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सड़क पर उतरे हजारों कर्मचारी
भिवानी/ब्यूरो।
Updated Fri, 08 Nov 2013 09:30 PM IST
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हरियाणा कर्मचारी तालमेल कमेटी के बैनर तले विभिन्न विभागों के हजारों कर्मचारियों ने अपनी मांगों के लिए शहर में प्रदर्शन किया।
साथ ही जिला मुख्यालय पर धरना भी दिया गया। आंदोलनकारियों ने चेताया कि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गई तो 13 नवंबर को प्रदेश भर में हड़ताल की जाएगी।
शुक्रवार को बड़ी संख्या में कर्मचारी नेहरू पार्क में एकत्रित हुए।
इसके बाद जुलूस के रूप में हांसी गेट, पुराना बस अड्डा होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे।
वहां उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धरने पर बैठ गए।
धरने की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान जयप्रकाश परमार और हरियाणा कर्मचारी महासंघ के जिला प्रधान संजीव मंदौला ने की।
मंच का संचालन सचिव मास्टर सुखदर्शन सरोहा और सचिव राजपाल चाहर ने किया।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि हरियाणा के कर्मचारियों के लिए पंजाब की तर्ज पर वेतन आयोग का गठन किया जाए।
छठे वेतन आयोग के भेदभाव को दूर करते हुए प्रदेश के कर्मचारियों को केंद्र के समान वेतन ग्रेड-पे और भत्ते दिए जाएं।
29 जुलाई 2011 को अधिसूचित रेगूलाइजेशन की नीति में संशोधन करके दो वर्ष की सेवा पूरी कर चुके सभी पार्ट टाइम, डेलीवेजेज अनुबंध, तदर्थ आधार पर लगे कर्मचारी और शिक्षकों को बिना शर्त नियमित किया जाए।
केंद्रीय कमेटी सदस्य, मास्टर वजीर सिंह, महेश रोहिल्ला, रत्न कुमार जिंदल, मास्टर शक्ति सिंह ने कहा कि हरियाणा के लिपिक, चतुर्थ श्रेणी, पुलिस, राजस्व व वन विभाग के कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान दिया जाए, रोडवेज के 3519 निजी रूट परमिटों को निजी हाथों में देने के निर्णय को रद्द किया जाए।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड यूनियन नेता ऋषिराम शर्मा और ओमबीर नेहरा ने कहा कि अगर 12 नवंबर तक सभी मांगों का समाधान नहीं किया जाता है तो 13 नवंबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल होगी।
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13 और 14 नवंबर को रोडवेज का चक्काजाम किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों को नरेंद्र दिनोद, ओमप्रकाश ग्रेवाल, विनोद सोनी, सुभाष कौशिक, करतार सिंह ग्रेवाल, जयबीर नाफरिया, संदीप सांगवान, रामनिवास कौशिक, ऋषिराम शर्मा, ओमबीर नेहरा, जगरोशन, सत्यवाना शास्त्री, विजय दहिया, रामकुमार सहाय, आजाद सिवाच, गंगाराम श्योराण, दुलीचंद यादव ने भी संबोधित किया।
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साथ ही जिला मुख्यालय पर धरना भी दिया गया। आंदोलनकारियों ने चेताया कि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गई तो 13 नवंबर को प्रदेश भर में हड़ताल की जाएगी।
शुक्रवार को बड़ी संख्या में कर्मचारी नेहरू पार्क में एकत्रित हुए।
इसके बाद जुलूस के रूप में हांसी गेट, पुराना बस अड्डा होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे।
वहां उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धरने पर बैठ गए।
धरने की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान जयप्रकाश परमार और हरियाणा कर्मचारी महासंघ के जिला प्रधान संजीव मंदौला ने की।
मंच का संचालन सचिव मास्टर सुखदर्शन सरोहा और सचिव राजपाल चाहर ने किया।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि हरियाणा के कर्मचारियों के लिए पंजाब की तर्ज पर वेतन आयोग का गठन किया जाए।
छठे वेतन आयोग के भेदभाव को दूर करते हुए प्रदेश के कर्मचारियों को केंद्र के समान वेतन ग्रेड-पे और भत्ते दिए जाएं।
29 जुलाई 2011 को अधिसूचित रेगूलाइजेशन की नीति में संशोधन करके दो वर्ष की सेवा पूरी कर चुके सभी पार्ट टाइम, डेलीवेजेज अनुबंध, तदर्थ आधार पर लगे कर्मचारी और शिक्षकों को बिना शर्त नियमित किया जाए।
केंद्रीय कमेटी सदस्य, मास्टर वजीर सिंह, महेश रोहिल्ला, रत्न कुमार जिंदल, मास्टर शक्ति सिंह ने कहा कि हरियाणा के लिपिक, चतुर्थ श्रेणी, पुलिस, राजस्व व वन विभाग के कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान दिया जाए, रोडवेज के 3519 निजी रूट परमिटों को निजी हाथों में देने के निर्णय को रद्द किया जाए।
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड यूनियन नेता ऋषिराम शर्मा और ओमबीर नेहरा ने कहा कि अगर 12 नवंबर तक सभी मांगों का समाधान नहीं किया जाता है तो 13 नवंबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल होगी।
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13 और 14 नवंबर को रोडवेज का चक्काजाम किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों को नरेंद्र दिनोद, ओमप्रकाश ग्रेवाल, विनोद सोनी, सुभाष कौशिक, करतार सिंह ग्रेवाल, जयबीर नाफरिया, संदीप सांगवान, रामनिवास कौशिक, ऋषिराम शर्मा, ओमबीर नेहरा, जगरोशन, सत्यवाना शास्त्री, विजय दहिया, रामकुमार सहाय, आजाद सिवाच, गंगाराम श्योराण, दुलीचंद यादव ने भी संबोधित किया।