{"_id":"58b9b6614f1c1b214e831b7b","slug":"sonipat-cops-arrived-to-not-testify-the-court-fined","type":"story","status":"publish","title_hn":"गवाही नहीं देने पहुंचा सिपाही, अदालत ने किया जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गवाही नहीं देने पहुंचा सिपाही, अदालत ने किया जुर्माना
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोनीपत।
Updated Sat, 04 Mar 2017 12:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार की अदालत ने हत्या के मामले में गवाही देने नहीं पहुंचे सिपाही को 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि सिपाही की सैलरी से काटी जाएगी। साथ ही इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक कार्यालय की तरफ से कोर्ट को देनी होगी।
वर्ष 2015 में गांव नाहरा में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार की अदालत में चल रही है। गांव नाहरा निवासी कर्मबीर उर्फ कबूतर आरोपी है। इस मामले में फिलहाल कुंडली थाना की बारोटा चौकी में तैनात सिपाही विकास की गवाही होनी थी। न्यायालय की ओर से उसे गवाही के लिए समन दिया गया था। नहीं पहुंचने पर उसके नाम वारंट भी जारी किया गया। उसके बावजूद भी जब सिपाही गवाही के लिए नहीं पहुंचा तो अदालत ने उस पर 10 हजार रुपये जुर्माने कर दिया है। साथ ही जल्द न्यायालय में हाजिर होने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने मामले में जुर्माने की राशि उसकी सैलरी से काटकर इसकी जानकारी कोर्ट में देने को कहा गया है।
विज्ञापन
वर्ष 2015 में गांव नाहरा में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार की अदालत में चल रही है। गांव नाहरा निवासी कर्मबीर उर्फ कबूतर आरोपी है। इस मामले में फिलहाल कुंडली थाना की बारोटा चौकी में तैनात सिपाही विकास की गवाही होनी थी। न्यायालय की ओर से उसे गवाही के लिए समन दिया गया था। नहीं पहुंचने पर उसके नाम वारंट भी जारी किया गया। उसके बावजूद भी जब सिपाही गवाही के लिए नहीं पहुंचा तो अदालत ने उस पर 10 हजार रुपये जुर्माने कर दिया है। साथ ही जल्द न्यायालय में हाजिर होने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
अदालत ने मामले में जुर्माने की राशि उसकी सैलरी से काटकर इसकी जानकारी कोर्ट में देने को कहा गया है।