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7.60 करोड़ रुपये की लागत से कच्चे रास्ते की जगह बनेगी पक्की सड़क
Updated Sun, 20 May 2018 12:29 AM IST
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7.60 करोड़ रुपये की लागत से कच्चे रास्ते की जगह बनेगी पक्की सड़क
-घाड क्षेत्र के साठ गांवों के एक लाख लोगों को होगा फायदा
-पांच किमी का चक्कर काटने से मिलेगी निजात
छछरौली। घाड क्षेत्र के साठ गांवों के लोगों को छछरौली आने के लिए छोटा रास्ता मिलेगा। जिससे उन्हें अब पांच किमी का लंबा चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। सरकार ने लेदी क्षेत्र से जोड़ने के लिए करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क व पुल बनाने के लिए सात करोड़ साठ लाख रुपये की योजना को हरी झंडी दे दी है। यह सड़क छछरौली बाजार से सीधा जंगल से होकर जा रहे कच्चे रास्ते पर बनेगी। छछरौली के साथ लगती लगती सोम नदी पर एक बड़ा पुल बनाने की भी योजना है। उस पुल के साथ ही इस कच्चे रास्ते को छछरौली से जोड़ा जाएगा और शेरपुर डारपुर रोड पर यह सड़क शाहपुर मोड़ के साथ जोड़ दी जाएगी।
पांच किमी की दूरी घटेगी
घाड क्षेत्र के लोगों को अब छछरौली जाने के लिए नेशनल हाईवे की भारी भरकम भीड़ से होकर छछरौली नही जाना पडेगा। नई सड़क व पुल बनने से जनता पांच किलोमीटर का चक्कर काटने से बचेगी। पहले छछरौली जाने के लिए पहले शेरनुर मोड़ पर जाना पड़ता था ओर फिर तीन कूनी से घूमकर वापस छछरौली आना पड़ता था। अब सीधा लेदी से सड़क जंगल के रास्ते छछरौली के साथ जोड़ दी जाएगी। जिसका आने वाले समय में घाड क्षेत्र के साठ गांवों के करीब एक लाख की आबादी को इसका फायदा मिलेगा। जंगल के रास्ते सड़क मंजूर होने से क्षेत्र के लोग बहुत ही खुश है।
बचेगा समय और हादसे
छछरौली आने जाने के लिए साइकिल व बाइक सवार, दिहाड़ीदारों, स्कूली बच्चों व दुकानदारों को इस सड़क से ज्यादा फायदा होगा। क्योंकि छछरौली जाने के लिए शेरपुर मोड़ से लेकर छछरौली तक सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं और सबसे ज्यादा हादसे साइकिल सवार और बाइक सवार को अपनी जान गंवानी पड़ती है। अब जंगल के रास्ते सड़क बनने से एक तो साइकिल सवार का आधा घंटा व बाइक सवार का दस मिनट का समय भी बच जाएगा। और सबसे बड़ी बात यह है कि नेशनल हाईवे से नहीं जाना पडे़गा और हादसा होने का भी खतरा बहुत ही कम हो जाएगा।
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पुराने समय में यहीं रास्ता था
क्षेत्र के बडे बुजुर्गों का कहना कि पुराने जमाने में छछरौली जाने के लिए जंगल का जो रास्ता कच्चा है वही रास्ता मेन था। समय के साथ साथ सब बदल गया। सड़क शेरपुर मोड़ से बनाई गई ओर फिर इस रास्ते से लोगों ने आना जाना बंद कर दिया। और दोबारा से इसी रास्ते पर चलने से पुरानी यादें ताजा हो जाएगी।
पीडब्ल्यूडी के एसडीओ अजेय भाटी का कहना है कि सरकार द्वारा छछरौली से जंगल के रास्ते पक्की सड़क बनाने की सड़क योजना पास हो गई है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर सड़क बनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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-घाड क्षेत्र के साठ गांवों के एक लाख लोगों को होगा फायदा
-पांच किमी का चक्कर काटने से मिलेगी निजात
छछरौली। घाड क्षेत्र के साठ गांवों के लोगों को छछरौली आने के लिए छोटा रास्ता मिलेगा। जिससे उन्हें अब पांच किमी का लंबा चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। सरकार ने लेदी क्षेत्र से जोड़ने के लिए करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क व पुल बनाने के लिए सात करोड़ साठ लाख रुपये की योजना को हरी झंडी दे दी है। यह सड़क छछरौली बाजार से सीधा जंगल से होकर जा रहे कच्चे रास्ते पर बनेगी। छछरौली के साथ लगती लगती सोम नदी पर एक बड़ा पुल बनाने की भी योजना है। उस पुल के साथ ही इस कच्चे रास्ते को छछरौली से जोड़ा जाएगा और शेरपुर डारपुर रोड पर यह सड़क शाहपुर मोड़ के साथ जोड़ दी जाएगी।
पांच किमी की दूरी घटेगी
घाड क्षेत्र के लोगों को अब छछरौली जाने के लिए नेशनल हाईवे की भारी भरकम भीड़ से होकर छछरौली नही जाना पडेगा। नई सड़क व पुल बनने से जनता पांच किलोमीटर का चक्कर काटने से बचेगी। पहले छछरौली जाने के लिए पहले शेरनुर मोड़ पर जाना पड़ता था ओर फिर तीन कूनी से घूमकर वापस छछरौली आना पड़ता था। अब सीधा लेदी से सड़क जंगल के रास्ते छछरौली के साथ जोड़ दी जाएगी। जिसका आने वाले समय में घाड क्षेत्र के साठ गांवों के करीब एक लाख की आबादी को इसका फायदा मिलेगा। जंगल के रास्ते सड़क मंजूर होने से क्षेत्र के लोग बहुत ही खुश है।
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बचेगा समय और हादसे
छछरौली आने जाने के लिए साइकिल व बाइक सवार, दिहाड़ीदारों, स्कूली बच्चों व दुकानदारों को इस सड़क से ज्यादा फायदा होगा। क्योंकि छछरौली जाने के लिए शेरपुर मोड़ से लेकर छछरौली तक सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं और सबसे ज्यादा हादसे साइकिल सवार और बाइक सवार को अपनी जान गंवानी पड़ती है। अब जंगल के रास्ते सड़क बनने से एक तो साइकिल सवार का आधा घंटा व बाइक सवार का दस मिनट का समय भी बच जाएगा। और सबसे बड़ी बात यह है कि नेशनल हाईवे से नहीं जाना पडे़गा और हादसा होने का भी खतरा बहुत ही कम हो जाएगा।
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पुराने समय में यहीं रास्ता था
क्षेत्र के बडे बुजुर्गों का कहना कि पुराने जमाने में छछरौली जाने के लिए जंगल का जो रास्ता कच्चा है वही रास्ता मेन था। समय के साथ साथ सब बदल गया। सड़क शेरपुर मोड़ से बनाई गई ओर फिर इस रास्ते से लोगों ने आना जाना बंद कर दिया। और दोबारा से इसी रास्ते पर चलने से पुरानी यादें ताजा हो जाएगी।
पीडब्ल्यूडी के एसडीओ अजेय भाटी का कहना है कि सरकार द्वारा छछरौली से जंगल के रास्ते पक्की सड़क बनाने की सड़क योजना पास हो गई है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर सड़क बनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।