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सीएम की घोषणाओं से नहीं माने कर्मचारी
चंडीगढ़/ब्यूरो
Updated Mon, 11 Nov 2013 10:52 PM IST
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गोहाना में रविवार को कांग्रेस की शक्ति रैली में सीएम भूपेंद्र सिंह
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हुड्डा द्वारा की गई ताबड़तोड़ घोषणाओं को कर्मचारियों ने नाकाफी बताया।
उन्होंने सीएम पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए पहले से घोषित 13 नवंबर की राज्यस्तरीय हड़ताल को स्थगित नहीं रोकने का ऐलान किया है। इसके साथ ही 13 और 14 नवंबर को रोडवेज की बसों का चक्का जाम रहेगा। इससे दो दिन प्रदेश की जनता को बसों की किल्लत, सफाई, बिजली-पानी आदि कई मूलभूत सुविधाओं के मिलने में दिक्कतें आ सकती हैं। हालांकि लगभग सभी जिलों में प्रशासन ने मंगलवार को बैठक बुलाई है ताकि सेवाओं को सुचारु रखने का इंतजाम किया जा सके।
वेतन के मामले में पंजाब से पीछे
सर्व कर्मचारी संघ के महासचिव सुभाष लांबा ने कहा कि गोहाना रैली से कर्मचारियों को निराशा हुई है क्योंकि मुख्यमंत्री ने असली मांगें नहीं मानी हैं। कर्मचारियों को मात्र दो हजार रुपये अंतरिम वेतन बढ़ाने के बजाय मूल वेतन या ग्रेड-पे में उसे शामिल किया जाना चाहिए था ताकि उस पर डीए भी मिलता। मिनिस्ट्रियल स्टाफ को पंजाब के समान वेतनमान नहीं दिया गया। कर्मचारियों को इस घोषणा की उम्मीद थी, जिससे कर्मचारियों का दस हजार रुपये से ज्यादा वेतन बढ़ता। इसी तरह पुलिस मुलाजिमों का वेतनमान पंजाब के समान किए जाने की उम्मीद थी मगर पांच हजार रुपये का विशेष भत्ता और दो हजार रुपये अंतरिम वेतन बढ़ाया गया है। अभी भी तीन हजार रुपये वेतन कम है।
कर्मचारियों ने ये भी सवाल उठाए
महासचिव सुभाष लांबा ने बताया कि न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 8100 रुपये करना अच्छी घोषणा है मगर उसे लागू करना मुश्किल है क्योंकि पहले भी न्यूनतम वेतन हरियाणा में लागू नहीं हो रहा है। आंगनबाड़ी वर्करों, सहायकों का मानदेय तो बढ़ाया गया मगर आशा वर्करों को छोड़ दिया गया। कच्चे कर्मचारियों को पक्का किए जाने की उम्मीद थी मगर उन्हें भी निराशा हाथ लगी। निकायों में ठेकेदारी प्रथा खत्म करने की घोषणा हुई है मगर कर्मचारी संगठन तो प्रदेश के सारे विभागों, बोर्डों, निगमों से बंद करने की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री को यह जानकारी मिल भी गई है कि ठेकेदार कच्चे कर्मचारियों का उत्पीड़न करते हैं। लांबा ने कहा कि इसलिए 13 नवंबर को एक दिन की हरियाणा में पूर्ण हड़ताल होगी। रोडवेज की बसों का दो दिन 13 और 14 नवंबर को चक्का जाम रहेगा।
पुलिस कर्मचारी बोले, थोड़ी सी कसर रह गई
सीएम ने गोहाना रैली में पुलिस कर्मचारियों के वेतन में सात हजार रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की। इस पर पुलिस कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांग पूरी होने में थोड़ी कसर रह गई।पंजाब के समान वेतन मिलने की उम्मीद थी मगर अभी तीन हजार रुपये पीछे हैं। हरियाणा पुलिस कर्मचारी संगठन के प्रधान बलवान सिंह ने कहा कि सीएम पुलिस मुलाजिमों की लंबित मांग मान ली है। अब सिर्फ पंजाब के वेतन से 3000 रुपये कम रह गए हैं। यह कमी भी जल्द पूरी होगी। पुलिस कर्मचारी संगठन को अगर समय मिला तो 16 नवंबर को मुख्यमंत्री का चंडीगढ़ आवास पहुंचकर आभार व्यक्त करेगा।
उन्होंने सीएम पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए पहले से घोषित 13 नवंबर की राज्यस्तरीय हड़ताल को स्थगित नहीं रोकने का ऐलान किया है। इसके साथ ही 13 और 14 नवंबर को रोडवेज की बसों का चक्का जाम रहेगा। इससे दो दिन प्रदेश की जनता को बसों की किल्लत, सफाई, बिजली-पानी आदि कई मूलभूत सुविधाओं के मिलने में दिक्कतें आ सकती हैं। हालांकि लगभग सभी जिलों में प्रशासन ने मंगलवार को बैठक बुलाई है ताकि सेवाओं को सुचारु रखने का इंतजाम किया जा सके।
वेतन के मामले में पंजाब से पीछे
सर्व कर्मचारी संघ के महासचिव सुभाष लांबा ने कहा कि गोहाना रैली से कर्मचारियों को निराशा हुई है क्योंकि मुख्यमंत्री ने असली मांगें नहीं मानी हैं। कर्मचारियों को मात्र दो हजार रुपये अंतरिम वेतन बढ़ाने के बजाय मूल वेतन या ग्रेड-पे में उसे शामिल किया जाना चाहिए था ताकि उस पर डीए भी मिलता। मिनिस्ट्रियल स्टाफ को पंजाब के समान वेतनमान नहीं दिया गया। कर्मचारियों को इस घोषणा की उम्मीद थी, जिससे कर्मचारियों का दस हजार रुपये से ज्यादा वेतन बढ़ता। इसी तरह पुलिस मुलाजिमों का वेतनमान पंजाब के समान किए जाने की उम्मीद थी मगर पांच हजार रुपये का विशेष भत्ता और दो हजार रुपये अंतरिम वेतन बढ़ाया गया है। अभी भी तीन हजार रुपये वेतन कम है।
कर्मचारियों ने ये भी सवाल उठाए
महासचिव सुभाष लांबा ने बताया कि न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 8100 रुपये करना अच्छी घोषणा है मगर उसे लागू करना मुश्किल है क्योंकि पहले भी न्यूनतम वेतन हरियाणा में लागू नहीं हो रहा है। आंगनबाड़ी वर्करों, सहायकों का मानदेय तो बढ़ाया गया मगर आशा वर्करों को छोड़ दिया गया। कच्चे कर्मचारियों को पक्का किए जाने की उम्मीद थी मगर उन्हें भी निराशा हाथ लगी। निकायों में ठेकेदारी प्रथा खत्म करने की घोषणा हुई है मगर कर्मचारी संगठन तो प्रदेश के सारे विभागों, बोर्डों, निगमों से बंद करने की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री को यह जानकारी मिल भी गई है कि ठेकेदार कच्चे कर्मचारियों का उत्पीड़न करते हैं। लांबा ने कहा कि इसलिए 13 नवंबर को एक दिन की हरियाणा में पूर्ण हड़ताल होगी। रोडवेज की बसों का दो दिन 13 और 14 नवंबर को चक्का जाम रहेगा।
पुलिस कर्मचारी बोले, थोड़ी सी कसर रह गई
सीएम ने गोहाना रैली में पुलिस कर्मचारियों के वेतन में सात हजार रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की। इस पर पुलिस कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांग पूरी होने में थोड़ी कसर रह गई।पंजाब के समान वेतन मिलने की उम्मीद थी मगर अभी तीन हजार रुपये पीछे हैं। हरियाणा पुलिस कर्मचारी संगठन के प्रधान बलवान सिंह ने कहा कि सीएम पुलिस मुलाजिमों की लंबित मांग मान ली है। अब सिर्फ पंजाब के वेतन से 3000 रुपये कम रह गए हैं। यह कमी भी जल्द पूरी होगी। पुलिस कर्मचारी संगठन को अगर समय मिला तो 16 नवंबर को मुख्यमंत्री का चंडीगढ़ आवास पहुंचकर आभार व्यक्त करेगा।