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Sonipat News: सकट चौथ आज...गणपति की कृपा के लिए दुर्लभ योगों का श्रेष्ठ अवसर
Tue, 06 Jan 2026 01:50 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 06 Jan 2026 01:50 AM IST
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सोनीपत। भगवान गणेश को समर्पित सकट चौथ का व्रत मंगलवार को मनाया जाएगा। यह व्रत विशेष रूप से संतान की रक्षा, परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन के विघ्न-बाधाओं के निवारण के लिए किया जाता है। माघ कृष्ण चतुर्थी को मनाया जाने वाला यह पर्व तिल चौथ, तिलकुट चतुर्थी और माघ संकष्टी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन तिल और तिलकुट का भोग अर्पित करने का विशेष महत्व है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. मनमोहन मिश्रा के अनुसार इस वर्ष सकट चौथ पर सर्वार्थ सिद्धि, प्रीति और आयुष्मान जैसे शुभ योगों का संयोग बन रहा है। इससे यह पर्व अत्यंत फलदायी हो गया है। माघ कृष्ण चतुर्थी तिथि मंगलवार सुबह 8:01 बजे से बुधवार सुबह 6:52 बजे तक रहेगी लेकिन चंद्रोदय मंगलवार को चतुर्थी तिथि में होने के कारण सकट चौथ का व्रत 6 जनवरी को ही रखा जाएगा और इसी दिन चंद्र दर्शन के बाद व्रत का पारण किया जाएगा।
शुभ योग और नक्षत्र
सर्वार्थ सिद्धि योग : सुबह 7:15 बजे से दोपहर 12:17 बजे तक
प्रीति योग : सुबह से रात 8:21 बजे तक
इसके पश्चात आयुष्मान योग आरंभ होगा
अश्लेषा नक्षत्र : सुबह से दोपहर 12:17 बजे तक
इसके बाद मघा नक्षत्र प्रारंभ होगा
भद्रा व पूजा का समय
भद्रा काल : सुबह 7:15 से 8:01 बजे तक (इस दौरान पूजा वर्जित)
मुख्य पूजा मुहूर्त : सुबह 9:51 से दोपहर 1:45 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 5:26 से 6:21 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:06 से 12:48 बजे तक
राहुकाल : दोपहर 3:03 से 4:21 बजे तक
चंद्रोदय : रात 8:54 बजे
व्रत-विधान व विशेष उपाय
सकट चौथ के दिन प्रात: स्नान कर व्रत का संकल्प लेना चाहिए। विधिपूर्वक गणपति पूजन कर सकट चौथ व्रत कथा का पाठ करें। भगवान गणेश को तिल के लड्डू, तिलकुट, घी-गुड़ और दूर्वा अर्पित करें। सायंकाल चंद्र दर्शन के पश्चात जल, दूध, पुष्प और अक्षत मिलाकर अघ्र्य दें, फिर व्रत का पारण करें। इस दिन तिल, अन्न और धन का दान करना भी विशेष पुण्यदायी माना गया है।
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मंत्र जाप से बढ़ेगा पुण्य फल
ऊँ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
ऊँ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि।
तन्नो दन्ति: प्रचोदयात्॥
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ज्योतिषाचार्य डॉ. मनमोहन मिश्रा के अनुसार इस वर्ष सकट चौथ पर सर्वार्थ सिद्धि, प्रीति और आयुष्मान जैसे शुभ योगों का संयोग बन रहा है। इससे यह पर्व अत्यंत फलदायी हो गया है। माघ कृष्ण चतुर्थी तिथि मंगलवार सुबह 8:01 बजे से बुधवार सुबह 6:52 बजे तक रहेगी लेकिन चंद्रोदय मंगलवार को चतुर्थी तिथि में होने के कारण सकट चौथ का व्रत 6 जनवरी को ही रखा जाएगा और इसी दिन चंद्र दर्शन के बाद व्रत का पारण किया जाएगा।
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शुभ योग और नक्षत्र
सर्वार्थ सिद्धि योग : सुबह 7:15 बजे से दोपहर 12:17 बजे तक
प्रीति योग : सुबह से रात 8:21 बजे तक
इसके पश्चात आयुष्मान योग आरंभ होगा
अश्लेषा नक्षत्र : सुबह से दोपहर 12:17 बजे तक
इसके बाद मघा नक्षत्र प्रारंभ होगा
भद्रा व पूजा का समय
भद्रा काल : सुबह 7:15 से 8:01 बजे तक (इस दौरान पूजा वर्जित)
मुख्य पूजा मुहूर्त : सुबह 9:51 से दोपहर 1:45 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 5:26 से 6:21 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:06 से 12:48 बजे तक
राहुकाल : दोपहर 3:03 से 4:21 बजे तक
चंद्रोदय : रात 8:54 बजे
व्रत-विधान व विशेष उपाय
सकट चौथ के दिन प्रात: स्नान कर व्रत का संकल्प लेना चाहिए। विधिपूर्वक गणपति पूजन कर सकट चौथ व्रत कथा का पाठ करें। भगवान गणेश को तिल के लड्डू, तिलकुट, घी-गुड़ और दूर्वा अर्पित करें। सायंकाल चंद्र दर्शन के पश्चात जल, दूध, पुष्प और अक्षत मिलाकर अघ्र्य दें, फिर व्रत का पारण करें। इस दिन तिल, अन्न और धन का दान करना भी विशेष पुण्यदायी माना गया है।
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मंत्र जाप से बढ़ेगा पुण्य फल
ऊँ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
ऊँ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि।
तन्नो दन्ति: प्रचोदयात्॥