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पश्चिमी उत्तर प्रदेश को हरियाणा में मिलाने से होगी शांति
जींद/अमरजीत एस. गिल
Updated Wed, 09 Oct 2013 10:08 PM IST
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डेढ़ महीने से दंगों की आग में झुलस रहे पश्चिम उत्तर प्रदेश के हालातों में आशातीत सुधार न होने पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को हरियाणा में शामिल कर दिया जाए ताकि लाखों लोग शांति से रह सकें।
नरेश टिकैत बुधवार को हरियाणा के जिला जींद के गांव कंडेला में कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए आयोजित की महापंचायत में आए हुए थे।
महापंचायत के बाद ‘अमर उजाला’ से बातचीत में टिकैत ने कहा कि बिजनौर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, शामली, सहारनपुर, गाजियाबाद, नोयडा, हापुड़ जिलों को केेंद्र सरकार ने हरियाणा में शामिल कर देना चाहिए क्योंकि लाखों लोगों की अस्मत का सवाल है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार एक वर्ग विशेष के लोगों की सहायता कर रही है, जबकि दूसरे वर्ग को कुचल रही है। उन्होंने कहा कि सवा डेढ़ महीने में पूरा पश्चिम उत्तर प्रदेश दंगों की आग में झुलस रहा है और केंद्र सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
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टिकैत ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा की संस्कृति एक समान है। हरियाणा मेें शांति है। वहीं, उत्तर प्रदेश में ऐसा नहीं है।
कोई आदमी घर से बाहर निकलता है तो यह तसल्ली नहीं होती है कि वह शाम को घर वापस आ जाएगा। हरियाणा में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार अमन और शांति से विकास कार्य करवा रही है।
उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार ठीक इसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि पश्चिम उत्तर प्रदेश के लोगों के पास एक ही विकल्प शेष है कि उसको हरियाणा में शामिल किया जाए।
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नरेश टिकैत बुधवार को हरियाणा के जिला जींद के गांव कंडेला में कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए आयोजित की महापंचायत में आए हुए थे।
महापंचायत के बाद ‘अमर उजाला’ से बातचीत में टिकैत ने कहा कि बिजनौर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, शामली, सहारनपुर, गाजियाबाद, नोयडा, हापुड़ जिलों को केेंद्र सरकार ने हरियाणा में शामिल कर देना चाहिए क्योंकि लाखों लोगों की अस्मत का सवाल है।
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उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार एक वर्ग विशेष के लोगों की सहायता कर रही है, जबकि दूसरे वर्ग को कुचल रही है। उन्होंने कहा कि सवा डेढ़ महीने में पूरा पश्चिम उत्तर प्रदेश दंगों की आग में झुलस रहा है और केंद्र सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
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टिकैत ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा की संस्कृति एक समान है। हरियाणा मेें शांति है। वहीं, उत्तर प्रदेश में ऐसा नहीं है।
कोई आदमी घर से बाहर निकलता है तो यह तसल्ली नहीं होती है कि वह शाम को घर वापस आ जाएगा। हरियाणा में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार अमन और शांति से विकास कार्य करवा रही है।
उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार ठीक इसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि पश्चिम उत्तर प्रदेश के लोगों के पास एक ही विकल्प शेष है कि उसको हरियाणा में शामिल किया जाए।