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Sonipat News: अनाज मंडी में भीगा धान, बचाव के नहीं तिरपाल
Sat, 11 Nov 2023 12:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 11 Nov 2023 12:26 AM IST
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फोटो 32. सोनीपत की अनाज मंडी में बूंदाबांदी से भीगे धान के बोरे। संवाद
सोनीपत/गोहाना। अचानक मौसम बदलने की वजह से हुई बारिश की वजह से अनाज मंडी में धान भीग गया। किसानों को धान ढकने के लिए तिरपाल तक नहीं मिला। सोनीपत की नई अनाज मंडी में बेहतर व्यवस्थाओं को लेकर किए गए दावों के बीच करीब ढाई हजार क्विंटल धान भीग गया। गोहाना की नई अनाज मंडी में खुले में करीब 25 हजार क्विंटल धान पड़ा हुआ है, जिसमें नमी आ गई।
शुक्रवार को मौसम में बदलाव के बाद मंडियों में धान की आवक कम रही। खरीद प्रक्रिया भी धीमी रही। शुक्रवार को हुई बूंदाबांदी के बीच खरीदारों की कमी से धान कि बिक्री कम ही हुई। किसानों ने कहा कि मंडी में उठान प्रक्रिया बेहद धीमी है, जिससे शेड के नीचे व्यापारियों का ही धान जमा है। ऐसे में किसानों को अपना धान शेड के नीचे उतारने की जगह नहीं मिल पा रही है। मजबूरी में किसान खुले आसमान के नीचे उतार रहे हैं।
कुछ किसानों ने रोष जताते हुए कहा कि उन्हें धान को ढकने के लिए खुद के तिरपालों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। मार्केट कमेटी के किसानों को बेहतर सुविधा देने के सभी दावे खोखले हैं। बूंदाबांदी की वजह से गोहाना अनाज मंडी में आए धान में नमी आ गई है। साथ ही खेतों में खड़ी फसल को भी नुकसान पहुंचा है। धान में नमी आने से किसानों को थोड़ा नुकसान हुआ है। खेतों में फसल कटी हुई पड़ी है। ऐसे में मौसम साफ होने के बाद उस फसल की झराई संभव हो सकेगी। इससे किसानों की परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है।
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मौसम में आए बदलाव को देखते हुए खुले में पड़े धान को भीगने से बचाने के लिए मिलर्स व आढ़तियों को तिरपाल की व्यवस्था कर दी थी। शुक्रवार को 14057 क्विंटल धान की खरीद की गई। मिलर्स को जल्द उठान के निर्देश दिए गए है। जिससे किसानों को मंडी में धान डालने में परेशानी न हो। -ज्योति मोर, सचिव, मार्केट कमेटी, सोनीपत।
बूंदाबांदी से कुछ फसल में नमी पहुंची है, जिसे सुखा दिया जाएगा। किसानों को कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। बूंदाबांदी के दौरान फसलों पर तिरपाल डाल दिया गया था। -विनोद सहरावत, प्रधान, मंडी एसोसिएशन गोहाना।
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शुक्रवार को मौसम में बदलाव के बाद मंडियों में धान की आवक कम रही। खरीद प्रक्रिया भी धीमी रही। शुक्रवार को हुई बूंदाबांदी के बीच खरीदारों की कमी से धान कि बिक्री कम ही हुई। किसानों ने कहा कि मंडी में उठान प्रक्रिया बेहद धीमी है, जिससे शेड के नीचे व्यापारियों का ही धान जमा है। ऐसे में किसानों को अपना धान शेड के नीचे उतारने की जगह नहीं मिल पा रही है। मजबूरी में किसान खुले आसमान के नीचे उतार रहे हैं।
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कुछ किसानों ने रोष जताते हुए कहा कि उन्हें धान को ढकने के लिए खुद के तिरपालों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। मार्केट कमेटी के किसानों को बेहतर सुविधा देने के सभी दावे खोखले हैं। बूंदाबांदी की वजह से गोहाना अनाज मंडी में आए धान में नमी आ गई है। साथ ही खेतों में खड़ी फसल को भी नुकसान पहुंचा है। धान में नमी आने से किसानों को थोड़ा नुकसान हुआ है। खेतों में फसल कटी हुई पड़ी है। ऐसे में मौसम साफ होने के बाद उस फसल की झराई संभव हो सकेगी। इससे किसानों की परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है।
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मौसम में आए बदलाव को देखते हुए खुले में पड़े धान को भीगने से बचाने के लिए मिलर्स व आढ़तियों को तिरपाल की व्यवस्था कर दी थी। शुक्रवार को 14057 क्विंटल धान की खरीद की गई। मिलर्स को जल्द उठान के निर्देश दिए गए है। जिससे किसानों को मंडी में धान डालने में परेशानी न हो। -ज्योति मोर, सचिव, मार्केट कमेटी, सोनीपत।
बूंदाबांदी से कुछ फसल में नमी पहुंची है, जिसे सुखा दिया जाएगा। किसानों को कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। बूंदाबांदी के दौरान फसलों पर तिरपाल डाल दिया गया था। -विनोद सहरावत, प्रधान, मंडी एसोसिएशन गोहाना।

फोटो 32. सोनीपत की अनाज मंडी में बूंदाबांदी से भीगे धान के बोरे। संवाद

फोटो 32. सोनीपत की अनाज मंडी में बूंदाबांदी से भीगे धान के बोरे। संवाद

फोटो 32. सोनीपत की अनाज मंडी में बूंदाबांदी से भीगे धान के बोरे। संवाद