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Sonipat News: रजिस्ट्रेशन के नाम पर न्यूरो सर्जन से 3.62 लाख ठगे
Tue, 10 Feb 2026 01:24 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 10 Feb 2026 01:24 AM IST
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सोनीपत। व्हाइट लिली रेजिडेंसी निवासी न्यूरोसर्जन डॉ. प्रवीन कुमार गुप्ता के साथ साइबर ठगी हो गई। ठगों ने बैंक रजिस्ट्रेशन के नाम पर उनसे क्रेडिट कार्ड की जानकारी लेकर 3.62 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली।
डॉ. प्रवीन कुमार गुप्ता ने बताया कि उनके मोबाइल फोन पर एक अन्य मोबाइल नंबर से पिछले दिनों कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को पीएनबी से जुड़ा बताते हुए मोबाइल रजिस्ट्रेशन का हवाला दिया। उनसे बैंक डिटेल मांग ली।
पीएनबी कार्ड न होने की जानकारी देने पर आरोपी ने उनसे वैकल्पिक कार्ड की जानकारी मांगी। इस पर गलती से उन्होंने अपने आईसीआईसीआई बैंक क्रेडिट कार्ड का विवरण साझा कर दिया।
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इस दौरान उनके मोबाइल पर लगातार ओटीपी आने लगे। जब उन्होंने ओटीपी आने का कारण पूछा तो कॉल करने वाले ने इसे रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया का हिस्सा बताया।
उन्होंने बताया कि संदेह होने पर तुरंत कॉल डिस्कनेक्ट कर आईसीआईसीआई बैंक कस्टमर केयर से संपर्क कर क्रेडिट कार्ड को तत्काल ब्लॉक करवा दिया। तब तक ठग तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए उनके खाते से 3.62 रुपये निकाल चुके थे।
उनके बैंक खाते से 4 फरवरी को 2,52,222, 99,578 व 10,235 रुपये निकाल गए। डॉ. प्रवीन कुमार गुप्ता को बाद में पता चला कि यह राशि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खोले गए बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है।
ठगी का पता चलने पर उन्होंने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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डॉ. प्रवीन कुमार गुप्ता ने बताया कि उनके मोबाइल फोन पर एक अन्य मोबाइल नंबर से पिछले दिनों कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को पीएनबी से जुड़ा बताते हुए मोबाइल रजिस्ट्रेशन का हवाला दिया। उनसे बैंक डिटेल मांग ली।
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पीएनबी कार्ड न होने की जानकारी देने पर आरोपी ने उनसे वैकल्पिक कार्ड की जानकारी मांगी। इस पर गलती से उन्होंने अपने आईसीआईसीआई बैंक क्रेडिट कार्ड का विवरण साझा कर दिया।
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इस दौरान उनके मोबाइल पर लगातार ओटीपी आने लगे। जब उन्होंने ओटीपी आने का कारण पूछा तो कॉल करने वाले ने इसे रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया का हिस्सा बताया।
उन्होंने बताया कि संदेह होने पर तुरंत कॉल डिस्कनेक्ट कर आईसीआईसीआई बैंक कस्टमर केयर से संपर्क कर क्रेडिट कार्ड को तत्काल ब्लॉक करवा दिया। तब तक ठग तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए उनके खाते से 3.62 रुपये निकाल चुके थे।
उनके बैंक खाते से 4 फरवरी को 2,52,222, 99,578 व 10,235 रुपये निकाल गए। डॉ. प्रवीन कुमार गुप्ता को बाद में पता चला कि यह राशि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खोले गए बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है।
ठगी का पता चलने पर उन्होंने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।