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Sonipat News: सुनीता 14 हजार बच्चों को दे चुकीं फर्स्ट एड और जीवन रक्षक ट्रेनिंग
Tue, 26 Aug 2025 02:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 26 Aug 2025 02:31 AM IST
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फोटो 31- सोनीपत के गोहाना रोड स्थित छाेटूराम कॉलोनी में पारिवारिक सदस्यों के साथ पीली साड़ी में
सोनीपत। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुनी गईं पीएमश्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में भूगोल व सामाजिक विज्ञान विषय की शिक्षिका सुनीता ढुल 29 साल से शिक्षा की अलख जगाकर बच्चों का भविष्य संवार रही हैं। सुनीता रेडक्रॉस में राष्ट्रीय मास्टर ट्रेनर हैं और अब तक करीब 14 हजार बच्चों को फर्स्ट एड और जीवन रक्षक कौशल का प्रशिक्षण दे चुकी हैं।
शिक्षिका सुनीता ने स्कूल में न सिर्फ पठन-पाठन का स्तर ठीक किया बल्कि बुनियादी साधन बेहतरी के लिए भी सराहनीय कार्य किए। उन्होंने विद्यार्थियों में रचनात्मकता बढ़ाने के साथ उन्हें टाइम टेबल का महत्व समझाया। स्कूल में सभी विद्यार्थी इस टाइम टेबल का अनुशरण करते हैं। आधुनिक शिक्षा में तकनीकी के महत्व पर भी वह बेहतर कार्य कर रही हैं। उनके यही सराहनीय कार्य राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार का आधार बने हैं।
सुनीता ढुल की अन्य उपलब्धियां
सुनीता साल 2014 से बच्चों के लिए प्रदर्शनी लगवाकर व्यावहारिक ज्ञान बढ़ा रही हैं। रचनात्मकता को बढ़ाने के लिए नवाचारी शिक्षण विधियां प्रयोग में ले रही हैं। साल 2019 से परमानेंट रिसोर्स ग्रुप व स्टेट रिसोर्स ग्रुप की सदस्य एवं मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्य करते हुए सामूहिक शिक्षण, प्रयोगात्मक विधियों से विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दे रही हैं। साल 2020 से एफएलएन की संसाधन समूह सदस्य के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रही हैं। बच्चों के साथ समय-समय पर शैक्षिक भ्रमण पर जाकर उन्हें वहां की जानकारियां देती हैं। बच्चों के साथ बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनकर उनके समाधान का प्रयास करती हैं। यही नहीं, बच्चों के सर्वांणिक विकास के लिए विद्यालय में प्रदर्शनी लगवाकर, भारतीय पर्वों पर विभिन्न आयोजन व प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं कराती हैं। साल 2022 से जिला सांस्कृतिक समन्वयक के रूप में सामाजिक, सांस्कृतिक, नैतिक व राष्ट्रीय मूल्यों को बढ़ावा देने का कार्य कर रही हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए डेढ़ वर्ष में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत बच्चों से पौधे लगवाकर उनकी देखरेख करा रही हैं।
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पति पवन निजी कंपनी में हैं जीएम
सुनीता बताती हैं कि उनके पति पवन कुमार नोएडा की एक निजी कंपनी में जीएम हैं। उनके सहयोग से साल 1996 से 2013 तक सुनीता ने निजी शिक्षण संस्थानों में शिक्षक व प्राचार्य के पद पर सेवाएं दीं। साल 2014 में पानीपत खंड के समालखा के गांव मच्छरौली स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में नियुक्ति मिली। 2019 से वह मुरथल अड्डा स्थित पीएमश्री राजकीय कन्या विद्यालय में शिक्षिका के रूप में सेवाएं दे रही हैं। सुनीता के दो बच्चे हैं। बेटा अध्ययन ढुल बीटेक की पढ़ाई के बाद ऑस्ट्रेलिया में निजी कंपनी में कार्य कर रहा है जबकि बेटी वंशिका अशोका विश्वविद्यालय से बीएससी मनोविज्ञान ऑनर्स की पढ़ाई कर रही है।
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शिक्षिका सुनीता ने स्कूल में न सिर्फ पठन-पाठन का स्तर ठीक किया बल्कि बुनियादी साधन बेहतरी के लिए भी सराहनीय कार्य किए। उन्होंने विद्यार्थियों में रचनात्मकता बढ़ाने के साथ उन्हें टाइम टेबल का महत्व समझाया। स्कूल में सभी विद्यार्थी इस टाइम टेबल का अनुशरण करते हैं। आधुनिक शिक्षा में तकनीकी के महत्व पर भी वह बेहतर कार्य कर रही हैं। उनके यही सराहनीय कार्य राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार का आधार बने हैं।
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सुनीता ढुल की अन्य उपलब्धियां
सुनीता साल 2014 से बच्चों के लिए प्रदर्शनी लगवाकर व्यावहारिक ज्ञान बढ़ा रही हैं। रचनात्मकता को बढ़ाने के लिए नवाचारी शिक्षण विधियां प्रयोग में ले रही हैं। साल 2019 से परमानेंट रिसोर्स ग्रुप व स्टेट रिसोर्स ग्रुप की सदस्य एवं मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्य करते हुए सामूहिक शिक्षण, प्रयोगात्मक विधियों से विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दे रही हैं। साल 2020 से एफएलएन की संसाधन समूह सदस्य के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रही हैं। बच्चों के साथ समय-समय पर शैक्षिक भ्रमण पर जाकर उन्हें वहां की जानकारियां देती हैं। बच्चों के साथ बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनकर उनके समाधान का प्रयास करती हैं। यही नहीं, बच्चों के सर्वांणिक विकास के लिए विद्यालय में प्रदर्शनी लगवाकर, भारतीय पर्वों पर विभिन्न आयोजन व प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं कराती हैं। साल 2022 से जिला सांस्कृतिक समन्वयक के रूप में सामाजिक, सांस्कृतिक, नैतिक व राष्ट्रीय मूल्यों को बढ़ावा देने का कार्य कर रही हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए डेढ़ वर्ष में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत बच्चों से पौधे लगवाकर उनकी देखरेख करा रही हैं।
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पति पवन निजी कंपनी में हैं जीएम
सुनीता बताती हैं कि उनके पति पवन कुमार नोएडा की एक निजी कंपनी में जीएम हैं। उनके सहयोग से साल 1996 से 2013 तक सुनीता ने निजी शिक्षण संस्थानों में शिक्षक व प्राचार्य के पद पर सेवाएं दीं। साल 2014 में पानीपत खंड के समालखा के गांव मच्छरौली स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में नियुक्ति मिली। 2019 से वह मुरथल अड्डा स्थित पीएमश्री राजकीय कन्या विद्यालय में शिक्षिका के रूप में सेवाएं दे रही हैं। सुनीता के दो बच्चे हैं। बेटा अध्ययन ढुल बीटेक की पढ़ाई के बाद ऑस्ट्रेलिया में निजी कंपनी में कार्य कर रहा है जबकि बेटी वंशिका अशोका विश्वविद्यालय से बीएससी मनोविज्ञान ऑनर्स की पढ़ाई कर रही है।