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Sonipat News: राहत की 'खुराक' से निखरेगा युवाओं का हुनर
Mon, 26 Aug 2024 01:50 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 26 Aug 2024 01:50 PM IST
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सोनीपत। खेल विभाग ने जिले की खेल नर्सरियों के खिलाड़ियों को राहत देते हुए खुराक भत्ता जारी कर दिया है। लंबे समय से खेल नर्सरियों में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को भत्ता राशि जारी होने का इंतजार था।
अमर उजाला ने 6 अगस्त के अंक में ''खेल कैसे निखरेगा, नर्सरी में खिलाड़ियों को ''खुराक'' नहीं'' शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इस पर संज्ञान लेते हुए विभाग ने खिलाड़ियों के बैंक खातों में भत्ता डाल दिया है।
जिले में पिछले साल 86 नर्सरियां थी। जिनमें करीब 2150 खिलाड़ी रोजाना सुबह शाम अभ्यास करते थे। विभाग ने पिछले साल जुलाई से इस साल जनवरी तक के खुराक भत्ता जारी कर दिए है। प्रदेश सरकार की तरफ खेल नर्सरी की योजना प्रत्येक जिले में चलाई जाती है। जिसमें 25 खिलाड़ी सुबह शाम अभ्यास करते है। प्रदेश सरकार की तरफ से 8 से 14 आयु वर्ग के खिलाड़ियों को प्रति माह 1500 रुपये व 15 से 19 आयु वर्ग को 2000 रुपये प्रति माह दिया जाता है। खेल विभाग ने इस बार जिले में खेल नर्सरियों की संख्या में इजाफा किया है। खिलाड़ी प्रतिदिन खुद को तराशने के लिए कड़ा अभ्यास करते है। इसके लिए दूध, फल व अन्य पौष्टिक खुराक बेहद जरूरी होती है ताकि शारीरिक विकास प्रभावित न हो।
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जिले में इस बार 111 खेल नर्सरियां
खेल विभाग ने इस बार जिले में खेल नर्सरियों की संख्या में बढ़ोतरी की है। इस बार 32 सरकारी व 79 निजी खेल नर्सरियां है। जोकि 15 जून से जिले से शुरू कर दी गई थी। नर्सरियों में खिलाड़ियों को सुबह शाम कड़ा अभ्यास कराया जाता है। प्रत्येक नर्सरी में 25 खिलाड़ी होते है। इनका खुराक भत्ता प्रदेश सरकार की तरफ से दिया जाता है। जिले में कुश्ती की कुल 28 व कबड्डी की कुल 17 खेल नर्सरियां हैं।
- खेल विभाग ने जिले के खिलाड़ियों के बैंक खातों में पिछले साल जुलाई से इस साल जनवरी तक का खुराक भत्ता डाल दिया है। पिछले साल जिले में 86 खेल नर्सरियां थीं। इसमें करीब 2150 खिलाड़ी अभ्यास करते थे।
- मनोज कुमार, खेल अधिकारी
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अमर उजाला ने 6 अगस्त के अंक में ''खेल कैसे निखरेगा, नर्सरी में खिलाड़ियों को ''खुराक'' नहीं'' शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इस पर संज्ञान लेते हुए विभाग ने खिलाड़ियों के बैंक खातों में भत्ता डाल दिया है।
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जिले में पिछले साल 86 नर्सरियां थी। जिनमें करीब 2150 खिलाड़ी रोजाना सुबह शाम अभ्यास करते थे। विभाग ने पिछले साल जुलाई से इस साल जनवरी तक के खुराक भत्ता जारी कर दिए है। प्रदेश सरकार की तरफ खेल नर्सरी की योजना प्रत्येक जिले में चलाई जाती है। जिसमें 25 खिलाड़ी सुबह शाम अभ्यास करते है। प्रदेश सरकार की तरफ से 8 से 14 आयु वर्ग के खिलाड़ियों को प्रति माह 1500 रुपये व 15 से 19 आयु वर्ग को 2000 रुपये प्रति माह दिया जाता है। खेल विभाग ने इस बार जिले में खेल नर्सरियों की संख्या में इजाफा किया है। खिलाड़ी प्रतिदिन खुद को तराशने के लिए कड़ा अभ्यास करते है। इसके लिए दूध, फल व अन्य पौष्टिक खुराक बेहद जरूरी होती है ताकि शारीरिक विकास प्रभावित न हो।
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जिले में इस बार 111 खेल नर्सरियां
खेल विभाग ने इस बार जिले में खेल नर्सरियों की संख्या में बढ़ोतरी की है। इस बार 32 सरकारी व 79 निजी खेल नर्सरियां है। जोकि 15 जून से जिले से शुरू कर दी गई थी। नर्सरियों में खिलाड़ियों को सुबह शाम कड़ा अभ्यास कराया जाता है। प्रत्येक नर्सरी में 25 खिलाड़ी होते है। इनका खुराक भत्ता प्रदेश सरकार की तरफ से दिया जाता है। जिले में कुश्ती की कुल 28 व कबड्डी की कुल 17 खेल नर्सरियां हैं।
- खेल विभाग ने जिले के खिलाड़ियों के बैंक खातों में पिछले साल जुलाई से इस साल जनवरी तक का खुराक भत्ता डाल दिया है। पिछले साल जिले में 86 खेल नर्सरियां थीं। इसमें करीब 2150 खिलाड़ी अभ्यास करते थे।
- मनोज कुमार, खेल अधिकारी