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लखबीर हत्याकांड : न्याय की मांग के लिए कुंडली बॉर्डर पर आ रहे काफिले को दिल्ली पुलिस ने नरेला में ही रोका
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कुंडली बॉर्डर पर पंजाब के लखबीर सिंह की नृशंस हत्या के मामले में कई सामाजिक संगठनों की अगुवाई में लखबीर सिंह के परिवार को न्याय दिलाने की मांग के लिए दिल्ली की ओर से आ रहे लोगों और वाहनों के काफिले को दिल्ली पुलिस ने पहले ही रोक लिया। इस पर उन्होंने नरेला के पास खूब बवाल काटा। उनकी मांग थी कि लखबीर सिंह के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और न्याय दिया जाए। उनका कहना था कि वह कुंडली बॉर्डर स्थित घटनास्थल पर जाकर लखबीर सिंह की आत्मा की शांति के लिए हवन करेंगे, मगर पुलिस ने उनकी एक न सुनी और वहीं पर रोके रखा।
बुधवार शाम को दिल्ली की तरफ से अलीपुर व नरेला के रास्ते गाड़ियों में सवार सैकड़ों लोगों के कुंडली बॉर्डर की ओर आने की सूचना मिलने पर भारी संख्या में पुलिस बल ने उन्हें अलीपुर में रोक लिया। वहां से सैकड़ों लोग नरेला तक पहुंच गए। इस पर उनको नरेला के सत्यवादी राजा हरीशचंद्र अस्पताल के पास रोक लिया। इस पर काफिले में शामिल लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर दोहरे मापदंड अपनाने के आरोप लगाते हुए कहा कि जब किसानों को बॉर्डर पर बैठने की अनुमति है तो उन्हें क्यों नहीं जाने दिया जा रहा। उनका कहना था कि कुंडली बॉर्डर पहुंचकर लखबीर सिंह की आत्मा की शांति के लिए हवन करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में आगे आकर लखबीर सिंह के परिवार को न्याय दिलाना चाहिए। इसके अलावा पंजाब सरकार को तुरंत प्रभाव से 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए।
लोगों का आरोप, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
अस्पताल के निकट रोके गए लोगों द्वारा लखबीर सिंह हत्याकांड मामले में धरनास्थल पर बैठे किसानों और निहंग सिखों के बारे में कड़े शब्दों का प्रयोग किए जाने पर पुलिस सतर्क हो गई। किसी भी तरह के टकराव को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा घेरा मजबूत कर उन्हें वहीं पर रोके रखा। पुलिस की इस कार्रवाई का उन्होंने विरोध करते हुए खूब हंगामा किया, मगर पुलिस ने उनकी एक न सुनी और उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। कुछ लोगों का आरोप है कि पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज भी किया। पुलिस के आला अधिकारी बुधवार देर रात तक उन्हें समझाने में लगे रहे, वहीं काफिले में शामिल लोग आगे बढ़ने की जिद पर अड़े रहे। देर रात पुलिस उन्हें शांत कराने में लगी थी।
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एसकेएम ने कहा, भाजपा का एजेंडा
मामले को लेकर बुधवार रात को एसकेएम नेता डॉ. दर्शनपाल ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर कहा कि यह भाजपा-आरएसएस का एजेंडा है। हिंद किसान मजदूर समिति के बैनर के साथ सैकड़ों लोग बॉर्डर की तरफ आ रहे थे। उन्होंने लखबीर के परिवार के साथ आकर हवन करने की बात कही। कुछ लोग यहां शांति भंग करना चाहते हैं। दिल्ली पुलिस को उन्हें वापस भेजना चाहिए। साथ ही उन्होंने किसानों से वीरवार को कुंडली बॉर्डर पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। उन्होंने बताया कि कुंडली बॉर्डर पर किसी किसान पर लाठीचार्ज नहीं हुआ है। नरेला में पहुंचे लोगों का किसानों से संबंध नहीं है।
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बुधवार शाम को दिल्ली की तरफ से अलीपुर व नरेला के रास्ते गाड़ियों में सवार सैकड़ों लोगों के कुंडली बॉर्डर की ओर आने की सूचना मिलने पर भारी संख्या में पुलिस बल ने उन्हें अलीपुर में रोक लिया। वहां से सैकड़ों लोग नरेला तक पहुंच गए। इस पर उनको नरेला के सत्यवादी राजा हरीशचंद्र अस्पताल के पास रोक लिया। इस पर काफिले में शामिल लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर दोहरे मापदंड अपनाने के आरोप लगाते हुए कहा कि जब किसानों को बॉर्डर पर बैठने की अनुमति है तो उन्हें क्यों नहीं जाने दिया जा रहा। उनका कहना था कि कुंडली बॉर्डर पहुंचकर लखबीर सिंह की आत्मा की शांति के लिए हवन करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में आगे आकर लखबीर सिंह के परिवार को न्याय दिलाना चाहिए। इसके अलावा पंजाब सरकार को तुरंत प्रभाव से 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए।
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लोगों का आरोप, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
अस्पताल के निकट रोके गए लोगों द्वारा लखबीर सिंह हत्याकांड मामले में धरनास्थल पर बैठे किसानों और निहंग सिखों के बारे में कड़े शब्दों का प्रयोग किए जाने पर पुलिस सतर्क हो गई। किसी भी तरह के टकराव को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा घेरा मजबूत कर उन्हें वहीं पर रोके रखा। पुलिस की इस कार्रवाई का उन्होंने विरोध करते हुए खूब हंगामा किया, मगर पुलिस ने उनकी एक न सुनी और उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। कुछ लोगों का आरोप है कि पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज भी किया। पुलिस के आला अधिकारी बुधवार देर रात तक उन्हें समझाने में लगे रहे, वहीं काफिले में शामिल लोग आगे बढ़ने की जिद पर अड़े रहे। देर रात पुलिस उन्हें शांत कराने में लगी थी।
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एसकेएम ने कहा, भाजपा का एजेंडा
मामले को लेकर बुधवार रात को एसकेएम नेता डॉ. दर्शनपाल ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर कहा कि यह भाजपा-आरएसएस का एजेंडा है। हिंद किसान मजदूर समिति के बैनर के साथ सैकड़ों लोग बॉर्डर की तरफ आ रहे थे। उन्होंने लखबीर के परिवार के साथ आकर हवन करने की बात कही। कुछ लोग यहां शांति भंग करना चाहते हैं। दिल्ली पुलिस को उन्हें वापस भेजना चाहिए। साथ ही उन्होंने किसानों से वीरवार को कुंडली बॉर्डर पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। उन्होंने बताया कि कुंडली बॉर्डर पर किसी किसान पर लाठीचार्ज नहीं हुआ है। नरेला में पहुंचे लोगों का किसानों से संबंध नहीं है।