कोच पसंद नहीं था इसलिए लगाए यौन शोषण के फर्जी आरोप
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स्पोटर्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) के सेंटर में कोच पर छेड़खानी का आरोप लगाने वाली सभी आठ नाबालिग खिलाड़ियों ने अपना आरोप वापस ले लिया है।
मामले में 21 दिन बाद आरोपी कोच ने भी गुरुवार को राज्य बाल अधिकार सरंक्षण आयोग की टीम के समक्ष बयान दर्ज कराए। साई सेंटर की खिलाड़ियों ने 31 जनवरी को कुश्ती कोच सतबीर पंघाल पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दी थी।
कोच को किया था सस्पेंड
6 फरवरी को कोच को निलंबित कर नॉर्थ रीजन में अटैच किया गया था। इस मामले की जांच करने के लिए बीते सप्ताह राज्य बाल अधिकार सरंक्षण आयोग की टीम सेंटर पहुंची थी।
जिसमें 5 खिलाड़ियों ने आरोप वापस ले लिए थे जबकि शेष तीन खिलाड़ियों ने गुरुवार को आयोग की सदस्य डॉ. अनिता नैन के समक्ष बयान दर्ज कराया।
आयोग बचाएगा खिलाड़ियों को
बयान दर्ज कराने वाली तीनों ने भी स्वीकार किया कि उनके साथ छेड़छाड़ नहीं की गई थी। वह कोच का तबादला कराना चाहती थी। बयान की प्रति पुलिस को भी भेज दी गई है।
नियमों के अनुसार गलत आरोप लगाने वाले के खिलाफ केस दायर किया जा सकता है। जिसमें आरोपी को सजा का प्रावधान है। आयोग की सदस्य अनिता नैन ने कहा कि आरोप लगाने वाली सभी लड़कियां नाबालिग हैं।
आयोग इन खिलाड़ियों को किसी तरह का केस नहीं होने देगा।