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क्लीनिकल इस्टेबलिशमेंट एक्ट-2010 लागू हुआ तो आधे से ज्यादा अस्पताल व क्लीनिक होंगे बंद: आईएमए
Updated Wed, 06 Dec 2017 12:54 AM IST
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क्लीनिकल इस्टेबलिशमेंट एक्ट-2010 लागू हुआ तो आधे से ज्यादा अस्पताल व क्लीनिक होंगे बंद: आईएमए
जिला प्रतिनिधिमंडल ने विधायक को सीएम व स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंप की एक्ट पर रोक लगाने की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) का जिला प्रतिनिधिमंडल प्रधान डॉ. धीरेंद्र सोनी की अध्यक्षता में मंगलवार को यमुनानगर विधायक घनश्याम अरोड़ा से मिला। इस दौरान विधायक को सीएम व स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन के माध्यम से डॉक्टरों ने बताया कि 2010 में रही केंद्र सरकार ने क्लीनिकल इस्टेबलिशमेंट एक्ट लागू किया था। इसके लागू होने से छोटे अस्पतालों व क्लीनिक्स को नुकसान होने पर मार्च 2014 में प्रदेश सरकार ने अपना क्लीनिकल इस्टेबलिशमेंट एक्ट जारी किया था। एक्ट में कुछ कमियों के चलते अक्टूबर 2015 में प्रदेश सरकार ने आईएमए के प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा कर उसमें बदलाव लाते हुए दोबारा लागू किया था। लेकिन प्रदेश सरकार अब 2010 की केंद्र सरकार द्वारा बनाया क्लीनिकल इस्टेबलिशमेंट ऐक्ट लागू करने की सोच रही है। अगर ऐसा हुआ तो आधे से ज्यादा छोटे अस्पताल और क्लीनिक बंद हो जाएंगे या उनको चलाने के लिए इलाज महंगा करना पड़ेगा। इससे मरीजों को ही नुकसान होगा। विधायक ने आईएमए के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वह खुद मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर इसका समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। मौके पर डॉ. हर्ष शर्मा, डॉ. कपिल देव, डॉ. अनिल अग्रवाल, डॉ. जेके गुलाटी, डॉ. लोकेश गर्ग, डॉ. मग्गो व अन्य मौजूद रहे।
फोटो-18
जिला प्रतिनिधिमंडल ने विधायक को सीएम व स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंप की एक्ट पर रोक लगाने की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) का जिला प्रतिनिधिमंडल प्रधान डॉ. धीरेंद्र सोनी की अध्यक्षता में मंगलवार को यमुनानगर विधायक घनश्याम अरोड़ा से मिला। इस दौरान विधायक को सीएम व स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन के माध्यम से डॉक्टरों ने बताया कि 2010 में रही केंद्र सरकार ने क्लीनिकल इस्टेबलिशमेंट एक्ट लागू किया था। इसके लागू होने से छोटे अस्पतालों व क्लीनिक्स को नुकसान होने पर मार्च 2014 में प्रदेश सरकार ने अपना क्लीनिकल इस्टेबलिशमेंट एक्ट जारी किया था। एक्ट में कुछ कमियों के चलते अक्टूबर 2015 में प्रदेश सरकार ने आईएमए के प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा कर उसमें बदलाव लाते हुए दोबारा लागू किया था। लेकिन प्रदेश सरकार अब 2010 की केंद्र सरकार द्वारा बनाया क्लीनिकल इस्टेबलिशमेंट ऐक्ट लागू करने की सोच रही है। अगर ऐसा हुआ तो आधे से ज्यादा छोटे अस्पताल और क्लीनिक बंद हो जाएंगे या उनको चलाने के लिए इलाज महंगा करना पड़ेगा। इससे मरीजों को ही नुकसान होगा। विधायक ने आईएमए के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वह खुद मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर इसका समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। मौके पर डॉ. हर्ष शर्मा, डॉ. कपिल देव, डॉ. अनिल अग्रवाल, डॉ. जेके गुलाटी, डॉ. लोकेश गर्ग, डॉ. मग्गो व अन्य मौजूद रहे।
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