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सिंगापुर के विशेषज्ञ सिखाएंगे जल प्रबंधन का गुर
प्रवीण कुमार/ अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Wed, 05 Feb 2014 01:15 PM IST
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गुड़गांव में जल प्रबंधन के लिए सिंगापुर के विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। विशेषज्ञों के एक दल ने शहर का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। नगर निगम आयुक्त डॉ. प्रवीण कुमार ने विशेषज्ञों को पानी की वस्तुस्थिति से अवगत कराया।
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गुड़गांव में दिल्ली की तर्ज पर जल बोर्ड के गठन को करीब-करीब मंजूरी मिल गई है। निगमायुक्त के सुझाव पर मुख्य सचिव एसी चौधरी ने इसकी पैरवी कर इसे सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी है। निगम सदन की बैठक में भी जल बोर्ड के गठन का प्रस्ताव पास कर सरकार को भेजा जा चुका है। इसके गठन की दिशा में तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के बीच सिंगापुर के विशेषज्ञों की मदद मांगी गई है। निगमायुक्त डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि जल प्रबंधन गुड़गांव जैसे शहर के लिए अति आवश्यक है। यहां आने वाले 10-15 सालों में पानी का घोर संकट होता दिख रहा है।
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इससे पहले ही स्थिति को सुधरना होगा। जल बोर्ड के बाद इस संकट को टाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि सीवेज और दूसरे तरीकों से हजारों मीट्रिक गैलन पानी प्रतिदिन बर्बाद हो रहा है। उसका प्रबंधन कर शहरवासियों को पानी की किल्लत से बचाया जा सकता है। यह तभी संभव है जब यहां जल प्रबंधन बोर्ड गठित किया जाए। गुड़गांव में स्थिति दूसरे शहरों से भिन्न है। यहां शहर दो हिस्सों में बंटा है। जिसे नया और पुराना नाम दिया गया है। यहां विडंबना यह है कि पानी की सप्लाई पुराने शहर से नए शहर में की जा रही है जबकि सीवर का फ्लो नए से पुराने शहर में है। यह एक प्रकार से चुनौति पूर्ण है।
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इसीलिए विशेषज्ञों की सलाह और मदद ली जा रही है। सिंगापुर के विशेषज्ञ मार्कस लिम और स्टेनली सैमुअल सिंगापुर सहित चीन, मलेशिया, वियतनाम, फिलीपिंस और भारत के जबलपुर में जल प्रबंधन पर काम कर चुके हैं। इनके पास हर स्थिति से निपटने का अनुभव है। लिहाजा यहां जल प्रबंधन के लिए इनकी मदद ली जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आबादी, जरूरत, स्त्रोत, मौजूदा व्यय आदि तमाम विषयों पर स्टडी की जा रही है।