरपंच कंवर सिंह, जगबीर सिंह, रतन सिंह और परविंद्र उफ बिन्दा ने खिजराबाद थाने में शिकायत दे दी। शिकायत में ग्रामीणों ने कहा कि देवधर निवासी पुष्पेंद्र ने आपसी रंजिश रखते हुए 24 मई को सोशल मीडिया पर उपरोक्त लोगों से जान का खतरा होने और आत्महत्या का एक पत्र डाल दिया, जिससे वह वायरल हो गया। ग्रामीणों ने शिकायत में बताया कि यह सब झूठ है और सोशल मीडिया पर अपनी आत्महत्या का पत्र वायरल करने वाला आदमी गांव में ही घूम रहा है। ग्रामीणों ने थाने में दी शिकायत में बताया कि पुष्पेद्र कुमार प्रमुख लोगों और पंचायत पर दबाव बनाकर अपनी मर्जी से खनन करना चाहता है। गांव के पूर्व सरपंच और अन्य प्रमुख लोगों ने उक्त आरोपी के खिलाफ गांव के लोगों की सोशल मीडिया पर छवि खराब करने को लेकर कार्रवाई की मांग की है।
ये है पूरा मामला :
डांडीपुर गांव में देवधर निवासी पुष्पेद्र ने कर्ज पर पैसे लेकर खनन करने के लिए एक एकड़ खसरा नंबर 30/5 खरीदा था जोकि सरकार द्वारा खनन करने के लिए चिन्हित किया गया है। खनन विभाग, रिवेन्यू विभाग और पुलिस ने भी उक्त जगह की पैमाइश आदि करवाकर पाया कि वह जगह जो पुष्पेद्र ने खरीदी है वह खनन के लिए चिन्हित है। गांव के सरपंच कंवर सिंह, भारतीय किसान संघ के उपाध्यक्ष रतन सिंह, जगबीर सिंह आदि का कहना है कि वह मौके पर हो रहे खनन को इसलिए रोकने गए थे। क्योंकि जहां खनन हो रहा है वह जगह कृषि योग्य भूमि है। खनन करने वाले यदि सभी जगह खनन करके हजारों फुट गहरे गढ्ढे खोद देंगे तो ग्रामीण और किसान खेती कहां करेंगे। इस पर देवधर निवासी पुष्पेद्र का कहना था कि जिस जगह वह खनन कर रहा है वह सरकार द्वारा चिन्हित है और वह उसने कर्ज पर पैसे लेकर खरीदी है। यदि वह यहां खनन नही करेगा तो कर्ज के पैसे कहां से उतारेगा।
विज्ञापन
-------
जिस जगह पर विवाद हुआ है वहां की जांच करवाई गई तो पाया कि वह जगह सरकार द्वारा खनन के लिए चिह्नित की गई है। हालांकि पुष्पेद्र की ओर से कोई शिकायत नहीं आई थी। लेकिन देवधर गांव के लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर गांव के ही पुष्पेद्र के खिलाफ उनकी छवि खराब करने के लिए कानूनी कार्रवाई करने की शिकायत आई थी। दोनो पक्षों में आपसी बातचीत चल रही है। यदि कोई समाधान नहीं निकलता तो कार्रवाई कर दी जाएगी।
- बलराज, खिजराबाद थाना प्रभारी
फोटो : 43
विज्ञापन
विस अध्यक्ष के भाई ने दोनों पक्षों को समझा किया शांत
अमर उजाला ब्यूरो
खिजराबाद। तीन दिन के हाईवोल्टेज ड्रामे के साथ डांडीपुर में खनन को लेकर हुआ विवाद शनिवार को थम गया। एक पक्ष ने सोशल मीडिया पर गांव के प्रमुख लोगों को बदनाम करने की कोशिश की तो दूसरे पक्ष ने छवि खराब करने के बारे में कानूनी कार्रवाई अमल में लाने की गुहार लगाई। शनिवार को यह मामला विधानसभा अध्यक्ष के दरबार में भी पहुंचा, जहां से फैसला होने का आश्वासन मिला। देर शाम तक विधानसभा अध्यक्ष के भाई शिव कुमार के द्वारा दोनों पक्षों में आपसी रंजिश को समाप्त करने के लिए फैसले की रूपरेखा तैयार की। देर शाम दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
बता दें कि 23 मई को डांडीपुर में हो रहे खनन को रोकने के लिए देवधर के कुछ ग्रामीण मौके पर हो रहे खनन को रोकने के लिए पहुंचे थे, लेकिन खनन कर रहे देवधर निवासी पुष्पेद्र ने सोशल मीडिया में गांव के ही लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का एक पत्र डाल दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए पत्र में देवधर निवासी पुष्पेद्र ने कहा कि उसने डांडीपुर गांव में जमीन का एक एकड़ जिसका खसरा नंबर 30/5 है और यह जगह सरकार द्वारा खनन के लिए चिह्नित की गई है। यह कर्ज पर पैसे लेकर खरीदी है लेकिन गांव के ही कुछ दबंग लोग उसे यहां खनन करने नहीं दे रहे हैं। पत्र में कहा गया है कि गांव के लोग उसे बार-बार परेशान कर रहे हैं। जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गया है और अब उसके पास आत्महत्या करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। अपनी आत्महत्या का नोट लिखकर पुष्पेंद्र ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इससे मामला खिजराबाद थाने तक पहुंच गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस पत्र ने देवधर गांव के प्रमुख लोगों की नींद उड़ा दी और अगले दिन गांव के ही ग्रामीण देवधर गांव के पूर्व सरपंच कंवर सिंह, जगबीर सिंह, रतन सिंह और परविंद्र उफ बिन्दा ने खिजराबाद थाने में शिकायत दे दी। शिकायत में ग्रामीणों ने कहा कि देवधर निवासी पुष्पेंद्र ने आपसी रंजिश रखते हुए 24 मई को सोशल मीडिया पर उपरोक्त लोगों से जान का खतरा होने और आत्महत्या का एक पत्र डाल दिया, जिससे वह वायरल हो गया। ग्रामीणों ने शिकायत में बताया कि यह सब झूठ है और सोशल मीडिया पर अपनी आत्महत्या का पत्र वायरल करने वाला आदमी गांव में ही घूम रहा है। ग्रामीणों ने थाने में दी शिकायत में बताया कि पुष्पेद्र कुमार प्रमुख लोगों और पंचायत पर दबाव बनाकर अपनी मर्जी से खनन करना चाहता है। गांव के पूर्व सरपंच और अन्य प्रमुख लोगों ने उक्त आरोपी के खिलाफ गांव के लोगों की सोशल मीडिया पर छवि खराब करने को लेकर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
ये है पूरा मामला :
डांडीपुर गांव में देवधर निवासी पुष्पेद्र ने कर्ज पर पैसे लेकर खनन करने के लिए एक एकड़ खसरा नंबर 30/5 खरीदा था जोकि सरकार द्वारा खनन करने के लिए चिन्हित किया गया है। खनन विभाग, रिवेन्यू विभाग और पुलिस ने भी उक्त जगह की पैमाइश आदि करवाकर पाया कि वह जगह जो पुष्पेद्र ने खरीदी है वह खनन के लिए चिन्हित है। गांव के सरपंच कंवर सिंह, भारतीय किसान संघ के उपाध्यक्ष रतन सिंह, जगबीर सिंह आदि का कहना है कि वह मौके पर हो रहे खनन को इसलिए रोकने गए थे। क्योंकि जहां खनन हो रहा है वह जगह कृषि योग्य भूमि है। खनन करने वाले यदि सभी जगह खनन करके हजारों फुट गहरे गढ्ढे खोद देंगे तो ग्रामीण और किसान खेती कहां करेंगे। इस पर देवधर निवासी पुष्पेद्र का कहना था कि जिस जगह वह खनन कर रहा है वह सरकार द्वारा चिन्हित है और वह उसने कर्ज पर पैसे लेकर खरीदी है। यदि वह यहां खनन नही करेगा तो कर्ज के पैसे कहां से उतारेगा।
विज्ञापन
-------
जिस जगह पर विवाद हुआ है वहां की जांच करवाई गई तो पाया कि वह जगह सरकार द्वारा खनन के लिए चिह्नित की गई है। हालांकि पुष्पेद्र की ओर से कोई शिकायत नहीं आई थी। लेकिन देवधर गांव के लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर गांव के ही पुष्पेद्र के खिलाफ उनकी छवि खराब करने के लिए कानूनी कार्रवाई करने की शिकायत आई थी। दोनो पक्षों में आपसी बातचीत चल रही है। यदि कोई समाधान नहीं निकलता तो कार्रवाई कर दी जाएगी।
- बलराज, खिजराबाद थाना प्रभारी
फोटो : 43