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कला के कद्रदानों के लिए सजा हस्तशिल्पियों का महाकुंभ

Fri, 31 Jan 2014 07:07 PM IST
अमर उजाला, फरीदाबाद
अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Fri, 31 Jan 2014 07:07 PM IST
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surajkund mela start from saturday

28वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला शनिवार से शुरू होगा। इसमें विभिन्न राज्यों एवं देशों के लगभग 735 शिल्पकार और बुनकर भाग लेंगे।

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यहां पर देश-विदेश के लोकनृत्य, गीत, संगीत, खानपान एवं हस्त कलाओं का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। एक से 15 फरवरी तक चलने वाले इस मेले में न केवल भारतीय हस्त शिल्पियों और कारीगरों को अपना हुनर दिखाने का अवसर प्राप्त होगा बल्कि सार्क एवं अन्य देशों के शिल्पी भी यहां अपनी प्रतिभा दिखाएंगे।
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इसकी शुरुआत शनिवार सुबह 11:30 बजे मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा करेंगे, जबकि मेहमान राज्य गोवा की ओर से उप मुख्यमंत्री फ्रांसिस डिसूजा मौजूद होंगे। इसके बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
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इस बार यहां पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका, भूटान, अफगानिस्तान, उज्बेकिस्तान, थाईलैंड, बेलारूस, पुर्तगाल, ईरान, युगांडा, ब्राजील एवं आईवरी कोस्ट भी शिरकत कर रहे हैं। उद्घाटन कार्यक्रम के लिए मेले को दुल्हन की तरह सजा दिया गया है। मेले में थीम स्टेट के रूप में गोवा एवं कंट्री पार्टनर के रूप में श्रीलंका शिरकत कर रहा है।

शुक्रवार को मेले की मुख्य चौपाल पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय पर्यटन सचिव परवेज दीवान ने कहा कि मेले में लघु भारत के दर्शन होंगे।

इसे सिर्फ 15 दिन के लिए नहीं बल्कि सालभर के लिए गुलजार रखने की कवायद शुरू हो गई है। इस मौके पर गोवा टूरिज्म के प्रधान सचिव परिमल राय, हरियाणा टूरिज्म की एमडी सुमिता मिश्रा एवं हरियाणा टूरिज्म कॉरपोरेशन के चेयरमैन चक्रवर्ती शर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे।


बसों से इस तरह पहुंचेंगे मेला
फरीदाबाद बस अड्डे से

यहां से सुबह 8 बजे, 8:45, 9:30, 10:15, 11, 11:45, 12:30, 13:15, 14, 14:45, 15:30, 16:15, 17 एवं 17:45 बजे बसें मिलेंगी। ये बसें 15 मिनट बाद कैनाल कॉलोनी, आधे घंटे बाद ओल्ड फरीदाबाद, 45 मिनट में बदरपुर बॉर्डर एवं एक घंटे में मेला परिसर पहुंचेंगी।

गुड़गांव से सूरजकुंड
गुड़गांव से 9:30, 11:30, 12:30, 15:30, 16 एवं 18:30 बजे बसें चलेंगी। ये बसें गुड़गांव से निकलने के बाद आधे घंटे में मेहरौली, 50 मिनट में खानपुर, सवा घंटे में सूरजकुंड पहुंचेंगी।  

शिवाजी स्टेडियम(दिल्ली) से  
यहां से लगभग सवा घंटे में बस सूरजकुंड पहुंचेगी। पहली बस 8:30 बजे, दूसरी बस 9, तीसरी 9:30, चौथी 10 बजे, पांचवीं 10:30 बजे, छठी 11 बजे, सातवीं 11:30 बजे, आठवीं 12 बजे, नौवीं 12:30 बजे मिलेगी। इसके बाद दोपहर एक से पांच बजे तक एक-एक घंटे के अंतराल पर दो-दो बसें सूरजकुंड आएंगी।

आईएसबीटी(दिल्ली) से सूरजकुंड
सुबह 8 से शाम 17:30 बजे तक आधे-आधे के अंतराल पर मेले तक 20 बसें चलेंगी। जो 10 मिनट में राजघाट, 20 मिनट में आईटीओ, 30 मिनट में सराय काले खां, 40 मिनट में आश्रम, 50 मिनट में बदरपुर एवं 60 मिनट में सूरजकुंड पहुंचेंगी।

नोएडा से
यहां सेक्टर-37 से कई बसें बदरपुर बार्डर तक के लिए हैं, जिनसे बॉर्डर आकर वहां मिनी बस, ऑटो या रिक्शा से मेला परिसर आ सकते हैं।

मेट्रो करेगी सहायता
दिल्ली, नोएडा और गुड़गांव के लोग मेले में आने के लिए मेट्रो का प्रयोग भी कर सकते हैं। मेट्रो से सैलानी बदरपुर बॉर्डर आ सकते हैं। वहां से ऑटो, मिनी बस या रिक्शा पकड़कर आसानी से मेला पहुंचा जा सकता है।


इस तरह लें इंटरनेट से मेले की टिकट
गूगल पर जाकर हरियाणा टूरिज्म टाइप करें। इसमें हरियाणा टूरिज्म लिखा आएगा। इसे क्लिक करने पर वेबसाइट खुल जाएगी। इसमें बाईं तरफ 28वां सूरजकुंड क्राफ्ट मेला एवं ई-टिकट फॉर सूरजकुंड  क्राफ्ट मेला का ऑप्शन दिया गया है। ई-टिकट पर क्लिक करने पर यूजर रजिस्ट्रेशन का ऑप्शन आएगा, जिसमें रजिस्टर्ड करने के बाद क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन भुगतान होगा और फिर टिकट का प्रिंट निकाला जा सकेगा। इसके अलावा 26 बैंकों के खाते से टिकट का पैसा ऑन लाइन भी भरा जा सकता है।

28वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला: एक नजर में
1. मेले का समय : सुबह 9:30 से शाम को 7:30 बजे से
2. नाट्यशाला में सांस्कृतिक कार्यक्रम: शाम 6 बजे से
3. जनता का इंश्योरेंस-04 करोड़ रुपये का
4. टिकट का दाम: 70 रुपये
5. सीनियर सिटीजन, विशेष सक्षम -35 रुपये
(कार्ड दिखाने पर)
6. शिरकत करने वाले कुल देशों की संख्या: 20
7. मेला परिसर का कुल क्षेत्र : 40 एकड़
8. शिल्पकार: 735
9. कुल पुलिस वाले लगेंगे: 1600
10. सीसीटीवी कैमरे लगे हैं : 110

महत्वपूर्ण तथ्य
1987 में जब पहली बार मेला लगा तो सिर्फ 35 शिल्पकार आए थे। जबकि दर्शक 10 हजार थे। जबकि 2013 में 700 शिल्पी थे। कुल आठ लाख सैलानी आए, जिनमें से करीब 80 हजार विदेशी थे।

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