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साढ़े दस एकड़ में बनने वाले राजकीय कॉलेज के लिए 12 करोड़ मंजूर
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोनीपत
Updated Mon, 30 Jan 2017 12:20 AM IST
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- फोटो : reuters
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सेक्टर-12 में बनने वाले राजकीय कन्या कॉलेज के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। सरकार की ओर से कॉलेज के निर्माण के लिए 12 करोड़ रुपये मंजूर हो गए हैं। एक तरफ हुडा ने उच्चतर शिक्षा विभाग को कालेज निर्माण के लिए जमीन को सौंप दी है, वहीं दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग ने आर्किटेक्ट को जमीन की साइट प्लान तैयार कर भेज दिया है। पीडब्ल्यूडी के अनुसार, बिल्डिंग का डिजाइन आर्किटेक्ट की ओर से आने से एस्टिमेट तैयार कर टेंडर लगा दिया जाएगा।
सोनीपत शहर में एक भी सरकारी कॉलेज नहीं है। शहर व इसके आस पास लगते गांवों के छात्रों को निजी कॉलेजों में पढ़ाई करनी पड़ रही है। सरकारी कॉलेज के निर्माण को लेकर कई वर्षों से मांग की जा रही थी। शहरवासियों की डिमांड को पूरा करते हुए 27 नवंबर 2016 को सोनीपत में कायाकल्प रैली में सीएम मनोहरलाल ने कालेज की घोषणा की थी।
शहर के नजदीक हुडा की जमीन को किया गया फाइनल
पिछले छह माह से नगर निगम कालेज के निर्माण के लिए साइट की तलाश कर रहा था। नगर निगम ने पहले रेवली गांव में जमीन का फाइनल कर सरकार के पास प्रपोजल भेजा गया था, लेकिन बाद में मुरथल विश्वविद्यालय, सीपेट नजदीक होने के चलते साइट में परिवर्तन करना पड़ा था। नगर निगम के अधिकारियों ने सेक्टर-12 में साढ़े 10 एकड़ जमीन का चयन किया और प्रपोजल सरकार को भेजा। मुख्यालय की ओर से नगर निगम के प्रपोजल पर हरी झंडी दिखाई गई और हुडा ने उस जमीन को कालेज के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग को सौंप दिया।
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पीडब्ल्यूडी ने मांगा कालेज की बिल्डिंग का डिजाइन
कालेज के लिए चिह्नित की गई जमीन पर लोक निर्माण विभाग द्वारा साइट प्लान तैयार किया गया। इस साइट प्लान को आर्किटेक्ट को सौंपा गया है। साइट प्लान में पीडब्ल्यूडी ने कालेज के निर्माण के लिए बिल्डिंग का डिजाइन मांगा है। इस साइट प्लान के माध्यम से पूछा गया है कि कहां पर कॉलेज की बिल्डिंग तैयार होगी, कहां पार्किंग की सुविधा होगी और कहां पर पार्क आदि बनाए जा सकते हैं। डिजाइन मिलने के बाद एस्टिमेट तैयार कर कालेज निर्माण के लिए टेंडर लगा दिया जाएगा।
कालेज के निर्माण के लिए सरकार की ओर से 12 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल चुकी है, हुडा से मिली जमीन के साइट प्लान को हेडक्वार्टर भेज दिया गया है। साइट प्लान से डिजाइन मिलने के बाद एस्टिमेट तैयार किया जाएगा। उसके बाद टेंडर लगाकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
अमित मेहला, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी
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सोनीपत शहर में एक भी सरकारी कॉलेज नहीं है। शहर व इसके आस पास लगते गांवों के छात्रों को निजी कॉलेजों में पढ़ाई करनी पड़ रही है। सरकारी कॉलेज के निर्माण को लेकर कई वर्षों से मांग की जा रही थी। शहरवासियों की डिमांड को पूरा करते हुए 27 नवंबर 2016 को सोनीपत में कायाकल्प रैली में सीएम मनोहरलाल ने कालेज की घोषणा की थी।
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शहर के नजदीक हुडा की जमीन को किया गया फाइनल
पिछले छह माह से नगर निगम कालेज के निर्माण के लिए साइट की तलाश कर रहा था। नगर निगम ने पहले रेवली गांव में जमीन का फाइनल कर सरकार के पास प्रपोजल भेजा गया था, लेकिन बाद में मुरथल विश्वविद्यालय, सीपेट नजदीक होने के चलते साइट में परिवर्तन करना पड़ा था। नगर निगम के अधिकारियों ने सेक्टर-12 में साढ़े 10 एकड़ जमीन का चयन किया और प्रपोजल सरकार को भेजा। मुख्यालय की ओर से नगर निगम के प्रपोजल पर हरी झंडी दिखाई गई और हुडा ने उस जमीन को कालेज के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग को सौंप दिया।
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पीडब्ल्यूडी ने मांगा कालेज की बिल्डिंग का डिजाइन
कालेज के लिए चिह्नित की गई जमीन पर लोक निर्माण विभाग द्वारा साइट प्लान तैयार किया गया। इस साइट प्लान को आर्किटेक्ट को सौंपा गया है। साइट प्लान में पीडब्ल्यूडी ने कालेज के निर्माण के लिए बिल्डिंग का डिजाइन मांगा है। इस साइट प्लान के माध्यम से पूछा गया है कि कहां पर कॉलेज की बिल्डिंग तैयार होगी, कहां पार्किंग की सुविधा होगी और कहां पर पार्क आदि बनाए जा सकते हैं। डिजाइन मिलने के बाद एस्टिमेट तैयार कर कालेज निर्माण के लिए टेंडर लगा दिया जाएगा।
कालेज के निर्माण के लिए सरकार की ओर से 12 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल चुकी है, हुडा से मिली जमीन के साइट प्लान को हेडक्वार्टर भेज दिया गया है। साइट प्लान से डिजाइन मिलने के बाद एस्टिमेट तैयार किया जाएगा। उसके बाद टेंडर लगाकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
अमित मेहला, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी