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आश्रम में हुई मुलाकात, महिला ने मांगा बेटी का हाथ और बिना दान-दहेज के कराई शादी
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आश्रम में मुलाकात, महिला ने मांगा बेटी का हाथ, बिना दहेज हुई शादी
-बिना किसी फिजूल खर्ची रिश्तेदारों की गैरमौजूदगी सादगीपूर्ण शादी बनी शहर की मिसाल
फोटो 41: शहर के गायत्री मंदिर में वरमाला डालते वर-वधू
संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। श्रीराम शरणम आश्रम में चल रहे अखंड पाठ में अपनी मां के साथ शामिल होने आए नोएडा के सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने शहर की बेटी को पसंद किया। इसके बाद बेटी की मां से इंजीनियर ने उसका हाथ मांग लिया और दोनों परिवारों ने बिना किसी दान-दहेज के शादी करने का निर्णय लिया। कुछ दिनों पहले हुए इस रिश्ते के बाद युवक-युवती ने अपने परिजनों के सामने महाशिवरात्रि के दिन एक मंदिर में फेरे ले लिए। बिना किसी दान-दहेज व रिश्तेदारों की मौजूदगी के बिना शादी होना चर्चा का विषय बना हुआ है।
मूलरूप से गांव महमूदपुर व हाल निवासी पुराना बस अड्डा के रहने वाले धर्मेंद्र चहल की बेटी सहारा एलएलएम करने के बाद अब लॉ की कोचिंग दे रही है। कुछ दिनों पहले वह अपनी मां सुनीता चहल के साथ श्रीराम शरणम आश्रम में चल रहे अखंड पाठ में गई थी। वहां पर उनकी मुलाकात नोएडा से आए सॉफ्टवेयर इंजीनियर अनमोल व उनकी मां अन्नू से हो गई। इस दौरान अन्नू व सुनीता के बीच बात हुई तो अन्नू व अनमोल को सहारा पसंद हो गई और वहीं पर दोनों का रिश्ता तय हो गया। रिश्ता तय होने के बाद दानों परिवारों ने बिना दहेज के शादी कर एक मिसाल कायम करने का निर्णय लिया। जिसके चलते महाशिवरात्रि को बिना किसी परंपरा को पूरा किए ही शहर के गायत्री मंदिर में दोनों परिवारों की मौजूदगी में विवाह संपन्न हो गया। बिना किसी दान-दहेज व परंपरा को निभाए शादी को लेकर दोनों परिवारों में खुशी है।
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-बिना किसी फिजूल खर्ची रिश्तेदारों की गैरमौजूदगी सादगीपूर्ण शादी बनी शहर की मिसाल
फोटो 41: शहर के गायत्री मंदिर में वरमाला डालते वर-वधू
संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। श्रीराम शरणम आश्रम में चल रहे अखंड पाठ में अपनी मां के साथ शामिल होने आए नोएडा के सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने शहर की बेटी को पसंद किया। इसके बाद बेटी की मां से इंजीनियर ने उसका हाथ मांग लिया और दोनों परिवारों ने बिना किसी दान-दहेज के शादी करने का निर्णय लिया। कुछ दिनों पहले हुए इस रिश्ते के बाद युवक-युवती ने अपने परिजनों के सामने महाशिवरात्रि के दिन एक मंदिर में फेरे ले लिए। बिना किसी दान-दहेज व रिश्तेदारों की मौजूदगी के बिना शादी होना चर्चा का विषय बना हुआ है।
मूलरूप से गांव महमूदपुर व हाल निवासी पुराना बस अड्डा के रहने वाले धर्मेंद्र चहल की बेटी सहारा एलएलएम करने के बाद अब लॉ की कोचिंग दे रही है। कुछ दिनों पहले वह अपनी मां सुनीता चहल के साथ श्रीराम शरणम आश्रम में चल रहे अखंड पाठ में गई थी। वहां पर उनकी मुलाकात नोएडा से आए सॉफ्टवेयर इंजीनियर अनमोल व उनकी मां अन्नू से हो गई। इस दौरान अन्नू व सुनीता के बीच बात हुई तो अन्नू व अनमोल को सहारा पसंद हो गई और वहीं पर दोनों का रिश्ता तय हो गया। रिश्ता तय होने के बाद दानों परिवारों ने बिना दहेज के शादी कर एक मिसाल कायम करने का निर्णय लिया। जिसके चलते महाशिवरात्रि को बिना किसी परंपरा को पूरा किए ही शहर के गायत्री मंदिर में दोनों परिवारों की मौजूदगी में विवाह संपन्न हो गया। बिना किसी दान-दहेज व परंपरा को निभाए शादी को लेकर दोनों परिवारों में खुशी है।
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