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शिक्षा विभाग अध्यापिकाओं के लिए ही बरत रहा लापरवाही
Updated Thu, 24 May 2018 12:49 AM IST
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वाह रे शिक्षा विभाग : छुट्टी अवधि बीत जाने के बाद मिला मंजूरी लेटर
- शिशु की देखभाल के लिए अध्यापिका ने किया था 5 अप्रैल से 20 मई तक की छुट्टी के लिए आवेदन
- 20 मई को अध्यापिका को मिली छुट्टी मंजूरी की चिट्ठी
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। शिक्षा विभाग के ढीले रवैया से महिला शिक्षक काफी परेशान हैं। एक अध्यापिका ने शिशु की देखभाल के लिए नियमों के तहत डेढ़ महीने की छुट्टी मांगी, लेकिन जिस दरमियान यह छुट्टियां चाहिए थी, वह समय निकलने के बाद परमिशन की चिट्ठी पहुंची।
मॉडल कॉलोनी स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की अध्यापिका शशि ने अपने छोटे बच्चे की देखभाल के लिए चाइल्ड केयर लीव के लिए आवेदन किया था। जिसमें उसने विभाग के आदेशानुसार 5 अप्रैल से 20 मई तक की छुट्टी के लिए दरखास्त दी थी। हरियाणा मौलिक शिक्षा निदेशक, पंचकूला द्वारा अध्यापिका के आवेदन पर कोई एक्शन नहीं हुआ। 8 मई को इस आवेदन पर विचार किया गया और छुट्टी मंजूर करते हुए चिट्ठी जारी की गई। पंचकूला से यमुनानगर आते-आते यह चिट्ठी लेट हो गई और 20 मई को अध्यापिका को मिली। ऐसे में छुट्टी की अवधि बीत जाने के बाद मंजूरी मिलने की अध्यापकों में लेटलतीफी की चर्चा बनी हुई है। अध्यापिका ने बताया कि शिक्षा विभाग की लापरवाही का खामियाजा हमें भुगतना पड़ रहा है।
डीईओ आनंद चौधरी का कहना है कि यह गलती उच्च स्तर पंचकूला के अधिकारियों द्वारा की गई है। इस बारे में निदेशक को जल्द ही लेटर भेजा जाएगा।
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- शिशु की देखभाल के लिए अध्यापिका ने किया था 5 अप्रैल से 20 मई तक की छुट्टी के लिए आवेदन
- 20 मई को अध्यापिका को मिली छुट्टी मंजूरी की चिट्ठी
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। शिक्षा विभाग के ढीले रवैया से महिला शिक्षक काफी परेशान हैं। एक अध्यापिका ने शिशु की देखभाल के लिए नियमों के तहत डेढ़ महीने की छुट्टी मांगी, लेकिन जिस दरमियान यह छुट्टियां चाहिए थी, वह समय निकलने के बाद परमिशन की चिट्ठी पहुंची।
मॉडल कॉलोनी स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की अध्यापिका शशि ने अपने छोटे बच्चे की देखभाल के लिए चाइल्ड केयर लीव के लिए आवेदन किया था। जिसमें उसने विभाग के आदेशानुसार 5 अप्रैल से 20 मई तक की छुट्टी के लिए दरखास्त दी थी। हरियाणा मौलिक शिक्षा निदेशक, पंचकूला द्वारा अध्यापिका के आवेदन पर कोई एक्शन नहीं हुआ। 8 मई को इस आवेदन पर विचार किया गया और छुट्टी मंजूर करते हुए चिट्ठी जारी की गई। पंचकूला से यमुनानगर आते-आते यह चिट्ठी लेट हो गई और 20 मई को अध्यापिका को मिली। ऐसे में छुट्टी की अवधि बीत जाने के बाद मंजूरी मिलने की अध्यापकों में लेटलतीफी की चर्चा बनी हुई है। अध्यापिका ने बताया कि शिक्षा विभाग की लापरवाही का खामियाजा हमें भुगतना पड़ रहा है।
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डीईओ आनंद चौधरी का कहना है कि यह गलती उच्च स्तर पंचकूला के अधिकारियों द्वारा की गई है। इस बारे में निदेशक को जल्द ही लेटर भेजा जाएगा।