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10 साल का निशांत डीएमडी बीमारी से ग्रस्त, 16 करोड़ का टीका लगे तो मिले नई जिंदगी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 05 Mar 2022 02:14 AM IST
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10 year old Nishant suffering from DMD disease, get new life if 16 crores is vaccinated
निशांत अपनी मां सीमा शर्मा के साथ। फाइल फोटो - फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। जगाधरी की विजय नगर कॉलोनी में रहने वाला 10 साल का निशांत शर्मा डीएमडी (ड्यूचेनी मस्कुलर डिस्ट्रॉफी) जैसी घातक बीमारी से ग्रस्त है। निशांत जब चार साल का था तो परिजनों को इस बीमारी का पता चला था। परिजन अपने बेटे को इस बीमारी से छुटकारा दिलाना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने मकान और कार भी बेच दिया, लेकिन अब वे बेबस और लाचार हैं। कारण कि बीमारी के उपचार मेें जो टीका लगाया जाता है, उसकी कीमत 16 करोड़ रुपये है। ऐसे में अब परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल से बेटे के इलाज में मदद की गुहार लगाई है।
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चौथी कक्षा में पढ़ने वाले निशांत के पिता सोनू शर्मा जगाधरी नगर निगम में कार्यरत हैं। बीमारी से ग्रस्त होने के कारण निशांत उठकर बैठ भी नहीं पाता है। सोनू शर्मा के मुताबिक जब निशांत 2017 में चार साल का हुआ तब वह एक पैर की ऐड़ी उठाकर चलने लगा था। इसके बाद दोनों पैरों में यह दिक्कत आने लगी। इस पर उन्होंने गांव दड़वा में किसी डाक्टर को दिखाया। तब डाक्टर ने सीपीके टेस्ट करवाने के लिए बोला। रिपोर्ट में सीपीके 70 हजार से अधिक मिला। इसके बाद उन्होंने निशांत को चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया। सोनू शर्मा बताते हैं कि पीजीआई वालों ने बीमारी का पता लगाने के लिए निशांत का ब्लड सैंपल लेकर हैदराबाद लैब में भेजा। एक माह बाद डीएमडी की रिपोर्ट पॉजीटिव आई। तब पीजीआई के डाक्टरों ने उन्हें बताया कि उनका बेटे घातक बीमारी से ग्रस्त है। भारत में इस बीमारी पर शोध चल रहे हैं, हालांकि अमेरिका में इसका इलाज उपलब्ध है जिसके लिए टीके की कीमत करीब 16 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
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इलाज के लिए मकान और कार भी बेचा
पिता सोनू शर्मा बताते हैं बेटे निशांत के लिए उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। यहां तक कि बेटे का इलाज करवाने के लिए मकान और कार भी बेच डाला है। हालात यह हो गये कि जो घर अपना था, अब उसी में किराया देकर रहना पड़ रहा है। बेटे के इलाज के लिए अब पैसे नहीं रहे। उन्होंने बताया कि पत्नी सीमा शर्मा भी एलआईसी एजेंट का काम करती थीं, लेकिन बेटे की देखभाल के लिए उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी।
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ये है डीएमडी बीमारी
डीएमडी (ड्यूचेनी मस्कुलर डिस्ट्रॉफी) एक वंशानुगत बीमारी है, जिसमें पैरों और कूल्हों की मासपेशियां कमजोर होती हैं और कुछ समय बाद पूरा शरीर इससे प्रभावित होता है। डीएमडी एक मासपेशियों के दुर्विकास का सामान्य रूप है। यह ज्यादातर लड़कों में पाई जाती है।

वर्जन
डीएमडी काफी घातक बीमारी होती है, जो ज्यादातर लड़कों में ही होती है। इस बीमारी का कोई इलाज नहीं, चूंकि यह उम्र के हिसाब से बढ़ती चली जाती है। इसके उपचार में बच्चे को जोल्जनसमा टीका लगाया जाता है। विदेश में यह टीका दो मिलियन डॉलर यानी 15 से 16 करोड़ रुपये का होता है।
- डॉ. विजय दहिया, बाल रोग विशेषज्ञ, पूर्व सिविल सर्जन।
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