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ओवर लोडिंग : प्रशासन को चकमा देने का निकाला जुगाड़
Updated Sat, 06 Jan 2018 12:10 AM IST
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अब ट्रकों में ओवरलोड लादी जा रही खनन सामग्री
यमुनानगर। सड़क हादसों का पर्याय बन चुके खनन सामग्री से लदे वाहनों में ओवर लोडिंग रोकने के लिए जिला प्रशासन ने जिले में 14 नाके लगाए हैं। लेकिन, खनन सामग्री ले जाने वाले वाहन चालक नाकों में तैनात कर्मचारियों की आंखों में धूल झोंकने में कामयाब हो रहे हैं। अब डंपरों की बजाय ट्रकों मेें रेत-बजरी को लादकर उसे तिरपाल से ढका जा रहा है। इन ट्रकों को रात के समय नाकों से निकाला जा रहा है।
प्रदेश सरकार की सख्ती के बाद खनन सामग्री से लदे वाहनों में ओवरलोडिंग रोकने के लिए जिले में 14 नाके लगाए गए हैं। इन नाकों पर 24 घंटे विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं सरकारी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को खनन सामग्री से लदे ओवर लोडेड वाहनों का चालान काटने की पावर भी दी गई है। ये नाके लगने के बाद दिन में सड़कों पर ओवर लोड वाहन नहीं दिख रहे हैं, लेकिन रात के समय ओवर लोड वाहन धड़ल्ले से नाकों से निकल रहे हैं।
जिला प्रशासन ने खनन सामग्री से लदे वाहनों में ओवर लोडिंग रोकने के लिए सड़कों पर नाके तो लगा दिए, लेकिन जहां वाहनों पर खनन सामग्री लादी जा रही है, वहां प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। खनन से जुड़े लोग इसका जमकर फायदा उठा रहे हैं। नाके लगने से पहले खनन सामग्री डंपरों में लादी जाती थी। जिले में नाके लगने के बाद अब डंपरों में खनन सामग्री की लोडिंग लगभग बंद कर दी गई है। इसकी जगह ट्रकों में रेत-बजरी को ओवर लोड भरा जा रहा है।
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नाके लगाने के बाद खनन सामग्री से लदे वाहनों में ओवरलोडिंग रुकी है। ट्रकों में खनन सामग्री लाद कर इसे तिरपाल से ढकने की बात सामने आई है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि नाकों से खनन सामग्री से लदे वाहनों को किसी भी कीमत पर न निकलने दें।
-डॉ. रोहतास सिंह खर्ब, जिला उपायुक्त
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यमुनानगर। सड़क हादसों का पर्याय बन चुके खनन सामग्री से लदे वाहनों में ओवर लोडिंग रोकने के लिए जिला प्रशासन ने जिले में 14 नाके लगाए हैं। लेकिन, खनन सामग्री ले जाने वाले वाहन चालक नाकों में तैनात कर्मचारियों की आंखों में धूल झोंकने में कामयाब हो रहे हैं। अब डंपरों की बजाय ट्रकों मेें रेत-बजरी को लादकर उसे तिरपाल से ढका जा रहा है। इन ट्रकों को रात के समय नाकों से निकाला जा रहा है।
प्रदेश सरकार की सख्ती के बाद खनन सामग्री से लदे वाहनों में ओवरलोडिंग रोकने के लिए जिले में 14 नाके लगाए गए हैं। इन नाकों पर 24 घंटे विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं सरकारी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को खनन सामग्री से लदे ओवर लोडेड वाहनों का चालान काटने की पावर भी दी गई है। ये नाके लगने के बाद दिन में सड़कों पर ओवर लोड वाहन नहीं दिख रहे हैं, लेकिन रात के समय ओवर लोड वाहन धड़ल्ले से नाकों से निकल रहे हैं।
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जिला प्रशासन ने खनन सामग्री से लदे वाहनों में ओवर लोडिंग रोकने के लिए सड़कों पर नाके तो लगा दिए, लेकिन जहां वाहनों पर खनन सामग्री लादी जा रही है, वहां प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। खनन से जुड़े लोग इसका जमकर फायदा उठा रहे हैं। नाके लगने से पहले खनन सामग्री डंपरों में लादी जाती थी। जिले में नाके लगने के बाद अब डंपरों में खनन सामग्री की लोडिंग लगभग बंद कर दी गई है। इसकी जगह ट्रकों में रेत-बजरी को ओवर लोड भरा जा रहा है।
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नाके लगाने के बाद खनन सामग्री से लदे वाहनों में ओवरलोडिंग रुकी है। ट्रकों में खनन सामग्री लाद कर इसे तिरपाल से ढकने की बात सामने आई है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि नाकों से खनन सामग्री से लदे वाहनों को किसी भी कीमत पर न निकलने दें।
-डॉ. रोहतास सिंह खर्ब, जिला उपायुक्त