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जिले में 27 दिन में पराली जलाने के 21 केस मिले
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सोनीपत। पराली जलाने से फैल रहे प्रदूषण को रोकने के लिए कृषि विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभाग की ओर से सैटेलाइट से पराली जलाने वाले किसानों की जांच की जा रही है। सैटेलाइट से प्रतिदिन तड़के तीन बजे व अपराह्न तीन बजे फोटो भेजे जाते हैं। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भी गांव-गांव घूमकर जांच की जा रही है।
कृषि उपनिदेशक डॉ. अनिल सहरावत ने बताया कि पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ सख्ती से काम किया जा रहा है। जिसके चलते पराली जलाने वाले किसानों की जांच सैटेलाइट से कराई जा रही है और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा यह अभियान 25 सितंबर से शुरू किया गया था। सैटेलाइट से अब तक 43 केस भेजे गए हैं। जिनमें मौके पर जांच करने के बाद 16 केस सही पाए गए। वहीं अधिकारियों ने भी गांव-गांव पहुंचकर पांच केस पकड़े हैं। जिनसे मौके पर ही प्रत्येक से 2500-2500 रुपये वसूले गए है। कृषि उपनिदेशक ने कहा कि पिछले वर्ष पराली जलाने वाले 32 किसान पकड़े गए थे। जिनसे 80 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया था। लेकिन इस बार 27 दिन में ही पराली जलाने के 21 केस मिल चुके हैं।
सख्ती के बाद भी लगातार बढ़ रहे पराली जलाने के मामले
पराली न जलाने के लिए किसानों को धान की फसल कटने से पहले ही जागरूक करना शुरू कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। कृषि उपनिदेशक डॉ. अनिल सहरावत का कहना है किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान और पराली न जलाने से होने वाले फायदों के बारे में समझाया जाता है। इसके बाद भी कुछ किसान ऐसे है जो पराली जलाने से नहीं मान रहे है। ऐसे किसानों पर विभाग की ओर से 2500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही जुर्माना न देने पर केस दर्ज करने का भी प्रावधान है।
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कृषि उपनिदेशक डॉ. अनिल सहरावत ने बताया कि पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ सख्ती से काम किया जा रहा है। जिसके चलते पराली जलाने वाले किसानों की जांच सैटेलाइट से कराई जा रही है और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा यह अभियान 25 सितंबर से शुरू किया गया था। सैटेलाइट से अब तक 43 केस भेजे गए हैं। जिनमें मौके पर जांच करने के बाद 16 केस सही पाए गए। वहीं अधिकारियों ने भी गांव-गांव पहुंचकर पांच केस पकड़े हैं। जिनसे मौके पर ही प्रत्येक से 2500-2500 रुपये वसूले गए है। कृषि उपनिदेशक ने कहा कि पिछले वर्ष पराली जलाने वाले 32 किसान पकड़े गए थे। जिनसे 80 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया था। लेकिन इस बार 27 दिन में ही पराली जलाने के 21 केस मिल चुके हैं।
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सख्ती के बाद भी लगातार बढ़ रहे पराली जलाने के मामले
पराली न जलाने के लिए किसानों को धान की फसल कटने से पहले ही जागरूक करना शुरू कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। कृषि उपनिदेशक डॉ. अनिल सहरावत का कहना है किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान और पराली न जलाने से होने वाले फायदों के बारे में समझाया जाता है। इसके बाद भी कुछ किसान ऐसे है जो पराली जलाने से नहीं मान रहे है। ऐसे किसानों पर विभाग की ओर से 2500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही जुर्माना न देने पर केस दर्ज करने का भी प्रावधान है।
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