फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   डेढ़ घंटे में ही समाप्त हुआ वकीलों का अनिश्चितकालीन धरना

डेढ़ घंटे में ही समाप्त हुआ वकीलों का अनिश्चितकालीन धरना

Fri, 28 Jul 2017 12:23 AM IST
Updated Fri, 28 Jul 2017 12:23 AM IST
विज्ञापन
डेढ़ घंटे में ही समाप्त हुआ वकीलों का अनिश्चितकालीन धरना
आश्वासन पर वकीलों ने समाप्त किया धरना
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। गांव माली माजरा में तीन दिन पहले हुए रविश की हत्या में गिरफ्तार एडवोकेट वीरेंद्र की रिहाई को लेकर धरना दे रहे वकीलों ने एसपी के आश्वासन पर प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इससे पहले वकील को रिहा करने की मांग को लेकर जिला बार एसोसिएशन के सदस्य हड़ताल पर चले गए थे। हड़ताल के दौरान वकील लघु सचिवालय के अंदर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। गुरुवार को पुलिस अधीक्षक ने जांच में निर्दोष पाए जाने पर वकील को रिहा कराने का आश्वासन दिया।
जिला बार एसोसिएशन ने गुरुवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया। हड़ताल के दौरान सभी सदस्य कामकाज बंद कर प्रधान विजय गौतम की अध्यक्षता में सचिवालय में इकट्ठे हुए। यहां वकीलों ने अपनी बाजुओं पर काली पट्टियां बांधीं और सचिवालय के प्रांगण में ही दरियां बिछाकर बैठ गए। वे एडवोकेट वीरेंद्र की रिहाई की मांग कर रहे थे। बार के प्रधान विजय गौतम ने कहा कि माली माजरा में तीन दिन पहले हुए योगा टीचर रविश की हत्या में एडवोकेट वीरेंद्र को बिना जांच किए गिरफ्तार किया गया है। यह गलत है। कहा कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच करके उनके साथी एडवोकेट वीरेंद्र को रिहा नहीं किया जाता तब तक उनका धरना जारी रहेगा। मौके पर एडवोकेट विजय दीप, एडवोकेट मंदीप, एडवोकेट अभिलाषा कोहली, एडवोकेट विनय, एडवोकेट दिनेश चौहान, एडवोकेट सुभाष, एडवोकेट धूमसिंह व एडवोकेट प्रदीप कुमार आदि मौजूद थे।
विज्ञापन

एसपी से मिला प्रतिनिधिमंडल
लघु सचिवालय में अनिश्चितकाल के लिए चलने वाले धरना डेढ़ घंटे के भीतर ही समाप्त हो गया। धरने पर बैठने के बाद बार एसोसिएशन प्रधान विजय गौतम के नेतृत्व में वकीलों का पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल एसपी राजेश कालिया से मिलने उनके कार्यालय पहुंचा। एसपी ने उन्हें मामले की निष्पक्ष जांच करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यदि जांच में एडवोकेट वीरेंद्र निर्दोष पाए गए तो उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। इसके बाद बार एसोसिएशन के सदस्यों ने अपना धरना समाप्त कर दिया और लघु सचिवालय में बिछाई गई दरियां समेट लीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये है पूरा मामला
23-24 जुलाई की मध्यरात्रि माली माजरा के रविश कांबोज की हत्या कर दी गई थी। सुबह के समय उसका खून से लथपथ शव गांव के नजदीक गन्ने के खेत से मिला था। रविश की पीठ में चाकू घोंपने के निशान थे। मृतक के पिता का कहना था कि उसके बेटे को उसका दोस्त विरेंद्र कुमार उर्फ मोनू कार में बिठाकर कहीं ले गया था, उसके बाद उसके पास उसके भाई के बेटे मोंटी ने फोन कर उसके बेटे को मारने की धमकी दी थी। मामले में परिजनों की शिकायत के आधार पर थाना बुड़िया पुलिस ने माली माजरा के एडवोकेट वीरेंद्र उर्फ मोनू, माली माजरा के मोंटी, अमादलपुर के पपन राणा व भूखड़ी के कुलदीप कांबोज के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। बाद में मामले की जांच का जिम्मा एसपी राजेश कालिया ने सीआईए-2 को दी। सीआईए पुलिस ने चारों आरोपियाें को गिरफ्तार कर बुधवार को कोर्ट में पेश किया था, जहां से एडवोकेट को जेल भेज दिया गया, जबकि बाकी को रिमांड पर लिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed