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लावारिस पशुओं के लिए दो गांव आमने-सामने
डबवाली/सिरसा/ब्यूरो
Updated Thu, 26 Dec 2013 11:00 PM IST
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हरियाणा के जिला सिरसा के डबवाली उपमंडल में लावारिस पशुओं के लिए दो गांवों के ग्रामीण लाठियां-डंडे लेकर आमने-सामने हो गए। इससे तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
पुलिस बल ने टकराव टाला। चार घंटा चली पंचायत के बाद फै सला हुआ कि आवारा पशुओं को मसीतां गउशाला भेजा जाए, तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ।
डबवाली-कालांवाली मार्ग पर बसे गांव हैबूआना के निकट चार दिन पूर्व अज्ञात व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर लावारिस पशु छोड़ गए। अधिकतर पशु खेतों में घुस गए, जिससे फसलें खराब होने लगीं।
अपनी फसल को बचाने के लिए हैबूआना के किसानों ने वीरवार सुबह 18 लावारिस पशुओं को गांव नीलियांवाली की ओर खदेड़ना शुरू कर दिया।
किसान पशुओं को खदेड़ते हुए गांव की सीमा तक जा पहुंचे। किसानों को ऐसा करते गांव नीलियांवाली के किसान हरदीप सिंह ने देख लिया।
उसने तत्काल इसकी जानकारी गांव के सरपंच मुखपाल सिंह को दी। सरपंच कुछ ग्रामीणों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे।
सरपंच मुखपाल ने नीलियांवाली-हैबूआना मार्ग पर मौजगढ़ माइनर के पुल पर अपना ट्रैक्टर तिरछा करके खड़ा कर दिया।
इसके बाद मौके पर दोनों गांवों के 200 ग्रामीण जमा हो गए। इससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
दोनों गांवों में तनाव की सूचना मिलते ही एसआई रतन सिंह पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे।
चार घंटा तक चली पंचायत
पुलिस के सामने ग्रामीण काफी समय तक आपस में उलझते रहे। बाद में दोनों गांवों की पंचायत हुई, जिसमें प्रमुख ग्रामीणों को शामिल किया गया।
करीब चार घंटे तक चली पंचायत के बाद फैसला सामने आया। लावारिस पशुओं को गांव मसीतां स्थित गउशाला में भेजने पर दोनों पंचायतें राजी हो गईं।
समझौते में तय हुआ कि 18 लावारिस पशुओं को गांव हैबूआना के ग्रामीण गांव मसीतां स्थित गउशाला में पहुंचाएंगे।
पशुओं की देखभाल के लिए दोनों पंचायतें कुल 12 हजार रुपये नकद या चारा गउशाला को दान स्वरूप देंगी।
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पुलिस बल ने टकराव टाला। चार घंटा चली पंचायत के बाद फै सला हुआ कि आवारा पशुओं को मसीतां गउशाला भेजा जाए, तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ।
डबवाली-कालांवाली मार्ग पर बसे गांव हैबूआना के निकट चार दिन पूर्व अज्ञात व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर लावारिस पशु छोड़ गए। अधिकतर पशु खेतों में घुस गए, जिससे फसलें खराब होने लगीं।
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अपनी फसल को बचाने के लिए हैबूआना के किसानों ने वीरवार सुबह 18 लावारिस पशुओं को गांव नीलियांवाली की ओर खदेड़ना शुरू कर दिया।
किसान पशुओं को खदेड़ते हुए गांव की सीमा तक जा पहुंचे। किसानों को ऐसा करते गांव नीलियांवाली के किसान हरदीप सिंह ने देख लिया।
उसने तत्काल इसकी जानकारी गांव के सरपंच मुखपाल सिंह को दी। सरपंच कुछ ग्रामीणों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे।
सरपंच मुखपाल ने नीलियांवाली-हैबूआना मार्ग पर मौजगढ़ माइनर के पुल पर अपना ट्रैक्टर तिरछा करके खड़ा कर दिया।
इसके बाद मौके पर दोनों गांवों के 200 ग्रामीण जमा हो गए। इससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
दोनों गांवों में तनाव की सूचना मिलते ही एसआई रतन सिंह पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे।
चार घंटा तक चली पंचायत
पुलिस के सामने ग्रामीण काफी समय तक आपस में उलझते रहे। बाद में दोनों गांवों की पंचायत हुई, जिसमें प्रमुख ग्रामीणों को शामिल किया गया।
करीब चार घंटे तक चली पंचायत के बाद फैसला सामने आया। लावारिस पशुओं को गांव मसीतां स्थित गउशाला में भेजने पर दोनों पंचायतें राजी हो गईं।
समझौते में तय हुआ कि 18 लावारिस पशुओं को गांव हैबूआना के ग्रामीण गांव मसीतां स्थित गउशाला में पहुंचाएंगे।
पशुओं की देखभाल के लिए दोनों पंचायतें कुल 12 हजार रुपये नकद या चारा गउशाला को दान स्वरूप देंगी।