फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Sonipat: Maiden Pharmaceuticals is under trial for exporting substandard Medicine to Vietnam

Sonipat: वियतनाम में घटिया दवा निर्यात करने पर मेडेन फार्मास्युटिकल्स पर विचाराधीन है मुकदमा

Tue, 11 Oct 2022 11:09 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कुंडली, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुंडली, सोनीपत (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Tue, 11 Oct 2022 11:09 PM IST
सार

कफ सिरप की वजह से अफ्रीकी देश गाम्बिया में बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। वहीं जांच में कंपनी का रैनिटिडिन हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट (मैंटक-150) का नमूना फेल हो गया था।  

विज्ञापन
Sonipat: Maiden Pharmaceuticals is under trial for exporting substandard Medicine to Vietnam
कुंडली स्थित दवा कंपनी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

सोनीपत की मेडेन फार्मास्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पहली बार चर्चा में नहीं आई है। इससे पहले भी यह कंपनी निम्न स्तर की दवा बनाने के कारण दागदार हो चुकी है। वियतनाम सरकार ने निम्न स्तर की दवा सप्लाई करने पर कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (सीडीएससीओ) नॉर्थ जोन, गाजियाबाद के ड्रग इंस्पेक्टर की शिकायत पर कंपनी के खिलाफ सोनीपत कोर्ट में मुकदमा विचाराधीन है। 

विज्ञापन


पता चला है कि वियतनाम में निम्न स्तर की दवा सप्लाई करने पर सीडीएससीओ के ड्रग इंस्पेक्टर ने वर्ष 2017 में सोनीपत कोर्ट में मेडेन फार्मास्युटिकल्स के खिलाफ शिकायत दी थी। आरोप था कि कंपनी का रैनिटिडिन हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट (मैंटक-150) का एक नमूना फेल हो गया था। कंपनी, उसके निदेशक नरेश कुमार गोयल, तकनीकी निदेशक सोनीपत कोर्ट में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। मामले में अगली सुनवाई 28 अक्तूबर को होनी है। 
विज्ञापन


सीडीएससीओ के ड्रग इंस्पेक्टर ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सोनीपत की अदालत में दायर अपनी शिकायत में कहा था कि उन्होंने राज्य ड्रग कंट्रोल अथॉरिटी के ड्रग कंट्रोल अधिकारी के साथ 13 मार्च, 2014 को मेडेन फार्मास्युटिकल परिसर का दौरा किया था। उन्होंने कंपनी से रैनिटिडिन हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट बीपी (मैंटक-150) का नमूना लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें : Sonipat: साइकिल फैक्टरी में लगी आग, काबू पाने में लगी दमकल विभाग की चार गाड़ियां

पाया गया कि कंपनी के तत्कालीन तकनीकी निदेशक एमके शर्मा की उपस्थिति में उत्पाद की तिथि अप्रैल, 2013 और समाप्ति तिथि मार्च, 2016 का उल्लेख किया गया था। नमूना 18 मार्च, 2014 को विश्लेषण के लिए क्षेत्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, चंडीगढ़ भेजा गया था। प्रयोगशाला में जांच करने पर पाया गया था कि दवा का मानक गुणवत्ता की नहीं थी।


उसके बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने कंपनी को 1 सितंबर, 2014 को ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया था। उसके बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने कंपनी के निदेशक नरेश कुमार गोयल और कंपनी के तकनीकी निदेशक एमके शर्मा के खिलाफ शिकायत दी थी। वर्ष 2017 से ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 के तहत मामले की सुनवाई चल रही है। इस मामले में अब सुनवाई की अगली तारीख 28 अक्तूबर है। 

गाम्बिया में बच्चों की मौत के बाद फिर चर्चा में है कंपनी 
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत की चार दवाइयों को जानलेवा घोषित किया है। यह चारों दवाइयां बच्चों की खांसी से संबंधित हैं। गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत के बाद कंपनी फिर से चर्चा में है। डब्ल्यूएचओ की तरफ से चेतावनी देने के बाद से कंपनी का रिकॉर्ड खंगालने के साथ ही नोटिस दिया गया है। सात दिन में जवाब नहीं देने पर कंपनी का लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed