फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Released 200 cusecs more water than capacity, more than 400 acres of crops were submerged

क्षमता से 200 क्यूसेक अधिक पानी छोड़ा, 400 एकड़ से अधिक फसलें डूबीं

Thu, 22 Jul 2021 12:33 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jul 2021 12:33 AM IST
विज्ञापन
Released 200 cusecs more water than capacity, more than 400 acres of crops were submerged
महमूदपर के पास ड्रेन ओवरफ्लो होने से खेतों में भरपा पानी। - फोटो : Sonipat
सिंचाई विभाग ने मंगलवार रात क ो ड्रेन-8 में करीब 4 हजार क्षमता से दो सौ क्यूसेक अधिक पानी छोड़ दिया। इससे ड्रेन नंबर आठ दो गांवों में ओवरफ्लो हो गई। इस कारण किसानों की 400 एकड़ से अधिक फसल डूब गईं। इसकी सूचना मिलने पर एसडीएम, नायब तहसीलदार के अलावा बरोदा हलका के कांग्रेस विधायक इंदुराज नरवाल जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचे। यहां किसानों ने संबंधित अधिकारियों पर ड्रेन की सफाई न करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही पानी भरने से फसल में नुकसान की आशंका जताई।
विज्ञापन

गोहाना शहर के बीचोंबीच होकर गुजर रही ड्रेन-8 में मंगलवार शाम को पानी की मात्रा कम थी, लेकिन किसान बुधवार सुबह जब खेतों की तरफ गए तो ड्रेन ओवरफ्लो मिली। विभाग ने मंगलवार रात को ड्रेन में 4200 क्यूसेक पानी छोड़ दिया। ऐसे में गोहाना में ड्रेन-8 से निकल रही ड्रेन-3 की पटरी तीन जगह से ओवरफ्लो हो गई। इससे ड्रेन के आसपास 250 एकड़ से अधिक फसल में पानी भर गया। इसके अलावा मोई हुड्डा व पुठी गांव में भी ड्रेन ओवरफ्लो होने से करीब 170 एकड़ में फसल जलमग्न हो गई। इसकी सूचना मिलते ही पटवारी व कानूनगो मौके पर पहुंचे। इसके बाद बरोदा हलका के विधायक इंदुराज नरवाल, एसडीएम प्रदीप कुमार, नायब तहसीलदार प्रमोद कुमार, सिंचाई विभाग के एक्सईएन मंदीप गुलिया ने भी जायजा लिया। यहां विधायक व एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को मिट्टी डालकर खेतों में पानी जाने से रोकने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उच्च अधिकारियों से बातचीत करते ड्रेन में पानी को भी कम कराया।
विज्ञापन

क्षमता से अधिक पानी छोड़ने व सफाई न होने से हुआ नुकसान : इंदुराज
ड्रेन का जायजा लेने पहुंचे बरोदा हलका के विधायक इंदुराज नरवाल ने कहा कि ड्रेन की क्षमता 4000 क्यूसेक पानी की है, लेकिन विभाग ने इसमें 4200 क्यूसेक छोड़ दिया। इससे पहले ड्रेन की सफाई भी सही तरीके से नहीं की गई है। कई जगह तो इसकी पटरी काफी कमजोर है। पानी भरने से जहां किसानों को नुकसान हुआ है, वहीं अगर बारिश आती है तो इस कारण बड़ा हादसा होने की आशंका है। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर ही बेहतर व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सरकार से भी किसानों को 50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह कहना है किसानों का
ड्रेन-3 व 8 की पटरी उनके खेत से लगती है। रात को इसमें पानी आया तो वह उनके खेतों में ओवरफ्लो हो गया। इसके बाद पटरी भी टूटती गई। इस कारण खेतों में करीब छह फुट तक पानी भर गया है। ड्रेन की पटरी सफाई न होने के कारण ओवरफ्लो हुई है, जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है।
- अजमेर सिंह, किसान।
--
हाल ही में 17 एकड़ में धान की फसल की रोपाई की थी, लेकिन ड्रेन ओवरफ्लो होने के कारण पूरी फसल डूब गई है। इससे मुझे काफी नुकसान हुआ है। यह नुकसान अधिकारियों की लापरवाही के कारण हुआ है। वह न तो ड्रेन की सफाई करा रहे हैं और लगातार पटरी के किनारे से मिट्टी को उठवाया जा रहा है।

- अनूप, किसान।
वर्जन
रोहतक, महेंद्रगढ़ समेत कई जिलों ने ड्रेन का पानी लेने से मना कर दिया है। इस कारण ड्रेन में पानी ज्यादा आने के कारण ओवरफ्लो हो गया। खेतों में जाकर पानी भरने का जायजा भी लिया है। जहां मिट्टी का कटाव था, वहां संबंधित अधिकारियों से कहकर उसे बंद करा दिया है। इसके साथ ही ड्रेन में पीछे से भी पानी कम करा दिया है। इससे ड्रेन और खेतों में पानी की मात्रा कम हो गई है।
- प्रदीप कुमार, एसडीएम गोहाना।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed