फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Panchayat will get one lakh rupees for not burning stubble in Red Zone village

Sonipat News: रेड जोन के गांव में पराली न जलने पर पंचायत को मिलेंगे एक लाख रुपये

Thu, 07 Sep 2023 01:08 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Thu, 07 Sep 2023 01:08 AM IST
विज्ञापन
Panchayat will get one lakh rupees for not burning stubble in Red Zone village
सोनीपत। फसल अवशेष प्रबंधन में जुटे कृषि विभाग ने जीरो बर्निंग टारगेट को निर्धारित किया है। इसके तहत रेड और येलो जोन में शामिल गांवों की पंचायत को नकद राशि देकर प्रोत्साहित किया जाएगा। रेड जोन में शामिल गांव में खरीफ सीजन में फसल अवशेष जलाने की घटना शून्य रहने पर पंचायत को एक लाख रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाएंगे। येलो जोन में शामिल गांवों की पंचायत को 50 हजार रुपये मिले।
विज्ञापन


जिले में किसानों ने करीब एक लाख हेक्टेयर भूमि में धान की खेती की है। फसल तैयार होने की तरफ अग्रसर है। अक्तूबर और नवंंबर में धान की कटाई शुरू हो जाएगी। कई बार किसान धान की कटाई करने के बाद बचे हुए अवशेष को आग लगा देते हैं। इससे वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। अक्तूबर-नवंबर में वातावरण ठंडा होने की वजह से उसमें नमी अधिक होती है। इससे प्रदूषण नीचे आ जाता है, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है। ऐसे में जिला कृषि विभाग ने इसे रोकने के लिए जीरो बर्निंग टारगेट लेकर आया है।
विज्ञापन


रेड जोन में गंगाना और येलो में 16 गांव शामिल

कृषि विभाग ने फसल अवशेष जलाने की घटना को रोकने के लिए जिले को रेड और येलो जोन में बांटा है। वर्ष 2021 में जिले के पांच गांव रेड और 42 गांव एलो जोन में शामिल थे, लेकिन 2022 में खरीफ के सीजन में विभाग की तरफ से चलाए गए जागरूकता अभियान व सख्ती के कारण रेड जोन में महज एक गांव गंगाना ही शामिल है। येलो जोन में 16 गांव ककरोई, रहमाना, माहरा, मोई, जागसी, बरोदा मोर, मिर्जापुर खेड़ी, कथूरा व आठ अन्य शामिल हैं। फसल अवशेष को जलाने की घटना को रोकने के लिए सेटेलाइट से भी नजर रखी जाती है। साथ ही कृषि विभाग जमीनी स्तर पर भौतिक सत्यापन के लिए टीमों का गठन किया है। वर्ष 2021 में जिले में फसल अवशेष को आग लगाने की 204 घटनाएं हुई थीं। वर्ष 2022 में यह घटनाएं कम होकर 100 रह गई थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

------------



फसल अवशेष प्रबंधन के लिए मुहैया करवाए जा रहे कृषि यंत्र
कृषि विभाग के सहायक अभियंता नवीन हुड्डा ने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि विभाग किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र मुहैया करा रहा है। पंजीकरण करवाने वाले किसानों को प्रति एकड़ एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। पिछले साल 1005 किसानों को 85.39 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई थी।


वर्जन

फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि विभाग ने रूपरेखा तैयार की है। पंचायतों का सहयोग मांगा गया है। रेड जोन में शामिल गांव में अगर इस बार फसल अवशेष को आग नहीं लगाई गई तो पंचायत को एक लाख रुपये दिए जाएंगे। येलो जोन की पंचायतों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे। -डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed