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Sonipat News: दिल में छेद वाली दो बच्चियों का स्वास्थ्य विभाग कराएगा ऑपरेशन
Sat, 09 May 2026 09:24 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 09 May 2026 09:24 PM IST
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गोहाना के नागरिक अस्पताल में चिकित्सा अधिकारी बच्चियों के परिजनों को इलाज के लिए स्वीकृत राशि क
संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग दो बच्चियों के दिल का ऑपरेशन कराएगा। दोनों बच्चियों के इलाज के लिए विभाग ने 3 लाख 65 हजार रुपये की राशि मंजूर की है। चिकित्सा अधिकारियों ने बच्चियों के परिजनों को स्वीकृति पत्र सौंप दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जांच के दौरान दो बच्चियों के दिल में छेद की बीमारी सामने आई थी। इनमें एक बच्ची ढाई साल और दूसरी नौ साल की है। दोनों के इलाज के लिए आरबीएसके के तहत मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया था। अब मुख्यालय ने मंजूरी दे दी है।
विभाग के अनुसार ढाई साल की बच्ची के ऑपरेशन पर 2 लाख 15 हजार रुपये और नौ साल की बच्ची के इलाज पर 1 लाख 50 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। दोनों बच्चियों का ऑपरेशन डेराबस्सी के अस्पताल में कराया जाएगा।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जन्म से लेकर 18 साल तक के बच्चों और किशोरों की स्वास्थ्य जांच की जाती है। इसमें खून की कमी, कुपोषण, जन्मजात बीमारियां, शारीरिक और मानसिक विकास में देरी समेत कई तरह की बीमारियों की पहचान की जाती है। जरूरत पड़ने पर मरीजों का इलाज सरकारी और निजी अस्पतालों में विभाग के खर्च पर कराया जाता है।
वर्जन
बच्चों में जन्म से या बाद में कई बीमारियां हो सकती हैं। अभिभावकों को बच्चों की नियमित जांच करानी चाहिए और उनकी सेहत पर ध्यान देना चाहिए। विभाग द्वारा लगातार बच्चों की जांच और जरूरत अनुसार इलाज कराया जा रहा है। -डॉ. चक्रवर्ती शर्मा, आरबीएसके के नोडल अधिकारी
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गोहाना। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग दो बच्चियों के दिल का ऑपरेशन कराएगा। दोनों बच्चियों के इलाज के लिए विभाग ने 3 लाख 65 हजार रुपये की राशि मंजूर की है। चिकित्सा अधिकारियों ने बच्चियों के परिजनों को स्वीकृति पत्र सौंप दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जांच के दौरान दो बच्चियों के दिल में छेद की बीमारी सामने आई थी। इनमें एक बच्ची ढाई साल और दूसरी नौ साल की है। दोनों के इलाज के लिए आरबीएसके के तहत मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया था। अब मुख्यालय ने मंजूरी दे दी है।
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विभाग के अनुसार ढाई साल की बच्ची के ऑपरेशन पर 2 लाख 15 हजार रुपये और नौ साल की बच्ची के इलाज पर 1 लाख 50 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। दोनों बच्चियों का ऑपरेशन डेराबस्सी के अस्पताल में कराया जाएगा।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जन्म से लेकर 18 साल तक के बच्चों और किशोरों की स्वास्थ्य जांच की जाती है। इसमें खून की कमी, कुपोषण, जन्मजात बीमारियां, शारीरिक और मानसिक विकास में देरी समेत कई तरह की बीमारियों की पहचान की जाती है। जरूरत पड़ने पर मरीजों का इलाज सरकारी और निजी अस्पतालों में विभाग के खर्च पर कराया जाता है।
वर्जन
बच्चों में जन्म से या बाद में कई बीमारियां हो सकती हैं। अभिभावकों को बच्चों की नियमित जांच करानी चाहिए और उनकी सेहत पर ध्यान देना चाहिए। विभाग द्वारा लगातार बच्चों की जांच और जरूरत अनुसार इलाज कराया जा रहा है। -डॉ. चक्रवर्ती शर्मा, आरबीएसके के नोडल अधिकारी