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Sonipat News: नलकूल से जलापूर्ति पर निर्भर ग्रामीण
Thu, 15 Oct 2026 02:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 15 Oct 2026 02:41 AM IST
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कथूरा जल घर के तालाब में बचापानी।
गोहाना। माइनर के अंतिम छोर पर होने के कारण कथूरा गांव के जलघर तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे जलघर के तालाब समय से पहले खाली हो रहे हैं और ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति के लिए नलकूप पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
ग्रामीणों की समस्या दूर करने के लिए जलापूर्ति विभाग काहनौर ब्रांच नहर के नजदीक पंपिंग स्टेशन बनाएगा। इस परियोजना पर करीब 6.48 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यालय से परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही कार्य एजेंसी को काम आवंटित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
शहरों और गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए जलापूर्ति विभाग ने जलघर बनाए गए हैं। इन जलघरों में पानी की उपलब्धता नहरों और माइनरों पर निर्भर करती है। कथूरा और कहैल्पा गांव के जलघर माइनर के अंतिम छोर पर स्थित हैं।
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ऐसे में अंतिम छोर पर पहुंचने तक पानी का बहाव कम हो जाता है और जलघरों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा। इसका असर गांवों में होने वाली पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा है और ग्रामीणों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है।
नहर के नजदीक एकत्रित होगा पानी, मोटरों से जलघरों तक पहुंचेगा :
पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए विभाग ने काहनौर ब्रांच नहर के नजदीक पंपिंग स्टेशन बनाने का प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय को भेजा था। प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। योजना के तहत पंपिंग स्टेशन में पानी एकत्रित किया जाएगा और मोटरों की मदद से इसे संबंधित जलघरों तक पहुंचाया जाएगा। इससे माइनर की टेल पर पानी का बहाव कम होने के कारण उत्पन्न होने वाली समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
जर्जर पाइप लाइनें भी बदलेगा विभाग:
परियोजना के तहत विभाग जलघरों तक पानी पहुंचाने वाली जर्जर पाइप लाइनों को भी बदलेगा। पुरानी पाइप लाइनों में लीकेज के कारण पानी की बर्बादी होती है और आपूर्ति प्रभावित होती है। नई पाइप लाइनें बिछने से लीकेज की समस्या दूर करने के साथ पानी के बहाव में सुधार लाने में मदद मिलेगी। इससे ग्रामीणों को जरूरत के अनुसार पेयजल उपलब्ध कराने में सहूलियत होगी।
जल्द कार्य एजेंसी को आवंटित होगा काम:
जलापूर्ति विभाग के एसडीओ नरेंद्र लाठर ने बताया कि कथूरा गांव के जलघर के लिए नहर के नजदीक पंपिंग स्टेशन बनाया जाना है। परियोजना को मुख्यालय से मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर कार्य एजेंसी को काम आवंटित किया जाएगा। पंपिंग स्टेशन बनने और पाइप लाइनें बदलने के बाद ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
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ग्रामीणों की समस्या दूर करने के लिए जलापूर्ति विभाग काहनौर ब्रांच नहर के नजदीक पंपिंग स्टेशन बनाएगा। इस परियोजना पर करीब 6.48 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यालय से परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही कार्य एजेंसी को काम आवंटित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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शहरों और गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए जलापूर्ति विभाग ने जलघर बनाए गए हैं। इन जलघरों में पानी की उपलब्धता नहरों और माइनरों पर निर्भर करती है। कथूरा और कहैल्पा गांव के जलघर माइनर के अंतिम छोर पर स्थित हैं।
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ऐसे में अंतिम छोर पर पहुंचने तक पानी का बहाव कम हो जाता है और जलघरों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा। इसका असर गांवों में होने वाली पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा है और ग्रामीणों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है।
नहर के नजदीक एकत्रित होगा पानी, मोटरों से जलघरों तक पहुंचेगा :
पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए विभाग ने काहनौर ब्रांच नहर के नजदीक पंपिंग स्टेशन बनाने का प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय को भेजा था। प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। योजना के तहत पंपिंग स्टेशन में पानी एकत्रित किया जाएगा और मोटरों की मदद से इसे संबंधित जलघरों तक पहुंचाया जाएगा। इससे माइनर की टेल पर पानी का बहाव कम होने के कारण उत्पन्न होने वाली समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
जर्जर पाइप लाइनें भी बदलेगा विभाग:
परियोजना के तहत विभाग जलघरों तक पानी पहुंचाने वाली जर्जर पाइप लाइनों को भी बदलेगा। पुरानी पाइप लाइनों में लीकेज के कारण पानी की बर्बादी होती है और आपूर्ति प्रभावित होती है। नई पाइप लाइनें बिछने से लीकेज की समस्या दूर करने के साथ पानी के बहाव में सुधार लाने में मदद मिलेगी। इससे ग्रामीणों को जरूरत के अनुसार पेयजल उपलब्ध कराने में सहूलियत होगी।
जल्द कार्य एजेंसी को आवंटित होगा काम:
जलापूर्ति विभाग के एसडीओ नरेंद्र लाठर ने बताया कि कथूरा गांव के जलघर के लिए नहर के नजदीक पंपिंग स्टेशन बनाया जाना है। परियोजना को मुख्यालय से मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर कार्य एजेंसी को काम आवंटित किया जाएगा। पंपिंग स्टेशन बनने और पाइप लाइनें बदलने के बाद ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।