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किसानों को नोटिस भेजकर किया जा रहा उत्पीड़न, वकील बिना जवाब देने न जाएं : प्रेमसिंह भंगू
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सोनीपत। संयुक्त किसान मोर्चा की लीगल कमेटी ने ट्रैक्टर परेड के बाद दिल्ली पुलिस पर किसानों को नोटिस भेजकर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। कमेटी ने किसानों से आह्वान किया कि अगर किसी को नोटिस मिलता है तो वह वकील के बिना जांच में शामिल होने नहीं जाए। नोटिस मिलने पर कोई किसान जाता है तो पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेती है और इस तरह के कई मामले सामने आने के बाद यह बताना पड़ रहा है। कमेटी ने कहा कि किसी को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इस तरह से आंदोलन तोड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। अब पुलिस के सभी नोटिस का जवाब लीगल कमेटी के माध्यम से दिया जाएगा।
लीगल कमेटी के संयोजक प्रेम सिंह भंगू, रामिंदर सिंह पटियाला, विकास ईस्सर, हरपाल सिंह, कुलदीप सिंह ढुल ने कहा कि दिल्ली पुलिस किसानों को झूठे केस में फंसाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी की घटना में काफी निर्दोष किसानों को पकड़ा गया है और अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। उन्होंने बताया कि पुलिस के मुताबिक अभी तक 122 लोगों की गिरफ्तारी की बात कही गई है। इनमें से 12 किसानों की जमानत हो चुकी है तो 110 किसान दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। लीगल कमेटी ने दिल्ली तिहाड़ जेल का भी दौरा किया है और किसानों से बातचीत करके उनकी समस्याओं को जाना। उन्होंने कहा कि किसानों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने किसानों के साथ ज्यादती की है। कई लोगों को धोखे से जेल में डाला गया। जबकि वह वहां मौजूद भी नहीं थे। कमेटी ने बताया कि जेल में रोजमर्रा की जरूरत के सामान के लिए सभी 112 किसानों को आर्थिक मदद दी गई है, ताकि जेल कैंटीन से वह सामान खरीद सके। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर परेड के बाद से 16 किसान अभी लापता है। इस बारे में दिल्ली पुलिस आयुक्त को भी ज्ञापन दिया है। यह लोग दिल्ली से लापता हुए हैं तो ऐसे में पुलिस को उनकी तलाश करनी चाहिए।
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लीगल कमेटी के संयोजक प्रेम सिंह भंगू, रामिंदर सिंह पटियाला, विकास ईस्सर, हरपाल सिंह, कुलदीप सिंह ढुल ने कहा कि दिल्ली पुलिस किसानों को झूठे केस में फंसाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी की घटना में काफी निर्दोष किसानों को पकड़ा गया है और अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। उन्होंने बताया कि पुलिस के मुताबिक अभी तक 122 लोगों की गिरफ्तारी की बात कही गई है। इनमें से 12 किसानों की जमानत हो चुकी है तो 110 किसान दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। लीगल कमेटी ने दिल्ली तिहाड़ जेल का भी दौरा किया है और किसानों से बातचीत करके उनकी समस्याओं को जाना। उन्होंने कहा कि किसानों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने किसानों के साथ ज्यादती की है। कई लोगों को धोखे से जेल में डाला गया। जबकि वह वहां मौजूद भी नहीं थे। कमेटी ने बताया कि जेल में रोजमर्रा की जरूरत के सामान के लिए सभी 112 किसानों को आर्थिक मदद दी गई है, ताकि जेल कैंटीन से वह सामान खरीद सके। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर परेड के बाद से 16 किसान अभी लापता है। इस बारे में दिल्ली पुलिस आयुक्त को भी ज्ञापन दिया है। यह लोग दिल्ली से लापता हुए हैं तो ऐसे में पुलिस को उनकी तलाश करनी चाहिए।
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