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सोनीपत में तेल पाइप लाइन दबाने का विरोध: किसानों की महापंचायत, पुलिस ने 42 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया

Thu, 07 Nov 2024 12:40 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Thu, 07 Nov 2024 12:40 PM IST
सार

सोनीपत के गांव कोहला में कई गांवों के किसान किसान पाइप लाइन बिछाने पर मार्केट रेट के अनुसार मुआवजा देने की मांग को लेकर 3 अगस्त से धरना दे रहे हैं। बुधवार को किसान नेताओं ने गांव कोहला में पंचायत बुलाकर फिर काम रुकवा दिया, जिसके बाद 42 किसानों को हिरासत में लिया गया था। 

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Protest against pressing of oil pipeline in Sonipat, Mahapanchayat of farmers
किसान - फोटो : संवाद

विस्तार

सोनीपत के गोहाना के गांव कोहला में पाइप लाइन दबाने का विरोध कर रहे किसानों ने महापंचायत बुलाई है। किसानों की महापंचायत में किसान नेता पहुंचने शुरू हो गए है। किसानों ने एक दिन पहले पोकलेन मशीन के आगे खड़े होकर काम को रुकवा दिया था। जिसके चलते 42 किसानों को हिरासत में लेने के बाद छोड़ दिया था।

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वीरवार की किसान महापंचायत में शामिल होने पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रदेश अध्यक्ष रवि आजाद ने कहा कि सरकार व प्रशासन किसानों की मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा और जबरदस्ती काम शुरू करवाया जा रहा है। किसानों के साथ ज्यादती की जा रही है। किसान माताओं-बहनों तक को प्रताडि़त किया जा रहा है। किसान झुकने वाला नहीं है। किसान अपनी मांगों को पूरा कराकर ही रहेगा। पहले भी किसानों के साथ ज्यादती हुई तो वह अडिग रहे थे।
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वहीं, किसान नेता सत्यवान नरवाल ने कहा कि किसान अपनी जमीन से पाइप लाइन दबाने की एवज में जायज मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उनके क्षेत्र से सटे पानीपत में किसानों की जमीन का सर्कल रेट 80 लाख रुपये तय किया गया है। उसके अनुसार मुआवजा दिया जा रहा है। वहीं सोनीपत में यह पहले 16 लाख था और अब करीब 25 से 27 लाख किया है। यह गलत है और काफी कम है। कम से कम पानीपत की तर्ज पर सर्कल रेट तय कर मुआवजा दिया जाना चाहिए।
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यह है मामला
गुजरात से पानीपत रिफाइनरी में तेल की आपूर्ति पहुंचाने के लिए एक तेल कंपनी की तरफ से क्षेत्र के विभिन्न गांवों के खेतों से पाइपलाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। काफी गांवों में पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। गांव कोहला में कई गांवों के किसान किसान पाइप लाइन बिछाने पर मार्केट रेट के अनुसार मुआवजा देने की मांग को लेकर 3 अगस्त से धरना दे रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने मंगलवार को किसानों को हटवाकर तेल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू करवा दिया था। किसानों ने इसका विरोध जताया था। जिस पर 24 किसानों को हिरासत में लेने के कुछ घंटे बाद छोड़ दिया था। बुधवार को किसान नेताओं ने गांव कोहला में पंचायत बुलाकर फिर काम रुकवा दिया, जिसके बाद 42 किसानों को हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था।

भारी पुलिस बल किया गया तैनात
गांव कोहला में महापंचायत से पहले ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। एसीपी ऋषिकांत के नेतृत्व में पुलिस बल को तैनात किया गया है।

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