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Sonipat News: अब बाल विवाह रुकवाने में सहयोग करेंगे गुरुजी
Fri, 21 Apr 2023 12:45 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 21 Apr 2023 12:45 AM IST
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रजनी गुप्ता, संरक्षण एवं बाल निषेध अधिकारी, सोनीपत।
सोनीपत। बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए अब गुरुजी भी अपनी भूमिका निभाएंगे। इसके लिए स्कूलों में विद्यार्थियों को बाल विवाह जैसी बुराई और इसके दुष्परिणाम के बारे में विस्तार से बताते हुए इसे जड़ से खत्म करने के लिए प्रेरित करेंगे।
इसके साथ ही एसएमसी सदस्यों और अभिभावकों को भी इसके बारे में जागरूक किया जाएगा। इसको लेकर संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर नाबालिगों की शादी रुकवाने में सहयोग करने की मांग की है।
अक्षय तृतीया पर शादी का अबूझ मुहूर्त होता है। इस बार अक्षय तृतीय 22 अप्रैल को है। इस दिन जिले में बड़ी संख्या में शादी होंगी। इस दौरान किसी नाबालिग की शादी न हो, इसके लिए संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध विभाग की टीम ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर नाबालिगों की शादी रुकवाने में सहयोग मांगा है। जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के सभी स्कूल प्रमुखों व अन्य अध्यापकों को इस बारे में निर्देश जारी किए हैं। साथ ही कहा है कि सभी शिक्षक अपने क्षेत्र में विशेष निगरानी रखेंगे कि कहीं पर नाबालिग की शादी तो नहीं हो रही। अगर कहीं पर हो रही है तो इसकी सूचना तुरंत संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध विभाग को देंगे।
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टीमें बनाकर निगरानी रखने के दिए निर्देश : डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया ने बताया कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है। जिसे जड़ से खत्म करना जरूरी है। सभी स्कूल मुखिया व अध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल में विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणाम से अवगत कराएं। एसएमसी सदस्यों व अभिभावकों को भी जागरूक करें। साथ ही 22 अप्रैल को अपने क्षेत्र में होने वाली शादियों पर भी नजर रखें। अगर कहीं नाबालिग की शादी होने की सूचना मिलती है तो जाकर वर-वधू की आयु की जांच करें। दोनों में से किसी की आयु कम मिलती है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को दें।
अक्षय तृतीया पर अधिक शादी होती हैं। बाल विवाह निषेध विभाग की टीम का हर जगह जाना संभव नहीं है। ऐसे में शिक्षा विभाग से सहयोग मांगा गया है। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सभी जगह स्कूल हैं। ऐसे में शिक्षक बाल विवाह रुकवाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। सभी की जिम्मेदारी है कि बाल विवाह रुकवाने के लिए लोगों को जागरूक करें। अगर कहीं पर भी बाल विवाह होने की जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस या संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध विभाग की टीम को सूचित करें। जिससे इस सामाजिक बुराई का खात्मा किया जा सके। -रजनी गुप्ता, संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी, सोनीपत
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इसके साथ ही एसएमसी सदस्यों और अभिभावकों को भी इसके बारे में जागरूक किया जाएगा। इसको लेकर संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर नाबालिगों की शादी रुकवाने में सहयोग करने की मांग की है।
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अक्षय तृतीया पर शादी का अबूझ मुहूर्त होता है। इस बार अक्षय तृतीय 22 अप्रैल को है। इस दिन जिले में बड़ी संख्या में शादी होंगी। इस दौरान किसी नाबालिग की शादी न हो, इसके लिए संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध विभाग की टीम ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर नाबालिगों की शादी रुकवाने में सहयोग मांगा है। जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के सभी स्कूल प्रमुखों व अन्य अध्यापकों को इस बारे में निर्देश जारी किए हैं। साथ ही कहा है कि सभी शिक्षक अपने क्षेत्र में विशेष निगरानी रखेंगे कि कहीं पर नाबालिग की शादी तो नहीं हो रही। अगर कहीं पर हो रही है तो इसकी सूचना तुरंत संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध विभाग को देंगे।
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टीमें बनाकर निगरानी रखने के दिए निर्देश : डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया ने बताया कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है। जिसे जड़ से खत्म करना जरूरी है। सभी स्कूल मुखिया व अध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल में विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणाम से अवगत कराएं। एसएमसी सदस्यों व अभिभावकों को भी जागरूक करें। साथ ही 22 अप्रैल को अपने क्षेत्र में होने वाली शादियों पर भी नजर रखें। अगर कहीं नाबालिग की शादी होने की सूचना मिलती है तो जाकर वर-वधू की आयु की जांच करें। दोनों में से किसी की आयु कम मिलती है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को दें।
अक्षय तृतीया पर अधिक शादी होती हैं। बाल विवाह निषेध विभाग की टीम का हर जगह जाना संभव नहीं है। ऐसे में शिक्षा विभाग से सहयोग मांगा गया है। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सभी जगह स्कूल हैं। ऐसे में शिक्षक बाल विवाह रुकवाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। सभी की जिम्मेदारी है कि बाल विवाह रुकवाने के लिए लोगों को जागरूक करें। अगर कहीं पर भी बाल विवाह होने की जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस या संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध विभाग की टीम को सूचित करें। जिससे इस सामाजिक बुराई का खात्मा किया जा सके। -रजनी गुप्ता, संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी, सोनीपत