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Sonipat News: बिना वृद्धि वेतन मिला, अनिश्चितकालीन धरने पर गए शिक्षक
Thu, 10 Aug 2023 12:51 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 10 Aug 2023 12:51 AM IST
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फोटो 34- डीसीआरयूएसटी में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे शिक्षकों को संबोधित करते कर्मचारी नेता। वि
सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी), मुरथल के शिक्षकों को दिया गया आश्वासन, महज आश्वासन बन कर रह गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिना इंक्रीमेंट के ही शिक्षकों का वेतन जारी कर दिया। बिना इंक्रीमेंट के वेतन मिलने से गुस्साए शिक्षकों ने विश्वविद्यालय परिसर में ही अनिश्चितकालीन धरना शुरु कर दिया है। शिक्षकों ने विश्वविद्यालय के सभी कार्यों के बहिष्कार करने का फैसला लिया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिक्षकों की इंक्रीमेंट व दूसरी मांगों को लेकर 4 अगस्त को आश्वासन दिया था कि सभी मांगों को 9 अगस्त तक पूरा कर दिया जाएगा। जिसके बाद शिक्षकों ने धरना स्थगित कर दिया था। मंगलवार को शिक्षकों को बिना इंक्रीमेंट वाला वेतन जारी कर दिया। जिससे शिक्षकों में रोष है। डीक्रूटा का कहना है वार्षिक इंक्रीमेंट शिक्षक का हक है। विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी ड्यूटी करने में नाकाम रहा। ऑडिट विभाग की तानाशाही के चलते ही शिक्षकों का लगभग चार-पांच माह पूर्व पदोन्नति के पद पे फिक्सेसन को रोक दिया गया था, लेकिन शिक्षकों के आंदोलन व प्रदेश सरकार के आदेश के बाद ही शिक्षकों की पदोन्नति वाली पे फिक्स कर दी गई थी, जिसे ऑडिट विभाग ने भी एडमिट कर लिया था।
कुलपति की तरफ से इंक्रीमेंट व दूसरी मांगों को लेकर गठित की गई कमेटी की सिफारिशों को दरकिनार करते हुए प्रशासन ने बिना इंक्रीमेंट वाला वेतन जारी कर दिया। डीक्रूटा ने निर्णय लिया है कि शिक्षक किसी भी प्रकार के विश्वविद्यालय के कार्यों में भाग नहीं लेगें। शिक्षकों ने बिना इंक्रीमेंट वेतन जारी करने के मामले में जांच कमेटी गठित करने की मांग की है, ताकि अड़चन डालने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जा सके।
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धरने पर डीक्रूटा के अध्यक्ष प्रो. सुरेंद्र दहिया, उपप्रधान डाॅ. अनिल यादव, सचिव डाॅ. अजमेर सिंह, कोषाध्यक्ष डाॅ. ममता भगत सहित अधिकतर शिक्षक मौजूद रहे।
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विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिक्षकों की इंक्रीमेंट व दूसरी मांगों को लेकर 4 अगस्त को आश्वासन दिया था कि सभी मांगों को 9 अगस्त तक पूरा कर दिया जाएगा। जिसके बाद शिक्षकों ने धरना स्थगित कर दिया था। मंगलवार को शिक्षकों को बिना इंक्रीमेंट वाला वेतन जारी कर दिया। जिससे शिक्षकों में रोष है। डीक्रूटा का कहना है वार्षिक इंक्रीमेंट शिक्षक का हक है। विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी ड्यूटी करने में नाकाम रहा। ऑडिट विभाग की तानाशाही के चलते ही शिक्षकों का लगभग चार-पांच माह पूर्व पदोन्नति के पद पे फिक्सेसन को रोक दिया गया था, लेकिन शिक्षकों के आंदोलन व प्रदेश सरकार के आदेश के बाद ही शिक्षकों की पदोन्नति वाली पे फिक्स कर दी गई थी, जिसे ऑडिट विभाग ने भी एडमिट कर लिया था।
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कुलपति की तरफ से इंक्रीमेंट व दूसरी मांगों को लेकर गठित की गई कमेटी की सिफारिशों को दरकिनार करते हुए प्रशासन ने बिना इंक्रीमेंट वाला वेतन जारी कर दिया। डीक्रूटा ने निर्णय लिया है कि शिक्षक किसी भी प्रकार के विश्वविद्यालय के कार्यों में भाग नहीं लेगें। शिक्षकों ने बिना इंक्रीमेंट वेतन जारी करने के मामले में जांच कमेटी गठित करने की मांग की है, ताकि अड़चन डालने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जा सके।
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धरने पर डीक्रूटा के अध्यक्ष प्रो. सुरेंद्र दहिया, उपप्रधान डाॅ. अनिल यादव, सचिव डाॅ. अजमेर सिंह, कोषाध्यक्ष डाॅ. ममता भगत सहित अधिकतर शिक्षक मौजूद रहे।

फोटो 34- डीसीआरयूएसटी में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे शिक्षकों को संबोधित करते कर्मचारी नेता। वि