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मकर संक्रांति आज : गंगा स्नान व दान करने से मिलेगा दोगुना फल
Mon, 15 Jan 2024 01:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 15 Jan 2024 01:14 AM IST
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पंडित अमित शौनक।
सोनीपत। मकर संक्रांति का पर्व इस बार 15 जनवरी को जिले भर में धूमधाम से मनाया जाएगा। मकर संक्रांति के पर्व को लेकर हर वर्ग में उत्साह है। इस दिन गंगा स्नान व दान का विशेष महत्व है। पर्व रवि योग में मनाया जाएगा। जिसका विशेष महत्व है।
सुनारों वाली गली स्थित चिटाने वाली माता मंदिर के पुजारी पंडित अमित शौनक का कहना है कि सूर्य उत्तरायण के बाद मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। इस दिन गंगा या किसी नदी में जाकर स्नान करना शुभ माना जाता है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान एवं दान-पुण्य करने से दोगुना फल मिलता है। उन्होंने बताया कि सूर्य पूजा के लिए रवि योग सबसे उत्तम होता है। इसलिए इस बार मनाई जाने वाली मकर संक्रांति विशेष होगी।
पंडित अमित शौनक ने कहा कि इस दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। उस समय ही सूर्य की मकर संक्रांति होगी। सूर्य देव दक्षिणायान से उत्तरायण हो जाते हैं, जिसे बेहद पवित्र माना जाता है। इस दिन काले तिल, खिचड़ी, गुड़, चावल, गेहूं, कपड़े, रेवड़ी, मूंगफली, गाय का घी, दूध, दही व जूते-चप्पल का दान करना चाहिए। ब्रह्म मुहूर्त से ही मकर संक्रांति का स्नान-दान प्रारंभ हो जाता है।मकर
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पंडित अमित शौनक ने कहा कि इस दिन प्रात काल उठकर गंगा यमुना नदी में स्नान करना चाहिए। अगर आप कहीं नहीं जा सकते तो घर में एक बाल्टी पानी में थोड़ा गंगाजल डालकर स्नान कर सकते हैं। इसके बाद भगवान सूर्य को तांबे के कलश में जल डालकर अर्घ्य देना चाहिए व भगवान सूर्य की पूजा करनी चाहिए।
इंसेट
मकर संक्रांति मनाने का शुभ मुहूर्त
पंडित अमित शौनक का कहना है कि 15 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन सूर्यदेव तड़के 2:54 बजे धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। मकर संक्रांति पुण्यकाल प्रातः 7 बजे से आरंभ होकर शाम को 5:36 तक रहेगा। मकर संक्रांति महा पुण्यकाल सुबह 7 से सुबह 8:40 बजे तक रहेगा।
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सुनारों वाली गली स्थित चिटाने वाली माता मंदिर के पुजारी पंडित अमित शौनक का कहना है कि सूर्य उत्तरायण के बाद मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। इस दिन गंगा या किसी नदी में जाकर स्नान करना शुभ माना जाता है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान एवं दान-पुण्य करने से दोगुना फल मिलता है। उन्होंने बताया कि सूर्य पूजा के लिए रवि योग सबसे उत्तम होता है। इसलिए इस बार मनाई जाने वाली मकर संक्रांति विशेष होगी।
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पंडित अमित शौनक ने कहा कि इस दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। उस समय ही सूर्य की मकर संक्रांति होगी। सूर्य देव दक्षिणायान से उत्तरायण हो जाते हैं, जिसे बेहद पवित्र माना जाता है। इस दिन काले तिल, खिचड़ी, गुड़, चावल, गेहूं, कपड़े, रेवड़ी, मूंगफली, गाय का घी, दूध, दही व जूते-चप्पल का दान करना चाहिए। ब्रह्म मुहूर्त से ही मकर संक्रांति का स्नान-दान प्रारंभ हो जाता है।मकर
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पंडित अमित शौनक ने कहा कि इस दिन प्रात काल उठकर गंगा यमुना नदी में स्नान करना चाहिए। अगर आप कहीं नहीं जा सकते तो घर में एक बाल्टी पानी में थोड़ा गंगाजल डालकर स्नान कर सकते हैं। इसके बाद भगवान सूर्य को तांबे के कलश में जल डालकर अर्घ्य देना चाहिए व भगवान सूर्य की पूजा करनी चाहिए।
इंसेट
मकर संक्रांति मनाने का शुभ मुहूर्त
पंडित अमित शौनक का कहना है कि 15 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन सूर्यदेव तड़के 2:54 बजे धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। मकर संक्रांति पुण्यकाल प्रातः 7 बजे से आरंभ होकर शाम को 5:36 तक रहेगा। मकर संक्रांति महा पुण्यकाल सुबह 7 से सुबह 8:40 बजे तक रहेगा।