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104 वर्ष के बुजुर्ग वैद्य रामलाल ने लगवाई कोरोना वैक्सीन
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यमुनानगर। कोरोना महामारी पर विजय पाने के लिए लोग कोरोना वैक्सीन लगवाकर अपने आपको सुरक्षित कर रहे हैं। सोमवार को जिले के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति रामलाल ने मंदिर में आयोजित विशेष कैंप में पहुंचकर सीएमओ की मौजूदगी में वैक्सीन लगवाई। इस दौरान उन्होंने अन्य लोगों को भी वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित किया। सिविल सर्जन डॉ. सीएमओ विजय दहिया ने बताया कि आधार कार्ड के मुताबिक रामलाल 104 साल के हैं। जबकि वे अपनी आयु 110 वर्ष बताते हैं। वे मॉडल टाउन में रहकर लंबे समय से आयुर्वेदिक प्रैक्टिस करते हैं। उन्होंने बताया कि वैक्सीन लेने के बाद वैद्य रामलाल पूरी तरह स्वस्थ है।
वैद्य रामलाल ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में कई महामारी देखी हैं। बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन से ही किसी भी महामारी से जल्द निपटा जा सकता है। उन्होंने बताया कि दशकों पहले चिकित्सा सुविधा बहुत की कम होती थी, साथ ही जागरूकता नहीं थी। ऐसे में सरकार को वैक्सीनेशन में काफी दिक्कतें होती थी। हालांकि उन्होंने बताया कि महामारियों से निपटने में आयुर्वेद ने भी अच्छा काम किया है। पुरानी पद्धति होने की वजह से यह काफी विश्वसनीय है और इलाज भी बेहतर होता है। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन से कम समय में ज्यादा जनसंख्या को कवर किया जा सकता है। इसलिए ऐलोपैथी के दौर में ज्यादातर महामारियों को टीके से ही निपटा जा सका है। उन्होंने आमजन से कहा कि वे सरकार की हिदायतों का पालन करें और ज्यादा से ज्यादा लोग वैक्सीन लगवाने के लिए आगे आएं। वैद्य रामलाल के रिश्तेदार नरेश उप्पल ने बताया कि अभी भी नब्ज देख कर कर इलाज करते हैं और अभी भी स्वयं सब कुछ पढ़ लिख सकते हैं।
-सीएमओ डॉ. विजय दहिया ने बताया कि जिले में अभी तक 2,41000 लोगों को वैक्सीन लग चुकी है, जिसमें से 2 लाख लोगों को पहली डोज और 41 हजार लोगों को दूसरा डोज दी जा चुकी है। लोगों की सहूलियत के लिए अलग-अलग इलाकों में कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।
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वैद्य रामलाल ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में कई महामारी देखी हैं। बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन से ही किसी भी महामारी से जल्द निपटा जा सकता है। उन्होंने बताया कि दशकों पहले चिकित्सा सुविधा बहुत की कम होती थी, साथ ही जागरूकता नहीं थी। ऐसे में सरकार को वैक्सीनेशन में काफी दिक्कतें होती थी। हालांकि उन्होंने बताया कि महामारियों से निपटने में आयुर्वेद ने भी अच्छा काम किया है। पुरानी पद्धति होने की वजह से यह काफी विश्वसनीय है और इलाज भी बेहतर होता है। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन से कम समय में ज्यादा जनसंख्या को कवर किया जा सकता है। इसलिए ऐलोपैथी के दौर में ज्यादातर महामारियों को टीके से ही निपटा जा सका है। उन्होंने आमजन से कहा कि वे सरकार की हिदायतों का पालन करें और ज्यादा से ज्यादा लोग वैक्सीन लगवाने के लिए आगे आएं। वैद्य रामलाल के रिश्तेदार नरेश उप्पल ने बताया कि अभी भी नब्ज देख कर कर इलाज करते हैं और अभी भी स्वयं सब कुछ पढ़ लिख सकते हैं।
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-सीएमओ डॉ. विजय दहिया ने बताया कि जिले में अभी तक 2,41000 लोगों को वैक्सीन लग चुकी है, जिसमें से 2 लाख लोगों को पहली डोज और 41 हजार लोगों को दूसरा डोज दी जा चुकी है। लोगों की सहूलियत के लिए अलग-अलग इलाकों में कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।
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