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रोडवेजकर्मियों के अर्जित अवकाश में 44 फीसदी तक कटौती, आदेश जारी
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सरकार ने रोडवेज कर्मचारियों के अर्जित अवकाश (ईएल) में कटौती करने का पत्र जारी किया गया है। जिसके अनुसार रोडवेज डिपो में कार्यरत चालक, परिचालक व कार्यशाला के मिस्ट्री स्टाफ के अर्जित अवकाश 373 से घटाकर 164 कर दिए हैं। यह नियम 1995 से लागू किया गया है। इन आदेशों से सोनीपत रोडवेज डिपो में कार्यरत करीब 800 कर्मचारी प्रभावित होंगे। सरकार के नए आदेशों के बाद रोडवेज कर्मियों में रोष पाया जा रहा है। रोडवेज कर्मचारियों ने वीरवार को डिपो कार्यालय में बैठक कर जारी पत्र का विरोध किया है।
हरियाणा रोडवेज चालक संघ के राज्य प्रधान कृष्ण कादियान ने सरकार के नए फरमान को कर्मचारी विरोधी बताया है। उनका कहना है कि नए फरमान में चालक, परिचालक व कार्यशाला में कार्यरत मिस्त्री स्टाफ के 209 अर्जित अवकाश कम कर दिए हैं। नए नियम वर्ष 1995 व इसके बाद भर्ती कर्मचारियों पर लागू किए गए हैं। जबकि सरकार कोई भी छुट्टी अथवा कर्मचारियों का एरियर लागू करने के दौरान केवल तीन वर्ष तक का नियम बनाती है। इस नए फरमान से कर्मचारियों में रोष है। बैठक में सरकार की तरफ से जारी किए गए पत्र का चालक संघ ने विरोध किया है। बैठक में रामकरण मलिक, संजीव कुमार, रिषी प्रकाश, संदीप कुमार, राजेश कुमार, नवीन, कृष्ण सहित अन्य मौजूद रहे।
सेवानिवृत्त कर्मी भी हो सकते हैं प्रभावित
कृष्ण कादियान ने बताया कि सरकार की तरफ से जारी किए गए पत्र के अनुसार नए नियम 1995 से लागू करने के आदेश दिए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि इस समयावधि के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारी भी प्रभावित होंगे। सरकार की मंशा को देखते हुए संभवत: सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने कम किए गए अवकाश की रिकवरी की जाए। हालांकि जारी किए गए पत्र में इस स्थित को स्पष्ट नहीं किया गया है। उन्होंने जारी पत्र को वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार जब भी कोई छुट्टी या अन्य लाभ कर्मचारियों को देना होता है तो तीन वर्ष तक का ही एरियर देने का नियम बनाया जाता है। अब छुट्टियां कम करने का फरमान 1995 से जारी कर दिया। जो न्याय संगत नहीं है। यह अवकाश कर्मचारी अपनी मर्जी से नहीं ले रहे थे। सरकार की तरफ से अर्जित अवकाश जोड़े जा रहे थे। जो कर्मचारियों व सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ नाइंसाफी है। अगर सीएसआर के अनुसार अर्जित अवकाश में कटौती कर रही है तो उस नियम के अनुसार शनिवार, रविवार व कैलेंडर अवकाश भी दिए जाएं। हरियाणा रोडवेज चालक संघ जारी किए पत्र का विरोध करता है।
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हरियाणा रोडवेज चालक संघ के राज्य प्रधान कृष्ण कादियान ने सरकार के नए फरमान को कर्मचारी विरोधी बताया है। उनका कहना है कि नए फरमान में चालक, परिचालक व कार्यशाला में कार्यरत मिस्त्री स्टाफ के 209 अर्जित अवकाश कम कर दिए हैं। नए नियम वर्ष 1995 व इसके बाद भर्ती कर्मचारियों पर लागू किए गए हैं। जबकि सरकार कोई भी छुट्टी अथवा कर्मचारियों का एरियर लागू करने के दौरान केवल तीन वर्ष तक का नियम बनाती है। इस नए फरमान से कर्मचारियों में रोष है। बैठक में सरकार की तरफ से जारी किए गए पत्र का चालक संघ ने विरोध किया है। बैठक में रामकरण मलिक, संजीव कुमार, रिषी प्रकाश, संदीप कुमार, राजेश कुमार, नवीन, कृष्ण सहित अन्य मौजूद रहे।
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सेवानिवृत्त कर्मी भी हो सकते हैं प्रभावित
कृष्ण कादियान ने बताया कि सरकार की तरफ से जारी किए गए पत्र के अनुसार नए नियम 1995 से लागू करने के आदेश दिए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि इस समयावधि के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारी भी प्रभावित होंगे। सरकार की मंशा को देखते हुए संभवत: सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने कम किए गए अवकाश की रिकवरी की जाए। हालांकि जारी किए गए पत्र में इस स्थित को स्पष्ट नहीं किया गया है। उन्होंने जारी पत्र को वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार जब भी कोई छुट्टी या अन्य लाभ कर्मचारियों को देना होता है तो तीन वर्ष तक का ही एरियर देने का नियम बनाया जाता है। अब छुट्टियां कम करने का फरमान 1995 से जारी कर दिया। जो न्याय संगत नहीं है। यह अवकाश कर्मचारी अपनी मर्जी से नहीं ले रहे थे। सरकार की तरफ से अर्जित अवकाश जोड़े जा रहे थे। जो कर्मचारियों व सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ नाइंसाफी है। अगर सीएसआर के अनुसार अर्जित अवकाश में कटौती कर रही है तो उस नियम के अनुसार शनिवार, रविवार व कैलेंडर अवकाश भी दिए जाएं। हरियाणा रोडवेज चालक संघ जारी किए पत्र का विरोध करता है।
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