{"_id":"67087ab9b2a155735902ba56","slug":"international-girl-child-day-9-interstate-raids-in-nine-months-now-sex-ratio-is-more-than-900-sonipat-news-c-197-1-snp1003-125882-2024-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस : नौ माह में 9 अंतरराज्यीय रेड, अब 900 से ज्यादा लिंगानुपात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस : नौ माह में 9 अंतरराज्यीय रेड, अब 900 से ज्यादा लिंगानुपात
Fri, 11 Oct 2024 06:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 11 Oct 2024 06:39 AM IST
विज्ञापन
फोटो 15: उत्तर प्रदेश में पकड़े गए दलाल के साथ सोनीपत की पीसी पीएनडीटी की टीम। फाइल फोटो
सोनीपत। भ्रूण लिंग जांच के मामलों पर शिकंजा कसने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है। नौ माह में नौ अंतरराज्यीय मामलों को पकड़ा गया है और इनमें संलिप्त दलालाें को जेल तक भिजवाया है। इसकी वजह से अब जिले में 900 से ज्यादा मासिक लिंगानुपात है। स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि कन्या भ्रूण हत्या व लिंग जांच पर पूर्ण रूप से रोकथाम के लिए विभाग प्रयासरत है। अभियान को और अधिक गति प्रदान करने के लिए सोनीपत प्रदेशभर में अव्वल है।
प्रधानमंत्री के बेटी बचाओ के आह्वान पर स्वास्थ्य विभाग भ्रूण हत्या को रोकने के लिए लगातार पहल कर रहा है। इसका असर है कि जिले में बढ़ती जा रही लिंगानुपात की खाई धीरे-धीरे कम हो रही है। यह अचानक किसी बदलाव का नहीं है, बल्कि कोख में लिंग जांच कराने वालों पर हुई सख्ती का परिणाम है। चार साल में जिले में लिंगानुपात की स्थिति संतोषजनक रही है। इस बार नौ माह में जिले के लिंगानुपात में सुधार आया है। जिले में लिंगानुपात 900 से नीचे नहीं रहा। विभाग की ओर से लिंगानुपात बेहतर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
इस बार हलालपुर व पिछली बार रसोई गांव टॉप पर रहा
स्वास्थ्य विभाग ने इस बार जिले के गांव हलालपुर को लिंगानुपात में सर्वश्रेष्ठ गांव चुना है। 5000 से ज्यादा की जनसंख्या वाले इस गांव में वर्ष 2023 में 21 बेटों व 35 बेटियों ने जन्म लिया है। इससे पहले साल 2022 में गांव रसोई का लिंगानुपात बेहतर रहा था। उस समय गांव का जिले में सबसे ज्यादा 1474 लिंगानुपात दर्ज किया था। इस बार वर्ष 2023 में गांव का लिंगानुपात 1600 दर्ज किया गया है। गांव का लिंगानुपात जिले में दूसरे स्थान पर रहा है। वर्ष 2023 में 25 बेटों व 40 बेटियों ने जन्म लिया है। वर्ष 2021 में गांव गोरड़ में सबसे ज्यादा लिंगानुपात 1470 दर्ज किया था। जिले का गांव शामड़ी 1500 लिंगानुपात के साथ तीसरे स्थान पर रहा, इसमें 40 बेटों व 60 बेटियों ने जन्म लिया है।
विज्ञापन
10 गांवों का लिंगानुपात सबसे खराब
गांव लिंगानुपात
गढ़ी सराय नामदार खां 742
बुटाना कुंडू 736
घड़वाल 717
बरोदा मोर 716
मलिकपुर 667
मुंडलाना 657
मोहाना 646
कथूरा 644
पांची जाटान 608
जागसी 556
माहवार लिंगानुपात का आंकड़ा
लिंगानुपात वर्ष 2020 2021 2022 2023 2024
जनवरी 958 903 934 905 971
फरवरी 969 900 914 902 952
मार्च 892 915 899 885 913
अप्रैल 877 939 901 879 914
मई 958 901 906 879 911
जून 931 888 903 885 905
जुलाई 911 885 892 878 902
अगस्त 926 876 889 882 902
सितंबर 890 880 890 889 905
अक्तूबर 891 879 890 889 00
नवंबर 910 892 891 891 00
दिसंबर 891 888 898 894 00
कुल लिंगानुपात 917 888 898 894 905
भ्रूण लिंग जांच के मामलों पर शिकंजा कसने के लिए नौ माह में 9 अंतरराज्यीय रेड की है। इसके चलते इस बार 900 से ज्यादा लिंगानुपात रहा है। भ्रूण हत्या को रोकने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
- सुमित कौशिक, नोडल अधिकारी, पीसी पीएनडीटी
विज्ञापन
प्रधानमंत्री के बेटी बचाओ के आह्वान पर स्वास्थ्य विभाग भ्रूण हत्या को रोकने के लिए लगातार पहल कर रहा है। इसका असर है कि जिले में बढ़ती जा रही लिंगानुपात की खाई धीरे-धीरे कम हो रही है। यह अचानक किसी बदलाव का नहीं है, बल्कि कोख में लिंग जांच कराने वालों पर हुई सख्ती का परिणाम है। चार साल में जिले में लिंगानुपात की स्थिति संतोषजनक रही है। इस बार नौ माह में जिले के लिंगानुपात में सुधार आया है। जिले में लिंगानुपात 900 से नीचे नहीं रहा। विभाग की ओर से लिंगानुपात बेहतर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
इस बार हलालपुर व पिछली बार रसोई गांव टॉप पर रहा
स्वास्थ्य विभाग ने इस बार जिले के गांव हलालपुर को लिंगानुपात में सर्वश्रेष्ठ गांव चुना है। 5000 से ज्यादा की जनसंख्या वाले इस गांव में वर्ष 2023 में 21 बेटों व 35 बेटियों ने जन्म लिया है। इससे पहले साल 2022 में गांव रसोई का लिंगानुपात बेहतर रहा था। उस समय गांव का जिले में सबसे ज्यादा 1474 लिंगानुपात दर्ज किया था। इस बार वर्ष 2023 में गांव का लिंगानुपात 1600 दर्ज किया गया है। गांव का लिंगानुपात जिले में दूसरे स्थान पर रहा है। वर्ष 2023 में 25 बेटों व 40 बेटियों ने जन्म लिया है। वर्ष 2021 में गांव गोरड़ में सबसे ज्यादा लिंगानुपात 1470 दर्ज किया था। जिले का गांव शामड़ी 1500 लिंगानुपात के साथ तीसरे स्थान पर रहा, इसमें 40 बेटों व 60 बेटियों ने जन्म लिया है।
विज्ञापन
10 गांवों का लिंगानुपात सबसे खराब
गांव लिंगानुपात
गढ़ी सराय नामदार खां 742
बुटाना कुंडू 736
घड़वाल 717
बरोदा मोर 716
मलिकपुर 667
मुंडलाना 657
मोहाना 646
कथूरा 644
पांची जाटान 608
जागसी 556
माहवार लिंगानुपात का आंकड़ा
लिंगानुपात वर्ष 2020 2021 2022 2023 2024
जनवरी 958 903 934 905 971
फरवरी 969 900 914 902 952
मार्च 892 915 899 885 913
अप्रैल 877 939 901 879 914
मई 958 901 906 879 911
जून 931 888 903 885 905
जुलाई 911 885 892 878 902
अगस्त 926 876 889 882 902
सितंबर 890 880 890 889 905
अक्तूबर 891 879 890 889 00
नवंबर 910 892 891 891 00
दिसंबर 891 888 898 894 00
कुल लिंगानुपात 917 888 898 894 905
भ्रूण लिंग जांच के मामलों पर शिकंजा कसने के लिए नौ माह में 9 अंतरराज्यीय रेड की है। इसके चलते इस बार 900 से ज्यादा लिंगानुपात रहा है। भ्रूण हत्या को रोकने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
- सुमित कौशिक, नोडल अधिकारी, पीसी पीएनडीटी