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दो दिन का आश्वासन पूरा होने पर भी नहीं हुई गिरफ्तारी, ग्रामीणों ने फिर किया नेशनल हाइवे जाम
Updated Tue, 15 May 2018 12:18 AM IST
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हादसे के आरोपी की नहीं हुई गिरफ्तारी तो ग्रामीणों ने किया हाईवे जाम
शनिवार को भी गिरफ्तारी न होने पर ग्रामीणों ने एनएच-73 पर लगाया था जाम, तब डीएसपी ने दो दिन में गिरफ्तारी होने का दिया था आश्वासन
16 अप्रैल को जीप से कुचले जाने से हुई थी पीटीआई नरेंद्र सिंह व उनके इकलौते बेटे हर्ष की हुई थी मौत, एक माह बाद भी नहीं हुई गिरफ्तारी
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
एनएच-73 के सबलपुर मोड़ पर 16 अप्रैल को जीप के कुचले जाने से हुई एक्टिवा सवार पीटीआई नरेंद्र सिंह व उनके इकलौते बेटे हर्ष की मौत के मामले में आरोपी वाहन चालक की एक माह बाद भी गिरफ्तारी न होने पर भड़के परिजनों व ग्रामीणों ने फिर नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। गिरफ्तारी न होने पर ग्रामीणों ने बीते शनिवार को भी इसी स्थान पर नेशनल हाईवे जाम किया था। तब बिलासपुर डीएसपी रणधीर सिंह ने दो दिन में आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया था। लेकिन दो दिन बीतने पर भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो सोमवार दोपहर बाद ग्रामीण नेशनल हाईवे 73 पर आ गए और लाइनों में बैठकर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर डीएसपी रणधीर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को फिर दो दिन में आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
आधा घंटे हाइवे पर डटे रहे सौ से अधिक ग्रामीण
सोमवार दोपहर बाद करीब सवा तीन बजे मृतक नरेंद्र सिंह के गांव कुलचंदू के सौ से ज्यादा पुरुष व महिलाएं नएच-73 पर सबलपुर के पास पहुंचे। महिलाएं यहां सड़क के बीचों बीच कतारबद्ध होकर बैठ गईं। सूचना मिलते। ही छप्पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने और एनएच-73 के बीचोबीच लाइन बनाकर बैठ गए। इससे नेशनल हाईवे पर दोनों तरफ जाम लग गया। ग्रामीणों का कहना था कि हादसा हुए एक माह बीत गया है, लेकिन अभी तक आरोपी चालक को गिरफ्तार नहीं किया गया। जाम लगने की सूचना पर डीएसपी रणधीर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि आरोपी चालक की तलाश की जा रही है। डीएसपी ने इस दौरान परिजनों को फिर से दो दिन का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने जाम खोल दिया। बता दें कि शनिवार को भी डीएसपी ने ग्रामीणों को दो दिन का आश्वासन देकर जाम खुलवाया था।
भाजपा के एक विधायक के कहने पर पुलिस नहीं कर रही गिरफ्तारी
मृतक नरेंद्र सिंह की पत्नी आरती, बेटी अचिका, अनिल, अमित, तरसेम कौर, अंकिता, मीरा आदि ने कहा कि पुलिस जानबूझकर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही। पुलिस ने जीप चलाने वालों की पहचान कर ली है, फिर भी उन्हें नहीं पकड़ा जा रहा है। उनका आरोप है कि भाजपा के एक विधायक के कहने पर आरोपियों को पकड़ा नहीं जा रहा है, क्योंकि वह उनकी ही विधानसभा में आते हैं। एक सप्ताह पहले विधायक के रिश्तेदार का फोन उनके पास आया था। जो लोग जीप में थे, उनके परिजन उनसे बात करना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने बात करने से मना कर दिया था।
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ये था मामला
16 अप्रैल की शाम एनएच-73 (चंडीगढ़-रूड़की) पर सबलपुर मोड़ के पास जीप ने एक्टिवा को टक्कर मार दी थी। एक्टिवा से टकराने के बाद जीप ने हाईवे पर पल्सर को चपेट में ले लिया। हादसे में एक्टिवा पर जा रहे गांव कुलचंदू निवासी नरेंद्र सिंह व उनके इकलौते बेटे हर्ष की मौत हो गई थी। नरेंद्र सिंह राजकीय स्कूल सारन में पीटीआई थे, जबकि पल्सर पर जा रहे जिला अंबाला के गांव महमूदपुर निवासी रमाकांत व उसकी पत्नी गीता घायल हो गए थे। इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए थे, तब पुलिस ने अज्ञात युवकों पर केस दर्ज किया था। मृतक नरेंद्र के भाई टोनी का कहना है कि जीप चला रहे लड़के बुडिय़ा व धौडंग़ के थे। दोनों ही कॉलेज में पढ़ते हैं। हादसे के इतने दिन बाद भी पुलिस ने आरोपितों कोय् गिरफ्तार नहीं किया।
वर्जन
सबलपुर मोड़ पर हुई पिता-पुत्र की सड़क हादसे में मौत के मामले में थाना छप्पर पुलिस ने जीप चालक पर केस दर्ज किया हुआ है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- रणधीर सिंह, डीएसपी, बिलासपुर।
फोटो : 17 से 21
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शनिवार को भी गिरफ्तारी न होने पर ग्रामीणों ने एनएच-73 पर लगाया था जाम, तब डीएसपी ने दो दिन में गिरफ्तारी होने का दिया था आश्वासन
16 अप्रैल को जीप से कुचले जाने से हुई थी पीटीआई नरेंद्र सिंह व उनके इकलौते बेटे हर्ष की हुई थी मौत, एक माह बाद भी नहीं हुई गिरफ्तारी
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
एनएच-73 के सबलपुर मोड़ पर 16 अप्रैल को जीप के कुचले जाने से हुई एक्टिवा सवार पीटीआई नरेंद्र सिंह व उनके इकलौते बेटे हर्ष की मौत के मामले में आरोपी वाहन चालक की एक माह बाद भी गिरफ्तारी न होने पर भड़के परिजनों व ग्रामीणों ने फिर नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। गिरफ्तारी न होने पर ग्रामीणों ने बीते शनिवार को भी इसी स्थान पर नेशनल हाईवे जाम किया था। तब बिलासपुर डीएसपी रणधीर सिंह ने दो दिन में आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया था। लेकिन दो दिन बीतने पर भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो सोमवार दोपहर बाद ग्रामीण नेशनल हाईवे 73 पर आ गए और लाइनों में बैठकर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर डीएसपी रणधीर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को फिर दो दिन में आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
आधा घंटे हाइवे पर डटे रहे सौ से अधिक ग्रामीण
सोमवार दोपहर बाद करीब सवा तीन बजे मृतक नरेंद्र सिंह के गांव कुलचंदू के सौ से ज्यादा पुरुष व महिलाएं नएच-73 पर सबलपुर के पास पहुंचे। महिलाएं यहां सड़क के बीचों बीच कतारबद्ध होकर बैठ गईं। सूचना मिलते। ही छप्पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने और एनएच-73 के बीचोबीच लाइन बनाकर बैठ गए। इससे नेशनल हाईवे पर दोनों तरफ जाम लग गया। ग्रामीणों का कहना था कि हादसा हुए एक माह बीत गया है, लेकिन अभी तक आरोपी चालक को गिरफ्तार नहीं किया गया। जाम लगने की सूचना पर डीएसपी रणधीर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि आरोपी चालक की तलाश की जा रही है। डीएसपी ने इस दौरान परिजनों को फिर से दो दिन का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने जाम खोल दिया। बता दें कि शनिवार को भी डीएसपी ने ग्रामीणों को दो दिन का आश्वासन देकर जाम खुलवाया था।
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भाजपा के एक विधायक के कहने पर पुलिस नहीं कर रही गिरफ्तारी
मृतक नरेंद्र सिंह की पत्नी आरती, बेटी अचिका, अनिल, अमित, तरसेम कौर, अंकिता, मीरा आदि ने कहा कि पुलिस जानबूझकर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही। पुलिस ने जीप चलाने वालों की पहचान कर ली है, फिर भी उन्हें नहीं पकड़ा जा रहा है। उनका आरोप है कि भाजपा के एक विधायक के कहने पर आरोपियों को पकड़ा नहीं जा रहा है, क्योंकि वह उनकी ही विधानसभा में आते हैं। एक सप्ताह पहले विधायक के रिश्तेदार का फोन उनके पास आया था। जो लोग जीप में थे, उनके परिजन उनसे बात करना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने बात करने से मना कर दिया था।
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ये था मामला
16 अप्रैल की शाम एनएच-73 (चंडीगढ़-रूड़की) पर सबलपुर मोड़ के पास जीप ने एक्टिवा को टक्कर मार दी थी। एक्टिवा से टकराने के बाद जीप ने हाईवे पर पल्सर को चपेट में ले लिया। हादसे में एक्टिवा पर जा रहे गांव कुलचंदू निवासी नरेंद्र सिंह व उनके इकलौते बेटे हर्ष की मौत हो गई थी। नरेंद्र सिंह राजकीय स्कूल सारन में पीटीआई थे, जबकि पल्सर पर जा रहे जिला अंबाला के गांव महमूदपुर निवासी रमाकांत व उसकी पत्नी गीता घायल हो गए थे। इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए थे, तब पुलिस ने अज्ञात युवकों पर केस दर्ज किया था। मृतक नरेंद्र के भाई टोनी का कहना है कि जीप चला रहे लड़के बुडिय़ा व धौडंग़ के थे। दोनों ही कॉलेज में पढ़ते हैं। हादसे के इतने दिन बाद भी पुलिस ने आरोपितों कोय् गिरफ्तार नहीं किया।
वर्जन
सबलपुर मोड़ पर हुई पिता-पुत्र की सड़क हादसे में मौत के मामले में थाना छप्पर पुलिस ने जीप चालक पर केस दर्ज किया हुआ है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- रणधीर सिंह, डीएसपी, बिलासपुर।
फोटो : 17 से 21