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Sonipat News: शहीद बाबू वीर कुंवर सिंह को गोहाना में दी गई श्रद्धांजलि
Fri, 24 Apr 2026 01:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 24 Apr 2026 01:59 AM IST
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गोहाना में शहीद बाबू वीर कुंवर सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए मोर्चा के सदस्य। स्रोत : संस्था
गोहाना। पुराना बस स्टैंड स्थित शहीद स्मारक पर आजाद हिंद देशभक्त मोर्चा के सदस्यों ने महान क्रांतिकारी बाबू कुंवर सिंह के शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता योग गुरु सुरेश पंचाल ने कहा कि बाबू कुंवर सिंह 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नायकों में से एक थे। उनकी वीरता और साहस ने उन्हें हमेशा के लिए अमर बना दिया। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष की उम्र में भी बाबू कुंवर सिंह ने अंग्रेजों को कड़ी टक्कर दी और देशभक्ति की मिसाल पेश की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चा के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने की। उन्होंने बताया कि बाबू कुंवर सिंह ने बिहार के भोजपुरी क्षेत्र से विद्रोह की कमान संभाली और गोरिल्ला युद्ध नीति अपनाकर अंग्रेजों से लोहा लिया। लड़ाई के दौरान गंगा नदी पार करते समय उनकी कलाई में गोली लग गई थी, जिसके बाद जहर फैलने से बचने के लिए उन्होंने खुद अपनी कलाई काटकर गंगा में बहा दी। उन्होंने कहा कि उनकी वीरता के सम्मान में हर साल 23 अप्रैल को विजय उत्सव और शहादत दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर सुरेंद्र मान, हरिओम पांचाल, पिंटू कुमार, संध्या पांचाल, आर्यन, हिमांशु और विक्रम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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कार्यक्रम में मुख्य वक्ता योग गुरु सुरेश पंचाल ने कहा कि बाबू कुंवर सिंह 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नायकों में से एक थे। उनकी वीरता और साहस ने उन्हें हमेशा के लिए अमर बना दिया। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष की उम्र में भी बाबू कुंवर सिंह ने अंग्रेजों को कड़ी टक्कर दी और देशभक्ति की मिसाल पेश की।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चा के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने की। उन्होंने बताया कि बाबू कुंवर सिंह ने बिहार के भोजपुरी क्षेत्र से विद्रोह की कमान संभाली और गोरिल्ला युद्ध नीति अपनाकर अंग्रेजों से लोहा लिया। लड़ाई के दौरान गंगा नदी पार करते समय उनकी कलाई में गोली लग गई थी, जिसके बाद जहर फैलने से बचने के लिए उन्होंने खुद अपनी कलाई काटकर गंगा में बहा दी। उन्होंने कहा कि उनकी वीरता के सम्मान में हर साल 23 अप्रैल को विजय उत्सव और शहादत दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर सुरेंद्र मान, हरिओम पांचाल, पिंटू कुमार, संध्या पांचाल, आर्यन, हिमांशु और विक्रम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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