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दादी-पोती के हत्यारों को उम्रकैद
फतेहाबाद/ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jan 2014 09:02 PM IST
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश एससी गोयल की अदालत ने जमालपुर शेखां के बहुचर्चित दादी-पोती हत्याकांड में मृतका के पुत्र व उसके दो साथियों को बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने मृतका के पुत्र को 26 हजार और उसके साथियाें 22-22 हजार रुपये का जुर्माना किया है। जमालपुर शेखां निवासी 80 वर्षीय कुलवंत कौर की 13 दिसंबर 2010 को हत्या हो गई थी। हत्या के बाद से उसकी 18 वर्षीय पोती मनजीत कौर गायब थी।
कुलवंत कौर के पुुत्र सुखदेव सिंह ने अपनी भतीजी मनजीत कौर व उसके प्रेमी पर हत्या का मामला दर्ज करवाया था। सुखदेव सिंह ने पुलिस को बताया था कि उसकी भतीजी अपने प्रेमी से शादी करना चाहती थी और कुलवंत कौर इस शादी के खिलाफ थी। इस कारण मनजीत कौर ने अपनी दादी की हत्या कर दी और घर में रखे गहने लेकर अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई।
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मनजीत कौर के माता-पिता का कुछ समय पूर्व देहांत हो गया था और वह अपनी दादी के पास रह रही थी। वृद्धा की मौत के बाद पुलिस ने मनजीत कौर के प्रेमी को काबू कर लिया और पूछताछ में पता चला कि उसने हत्या नहीं की है। इस पर शक के आधार पर पुलिस ने सुखदेव सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सुखदेव सिंह ने पुलिस को बताया कि उसने अपने साथी पंजाब के गांव सतराणा निवासी भूपेंद्र व गुरजीत के साथ मिलकर पहले दादी की हत्या की और बाद में पोती की हत्या कर दी।
मनजीत कौर को आरोपियाें ने घर में ही दबा दिया। पुलिस ने सुखदेव व उसके दोनों साथियाें पर हत्या करने व शव को खुर्द-बुर्द करने का मामला दर्ज कर तीनाें को गिरफ्तार कर लिया।
बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश एससी गोयल की अदालत ने मृतका के पुत्र सुखदेव सिंह व उसके दो साथियों भूपेंद्र व गुरजीत को आजीवन कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई है।
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अदालत ने मृतका के पुत्र को 26 हजार और उसके साथियाें 22-22 हजार रुपये का जुर्माना किया है। जमालपुर शेखां निवासी 80 वर्षीय कुलवंत कौर की 13 दिसंबर 2010 को हत्या हो गई थी। हत्या के बाद से उसकी 18 वर्षीय पोती मनजीत कौर गायब थी।
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कुलवंत कौर के पुुत्र सुखदेव सिंह ने अपनी भतीजी मनजीत कौर व उसके प्रेमी पर हत्या का मामला दर्ज करवाया था। सुखदेव सिंह ने पुलिस को बताया था कि उसकी भतीजी अपने प्रेमी से शादी करना चाहती थी और कुलवंत कौर इस शादी के खिलाफ थी। इस कारण मनजीत कौर ने अपनी दादी की हत्या कर दी और घर में रखे गहने लेकर अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई।
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मनजीत कौर के माता-पिता का कुछ समय पूर्व देहांत हो गया था और वह अपनी दादी के पास रह रही थी। वृद्धा की मौत के बाद पुलिस ने मनजीत कौर के प्रेमी को काबू कर लिया और पूछताछ में पता चला कि उसने हत्या नहीं की है। इस पर शक के आधार पर पुलिस ने सुखदेव सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सुखदेव सिंह ने पुलिस को बताया कि उसने अपने साथी पंजाब के गांव सतराणा निवासी भूपेंद्र व गुरजीत के साथ मिलकर पहले दादी की हत्या की और बाद में पोती की हत्या कर दी।
मनजीत कौर को आरोपियाें ने घर में ही दबा दिया। पुलिस ने सुखदेव व उसके दोनों साथियाें पर हत्या करने व शव को खुर्द-बुर्द करने का मामला दर्ज कर तीनाें को गिरफ्तार कर लिया।
बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश एससी गोयल की अदालत ने मृतका के पुत्र सुखदेव सिंह व उसके दो साथियों भूपेंद्र व गुरजीत को आजीवन कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई है।