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शहर में पानी और सीवरेज की व्यवस्था बेहाल, करोड़ों के पाइप गोदाम में हो रहे खराब
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
Updated Wed, 15 Feb 2017 11:55 PM IST
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घास में पड़े हुए पाइप धूल फांक रहे
- फोटो : bureau
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कैबिनेट मंत्री के शहर में पेयजल व सीवर व्यवस्था बदहाल पड़ी हुई है और इन समस्याओं से निजात पाने के लिए शहरवासी विभाग के अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काटकर थक चुके हैं। वहीं, दूसरी ओर गोहाना रोड पर स्थित जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय परिसर में अधिकारियों की अनदेखी के चलते करोड़ों के पाइप कबाड़ बन रहे हैं। शहर की गलियों में उन पाइपों का नहीं डाला जा रहा है।
जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर की सीवर व पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने की बजाय करोड़ों के पाइप को झाड़ियों में छोड़ दिया है। इन पाइपों को बिछाने के लिए हाथ तक नहीं लगाया गया। खुले में पड़े इन पाइपों के ऊपर झाड़ियां व घास तक उग आए हैं तो कई पाइप टूट चुके हैं। वहीं दूसरी ओर शहर की जनता पानी व सीवर व्यवस्था को ठीक करवाने के लिए तरस रही है।
गोदाम में रखे लोहे के पाइप में लग गया जंग
जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा खुले में बनाए गए गोदाम में लोहे के पाइप वर्षों से ऐसे ही पड़े हैं। लापरवाही का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि लोहे के पाइप अनदेखी के चलते जंग खा चुके हैं। विभाग की ओर से इन पाइपों की कोई सुध नहीं ली जा रही है। कई पाइप पूरी तरह से टूट चुके हैं। पाइपों को सही तरीके से रखा भी नहीं गया है।
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विभाग के एसई कागजों तक रह गए सीमित
विभाग के एसई की ओर से भी इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। एसई ने पाइपों की देखभाल करने का जिम्मा कार्यकारी अभियंताओं पर लगाया है। एसई सिर्फ पाइपों को कागजों में ही चेक कर रहे हैं। उनके कार्यालय के ही पीछे खुले में पड़े जंग खा रहे पाइपों को चेक नहीं किया गया।
परिसर में रखे पाइपों की जानकारी नहीं
कार्यालय परिसर के पीछे रखे पाइपों की देखभाल कार्यकारी अभियंता करते हैं। मेरे पास सिर्फ इन पाइपों को चेक करने के लिए केवल फाइल आती है। परिसर में रखे पाइपों के बारे में जानकारी नहीं है।
-आईसी जैन, एसई, जनस्वास्थ्य विभाग
स्टोर इंचार्ज करता है देखभाल
पाइपों को लाइन बिछाने के लिए प्रयोग करने के उपरांत बाकी बचे पाइपों को कार्यालय के पीछे बनाए गोदाम में रख दिया जाता है। इसकी देखभाल स्टोर इंचार्ज की होती है। यहां पर कई बार पाइप टूट भी जाती है। अगर कोई भी लापरवाही है तो उसको चेक करा लिया जाएगा।
-एसके दहिया, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग
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जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर की सीवर व पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने की बजाय करोड़ों के पाइप को झाड़ियों में छोड़ दिया है। इन पाइपों को बिछाने के लिए हाथ तक नहीं लगाया गया। खुले में पड़े इन पाइपों के ऊपर झाड़ियां व घास तक उग आए हैं तो कई पाइप टूट चुके हैं। वहीं दूसरी ओर शहर की जनता पानी व सीवर व्यवस्था को ठीक करवाने के लिए तरस रही है।
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गोदाम में रखे लोहे के पाइप में लग गया जंग
जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा खुले में बनाए गए गोदाम में लोहे के पाइप वर्षों से ऐसे ही पड़े हैं। लापरवाही का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि लोहे के पाइप अनदेखी के चलते जंग खा चुके हैं। विभाग की ओर से इन पाइपों की कोई सुध नहीं ली जा रही है। कई पाइप पूरी तरह से टूट चुके हैं। पाइपों को सही तरीके से रखा भी नहीं गया है।
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विभाग के एसई कागजों तक रह गए सीमित
विभाग के एसई की ओर से भी इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। एसई ने पाइपों की देखभाल करने का जिम्मा कार्यकारी अभियंताओं पर लगाया है। एसई सिर्फ पाइपों को कागजों में ही चेक कर रहे हैं। उनके कार्यालय के ही पीछे खुले में पड़े जंग खा रहे पाइपों को चेक नहीं किया गया।
परिसर में रखे पाइपों की जानकारी नहीं
कार्यालय परिसर के पीछे रखे पाइपों की देखभाल कार्यकारी अभियंता करते हैं। मेरे पास सिर्फ इन पाइपों को चेक करने के लिए केवल फाइल आती है। परिसर में रखे पाइपों के बारे में जानकारी नहीं है।
-आईसी जैन, एसई, जनस्वास्थ्य विभाग
स्टोर इंचार्ज करता है देखभाल
पाइपों को लाइन बिछाने के लिए प्रयोग करने के उपरांत बाकी बचे पाइपों को कार्यालय के पीछे बनाए गोदाम में रख दिया जाता है। इसकी देखभाल स्टोर इंचार्ज की होती है। यहां पर कई बार पाइप टूट भी जाती है। अगर कोई भी लापरवाही है तो उसको चेक करा लिया जाएगा।
-एसके दहिया, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग