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मेयर के विरोध पर चेयरमैन ने स्थगित की वार्डबंदी तदर्थ कमेटी की मीटिंग, अब 6 मार्च को होगी मीटिंग
Updated Tue, 27 Feb 2018 12:45 AM IST
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मेयर के विरोध पर चेयरमैन ने स्थगित की वार्डबंदी तदर्थ कमेटी की मीटिंग, अब 6 मार्च को होगी मीटिंग
यमुनानगर। वार्डबंदी के ड्राफ्ट को लेकर मंगलवार को होने वाली तदर्थ कमेटी की मीटिंग स्थगित कर दी गई है। यह मीटिंग अब 6 मार्च को होगी। मेयर की ओर से कमेटी के चेयरमैन डीसी डॉ रोहताश सिंह खर्ब को लैटर लिखकर इस मीटिंग को निगम के एक्ट की उल्लंघना बताया, जिसके बाद उपायुक्त ने मीटिंग को स्थगित कर दिया है। मेयर की ओर से तर्क दिया गया है कि तदर्थ मीटिंग को नोटिस कमेटी के मैंबर को कम से कम सात दिन पहले देना चाहिए, जबकि यह नोटिस उन्हें 23 फरवरी को मिला है।
मेयर की ओर से उपायुक्त को लिखे गए लैटर में हरियाणा म्यूनिसिपल कारपोरेशन डिलिमिटेशन आफ वार्ड रूल्स 1994 के छह के भाग एक का हवाला दिया गया है। इसके अनुसार मीटिंग के लिए मैंबर को कम से कम सात दिन पहले नोटिस दिया जाना चाहिए। साथ ही यह नोटिस निगम के कार्यकारी अधिकारी द्वारा भेजे जाने पर इस पर एतराज जताया है। एक्ट के अनुसार यह नोटिस भेजने का अधिकार कमेटी के चेयरमैन को है। मीटिंग को लेकर मेयर की आपत्ति को उपायुक्त ने स्वीकार कर लिया और 26 फरवरी को होने वाली तदर्थ कमेटी की मीटिंग को स्थगित कर 6 मार्च को मीटिंग रख दी है।
तदर्थ कमेटी में कांग्रेस पार्षद को शामिल न किए जाने पर कांग्रेसी पार्षदों ने कड़ा एतराज जताया है। वार्ड नंबर 14 की पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि तदर्थ कमेटी बनाने में एक्ट की घोर अनदेखी की गई है। हम कमेटी के चेयरमैन के समक्ष लिखित में इसका विरोध करेेंगे। उधर, वार्ड नंबर 5 के कांग्रेस पार्षद देवेंद्र सिंह ने भी कमेटी में कांग्रेस पार्षद को शामिल न करने पर एतराज जताते हुए कहा कि चेयरमैन से इसकी शिकायत की जाएगी। वहीं, कमेटी भंग कर एक्ट के अनुसार व पारदर्शितापूर्ण तरीके से नई कमेटी बनाने की मांग करेंगे।
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जरूरत पड़ी तो न्यायालय जाएंगे : पूर्व नगर परिषद प्रधान
पूर्व नगर परिषद प्रधान दर्शन लाल खेड़ा ने भी तदर्थ कमेटी में किसी भी कांगेस पार्षद को शामिल न करने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि एक्ट में प्रावधान है कि तदर्थ कमेटी में सभी दलों को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बारे में कानूनी मशवरा लिया जाएगा। इसके लिए न्यायालय जाने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
कमेटी के चेयरमैन को लैटर लिखकर तदर्थ कमेटी की मीटिंग को एक्ट के अनुसार करवाने की मांग की थी, जिसके बाद उन्होंने मीटिंग स्थगित कर दी। अब यह मीटिंग 6 मार्च को होगी। तदर्थ कमेटी में कांग्रेस पार्षद को शामिल न करना भी एक्ट के विपरीत है।
सरोजबाला, मेयर, यमुनानगर-जगाधरी नगर निगम
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यमुनानगर। वार्डबंदी के ड्राफ्ट को लेकर मंगलवार को होने वाली तदर्थ कमेटी की मीटिंग स्थगित कर दी गई है। यह मीटिंग अब 6 मार्च को होगी। मेयर की ओर से कमेटी के चेयरमैन डीसी डॉ रोहताश सिंह खर्ब को लैटर लिखकर इस मीटिंग को निगम के एक्ट की उल्लंघना बताया, जिसके बाद उपायुक्त ने मीटिंग को स्थगित कर दिया है। मेयर की ओर से तर्क दिया गया है कि तदर्थ मीटिंग को नोटिस कमेटी के मैंबर को कम से कम सात दिन पहले देना चाहिए, जबकि यह नोटिस उन्हें 23 फरवरी को मिला है।
मेयर की ओर से उपायुक्त को लिखे गए लैटर में हरियाणा म्यूनिसिपल कारपोरेशन डिलिमिटेशन आफ वार्ड रूल्स 1994 के छह के भाग एक का हवाला दिया गया है। इसके अनुसार मीटिंग के लिए मैंबर को कम से कम सात दिन पहले नोटिस दिया जाना चाहिए। साथ ही यह नोटिस निगम के कार्यकारी अधिकारी द्वारा भेजे जाने पर इस पर एतराज जताया है। एक्ट के अनुसार यह नोटिस भेजने का अधिकार कमेटी के चेयरमैन को है। मीटिंग को लेकर मेयर की आपत्ति को उपायुक्त ने स्वीकार कर लिया और 26 फरवरी को होने वाली तदर्थ कमेटी की मीटिंग को स्थगित कर 6 मार्च को मीटिंग रख दी है।
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तदर्थ कमेटी में कांग्रेस पार्षद को शामिल न किए जाने पर कांग्रेसी पार्षदों ने कड़ा एतराज जताया है। वार्ड नंबर 14 की पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि तदर्थ कमेटी बनाने में एक्ट की घोर अनदेखी की गई है। हम कमेटी के चेयरमैन के समक्ष लिखित में इसका विरोध करेेंगे। उधर, वार्ड नंबर 5 के कांग्रेस पार्षद देवेंद्र सिंह ने भी कमेटी में कांग्रेस पार्षद को शामिल न करने पर एतराज जताते हुए कहा कि चेयरमैन से इसकी शिकायत की जाएगी। वहीं, कमेटी भंग कर एक्ट के अनुसार व पारदर्शितापूर्ण तरीके से नई कमेटी बनाने की मांग करेंगे।
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जरूरत पड़ी तो न्यायालय जाएंगे : पूर्व नगर परिषद प्रधान
पूर्व नगर परिषद प्रधान दर्शन लाल खेड़ा ने भी तदर्थ कमेटी में किसी भी कांगेस पार्षद को शामिल न करने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि एक्ट में प्रावधान है कि तदर्थ कमेटी में सभी दलों को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बारे में कानूनी मशवरा लिया जाएगा। इसके लिए न्यायालय जाने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
कमेटी के चेयरमैन को लैटर लिखकर तदर्थ कमेटी की मीटिंग को एक्ट के अनुसार करवाने की मांग की थी, जिसके बाद उन्होंने मीटिंग स्थगित कर दी। अब यह मीटिंग 6 मार्च को होगी। तदर्थ कमेटी में कांग्रेस पार्षद को शामिल न करना भी एक्ट के विपरीत है।
सरोजबाला, मेयर, यमुनानगर-जगाधरी नगर निगम