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कंप्यूटर से भी तेज चलता है इस शख्स का दिमाग
अमर उजाला,पंचकूला
Updated Thu, 05 Dec 2013 12:13 PM IST
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आज हर कोई छोटी-बड़ी जानकारी या गणना के लिए कंप्यूटर की सहायता लेता है, लेकिन राजेश परमार ने नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड्स के लिए दावा किया है।
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बुधवार को ई-मैक्स इंस्टीट्यूशन में इस मेमोरी ब्वाय ने वह कर दिखाया, जिसे देखकर सब हैरान हो गए।
इस कार्यक्रम में मेमोरी की कैटेगिरी में गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड्स में अपना नाम दर्ज करा चुके मोहम्मद फैजल भी उपस्थित थे। परमार ने एक मिनट में कई देशों की राजधानी व शहरों को पहचाना।
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उन्होंने यूके के रिचार्ड ओसमान के रिकार्ड को भी चैलेंज किया है। इंस्टीट्यूशन की विभिन्न शाखाओं के करीब 200 विद्यार्थी इस प्रतिभा परख के गवाह बने।
राजेश परमार अपने देश में मेमोरी ब्वाय के नाम से जाने जाते हैं। याददाश्त के क्षेत्र में परमार गतिशील उपलब्धियां हासिल करने वाले युवा हैं।
उनका नाम वर्ष 2006-2007 में इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में भी शामिल हो चुका है। उनके द्वारा लिखित पुस्तक मास्टर की टू मास्टर योर ब्रैन में मस्तिक, मन और शरीर की अपार क्षमता को जानने का सरल और स्पष्ट तरीके से वर्णन किया गया है।
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इच्छाशक्ति मजबूत हो तो सफलता तय
पत्रकारों से बातचीत में राजेश नें अपनी उपलब्धियों का श्रेय परिजनों को दिया। वह मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के छोटे से गांव खाचरोद से हैं। उन्होंने 10 वर्ष की आयु में मलखांब में नेशनल चैंपियनशिप जीती।
उन्होंने 2006 में पूरी दुनिया के आईएसडी कोड याद रखकर इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो कुछ भी करना असंभव नहीं है।