{"_id":"66500d58-af69-11e2-93d9-d4ae52bc57c2","slug":"tatkal-ticket-for-railway-minister-pawan-bansal","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेल मंत्री के तत्काल टिकट के लिए देनी पड़ी सुविधा शुल्क ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेल मंत्री के तत्काल टिकट के लिए देनी पड़ी सुविधा शुल्क
आशीष तिवारी/चंडीगढ़
Updated Sun, 28 Apr 2013 12:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेलवे स्टेशन पर दलालों की हिम्मत इतनी बढ़ चुकी है कि उन्होंने रेल मंत्री पवन बंसल और उनके परिवार के तत्काल टिकट के लिए लाइन में खड़े न होने के नाम का सुविधा शुल्क तक मांग लिया।
विज्ञापन
यह गोरखधंधा चल रहा है चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर।
यहां दलाल रात को ही तत्काल टिकट के लिए लाइन में खड़े होने का नंबर अलॉट कर देते हैं। सुबह यात्री किसी भी समय आकर उसी नंबर पर लाइन में खड़ा हो जाता है और तत्काल टिकट बनवा लेता है और कई घंटे पहले लाइन में खड़े दूसरे लोग बस ताकते रह जाते हैं।
विज्ञापन
गोरखधंधे का पर्दाफाश
शुक्रवार रात को अमर उजाला ने रेलमंत्री के शहर में चल रहे इस गोरखधंधे का पर्दाफाश किया।
संवाददाता ने दलाल के रजिस्टर में तत्काल की लाइन में लगने के लिए रेलमंत्री पवन बंसल, उनकी पत्नी मधु बंसल और बेटे मनीष बंसल का नाम लिखवा दिया।
दलाल ने उन्हें लाइन में लगने का 10, 11 और 12 नंबर भी अलॉट कर दिया और कहा कि बंसल को कहना, आधी रात के बाद किसी भी समय आ जाना और लाइन में इन नंबरों पर खड़े हो जाना।
विज्ञापन
इसके बदले यात्रियों से 25 से लेकर 100 रुपये तक शुल्क वसूला जा रहा है। संवाददाता द्वारा रेलवे अधिकारियों को जब इस बारे में बताया गया तो हड़कंप मच गया।
ऐसे काम करते हैं दलाल
अमर उजाला को सूचना मिली कि चंडीगढ़ स्टेशन के पंचकूला एंड पर बने रिजर्वेशन काउंटर के बाहर कुछ लोग रोजाना तत्काल के नाम पर खेल चला रहे हैं।
तत्काल का काउंटर सुबह 10 बजे खुलता है और 10-15 मिनट में ही सारे टिकट खत्म हो जाते हैं। इस वजह से लोग तत्काल टिकट लेने के लिए रात से ही लाइन में लग जाते हैं।
अमर उजाला संवाददाता शुक्रवार रात लगभग 11 बजे रिजर्वेशन काउंटर पहुंचा। वहां एक शख्स चादर बिछाए हुए बैठा था। बातचीत में उसने बताया कि अगर आप पूरी रात लाइन में नहीं खड़े होना चाहते हो तो कागज पर नाम लिख दो। सुबह उसी नंबर पर आकर खड़े हो जाना।
संवाददाता ने कागज पर बाकायदा रेलमंत्री पवन बंसल, उनकी पत्नी मधु बंसल और उनके बेटे मनीष बंसल का नाम टिकट लेने के लिए लिख दिया।
उक्त शख्स ने कहा कि थोड़ी देर बाद एक व्यक्ति आएगा, उसे सौ रुपये दे देना। जब संवाददाता ने उक्त कागज का फोटो करवाया तो दलाल के होश उड़ गए और वे मौके से फरार हो गए।