{"_id":"66d8d89b28c32e72d009b184","slug":"paris-paralympics-dharambir-wins-gold-with-asian-record-2024-09-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेरिस पैरालंपिक : एशियाई रिकॉर्ड के साथ धर्मबीर ने जीता सोना, सोनीपत के गांव भदाना में खुशी का माहौल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेरिस पैरालंपिक : एशियाई रिकॉर्ड के साथ धर्मबीर ने जीता सोना, सोनीपत के गांव भदाना में खुशी का माहौल
Thu, 05 Sep 2024 03:32 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, सोनीपत
अमर उजाला नेटवर्क, सोनीपत
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 05 Sep 2024 03:32 AM IST
सार
देश के साथ जिले में भी जश्न शुरू हो गया। पैतृक गांव भदाना में उनके निवास स्थान पर खेलप्रेमियों ने मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई।
विज्ञापन
सोनीपत के गांव भदाना निवासी भीम अवाॅर्डी धर्मबीर नैन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पेरिस पैरालंपिक के पुरुष वर्ग की क्लब थ्रो एफ-51 स्पर्धा में सोनीपत के गांव भदाना निवासी भीम अवाॅर्डी धर्मबीर नैन ने शानदार खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक जीता है। इसके बाद देश के साथ जिले में भी जश्न शुरू हो गया। पैतृक गांव भदाना में उनके निवास स्थान पर खेलप्रेमियों ने मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई।
विज्ञापन
भीम अवाॅर्डी धर्मबीर नैन ने अपने ही एशियाई रिकॉर्ड को तोड़कर पेरिस में स्वर्ण पदक जीता है। पेरिस पैरालंपिक की एफ-51 स्पर्धा में धर्मबीर नैन के पहले चार थ्रो अमान्य रहे। उन्होंने हौसला न हारते हुए स्पर्धा की पांचवीं बारी में 34.92 का स्वर्णिम थ्रो किया। पेरिस रवाना होने से पहले कहा था कि देश को सोना दिलाकर ही लौटूंगा
विज्ञापन
धर्मबीर नैन इससे पहले रियो व टोक्यो पैरालंपिक में पदक नहीं जीत सके थे। उन्होंने पेरिस रवाना होने से पहले कहा था कि इस बार देश को सोना दिलाकर ही लौटूंगा। उन्होंने बताया था कि मैं पेरिस पैरालंपिक के लिए पूरी तरह तैयार हूं। धर्मबीर ने प्रतियोगिता के लिए सुबह-शाम कड़ा अभ्यास किया था।
विज्ञापन
नहर में नहाने के लिए छलांग लगाई तो टूट गई थी रीढ़ की हड्डी
धर्मबीर नैन का सफर कठिनाइयों भरा रहा है। धर्मबीर नैन ने वर्ष 2012 में नहर में नहाने के लिए छलांग लगाई, लेकिन जलस्तर कम होने से गर्दन सीधा तलहटी से जा टकराई। हादसे में रीढ़ की हड्डी टूट गई व आधे से ज्यादा शरीर ने काम करना बंद कर दिया था। हादसे में आधा शरीर निष्क्रिय होने के बाद भी धर्मबीर ने हार नहीं मानी। अब उन्होंने अपने बुलंद हौसले व मेहनत के दम पर देश की झोली में स्वर्ण पदक डाला है। परिजनों का कहना है कि वह बहुत खुश हैं। धर्मबीर ने पेरिस में सोना जीतकर देश, प्रदेश व जिले का नाम ऊंचा किया है। देश लौटने पर धर्मबीर का भव्य स्वागत किया जाएगा।