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पत्नी के हत्यारे को उम्रकैद
सिरसा/ब्यूरो
Updated Fri, 25 Oct 2013 09:55 PM IST
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरपी गोयल की अदालत ने एक महिला की हत्या के मामले में दोषी पति को उम्रकै द की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 75 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
मामले के अनुसार 27 अक्तूबर 2010 को चतरगढ़पट्टी के जलघर में एक महिला का सिर विहीन शव पुलिस ने बरामद किया था। उससे कुछ दिन पहले ही गांव झोपड़ा के पास एक बोरे में बंद महिला का सिर मिला था। पुलिस ने सिर और धड़ मिलने की कड़ी को आपस में जोड़कर जांच शुरू की तो मृतका की पहचान रानी देवी पत्नी सतपाल निवासी चतरगढ़पट्टी के रूप हुई थी।
पुलिस ने 29 अक्तूबर 2010 को सतपाल को गिरफ्तार करके पूछताछ की तो पता चला था कि वह पत्नी के चरित्र पर शक करता था। इसी को लेकर उसने 21 अक्तूबर को अपनी पत्नी के सिर पर कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी और शव को खुर्द-बुर्द करने के लिए चतरगढ़पट्टी के जलघर में धड़ फेंक दिया जबकि सिर एक बोरे में बंद कर गांव झोपड़ा के पास सुनसान जगह पर फेंक दिया।
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बाद में शव की पहचान सतपाल के बेटे और रिश्तेदारों ने की थी। अदालत ने वीरवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए गवाहों के बयानों और पुलिस द्वारा पेश सबूतों के आधार पर सतपाल पुत्र जीतराम को उम्रकैद की सजा सुनाई।
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मामले के अनुसार 27 अक्तूबर 2010 को चतरगढ़पट्टी के जलघर में एक महिला का सिर विहीन शव पुलिस ने बरामद किया था। उससे कुछ दिन पहले ही गांव झोपड़ा के पास एक बोरे में बंद महिला का सिर मिला था। पुलिस ने सिर और धड़ मिलने की कड़ी को आपस में जोड़कर जांच शुरू की तो मृतका की पहचान रानी देवी पत्नी सतपाल निवासी चतरगढ़पट्टी के रूप हुई थी।
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पुलिस ने 29 अक्तूबर 2010 को सतपाल को गिरफ्तार करके पूछताछ की तो पता चला था कि वह पत्नी के चरित्र पर शक करता था। इसी को लेकर उसने 21 अक्तूबर को अपनी पत्नी के सिर पर कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी और शव को खुर्द-बुर्द करने के लिए चतरगढ़पट्टी के जलघर में धड़ फेंक दिया जबकि सिर एक बोरे में बंद कर गांव झोपड़ा के पास सुनसान जगह पर फेंक दिया।
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बाद में शव की पहचान सतपाल के बेटे और रिश्तेदारों ने की थी। अदालत ने वीरवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए गवाहों के बयानों और पुलिस द्वारा पेश सबूतों के आधार पर सतपाल पुत्र जीतराम को उम्रकैद की सजा सुनाई।