किसानों की सरकार को चेतावनी- जहां की कृषि कानूनों के समर्थन में रैली, करेंगे हरियाणा जैसा विरोध
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कृषि कानूनों के समर्थन में करनाल में सीएम मनोहर लाल की किसान पंचायत का जहां एक दिन पहले विरोध किया गया और उस किसान पंचायत को निरस्त करना पड़ा। वहीं इसके अगले ही दिन किसानों ने बड़ा एलान कर दिया है कि देश में किसी भी जगह सरकार कानूनों के समर्थन में रैली कराती है तो उसका हरियाणा की तरह ही विरोध किया जाएगा।
कुंडली बॉर्डर पर मंच से किसान नेताओं ने इसकी घोषणा करते हुए साफ कहा कि जिस तरह से हरियाणा में किसान पंचायत का विरोध हुआ है, ऐसे ही अब देशभर में किया जाएगा। किसानों के इस नए एलान से सरकार की परेशानी बढ़ सकती है और कानूनों के समर्थन में कोई भी अभियान चलाने पर टकराव बढ़ सकता है।
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कृषि कानून रद्द कराने की मांग को लेकर किसान डेढ़ महीने से कुंडली बॉर्डर पर बैठे हुए है। ठंड व बारिश में बैठे किसानों का सरकार से लगातार बातचीत के बावजूद कोई फैसला नहीं होने पर धैर्य जवाब देने लगा है। जहां पहले सरकार के कृषि कानूनों के समर्थन में अभियान चलाने पर किसान केवल जुबानी विरोध जता रहे थे। वहीं करनाल में हरियाणा के सीएम मनोहर लाल की किसान पंचायत का विरोध करने के बाद स्थिति बिगड़ती दिख रही है।
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किसान नेताओं ने कुंडली बॉर्डर पर मंच से एलान किया कि अगर सरकार ने कानूनों के समर्थन में किसी भी जगह रैली या पंचायत करने का प्रयास किया तो उसका इस तरह से विरोध किया जाएगा, जिस तरह से करनाल में सीएम की किसान पंचायत का किया गया। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार अपने लोगों के सहारे ऐसी पंचायतों के सहारे कृषि कानूनों को लेकर झूठ फैलाना चाहती है और इसलिए ही इनका विरोध किया जा रहा है। किसान किसी भी हालत में झूठ नहीं फैलाने देंगे।
टकराव बढ़ने की आशंका
इसके साथ ही यह अपील की गई है कि किसान केवल विरोध करेंगे और उस दौरान प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। किसानों की लड़ाई प्रशासन या पुलिस से नहीं है, बल्कि सरकार की व्यवस्था से लड़ाई है। किसानों की इस घोषणा के बाद से टकराव बढ़ने की आशंका है तो वहीं हरियाणा में तय की गई किसान पंचायतों को अभी निरस्त किया जा सकता है। इसका बड़ा कारण यह भी माना जा रहा है कि सरकार भी किसी तरह का कोई बखेड़ा नहीं चाहती है।
हमारी प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों से कोई दुश्मनी नहीं है और इसलिए उनको कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। नेताओं को हम किसी भी जगह घुसने नहीं देंगे। अब लड़ने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है। ठंड व बारिश में किसान सड़क पर बैठा हुआ है और उसके बाद भी इन नेताओं पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। सरकार देश में 700 सभाएं करने की बात कहती है और हरियाणा में झूठ फैलाने के लिए रैली का नाम किसान पंचायत रख दिया गया। जिस तरह से करनाल में हुआ है, ऐसा सभी जगह करना है। हम हाथ नहीं उठाएंगे, लेकिन किसी भी हालत में इस तरह की रैली व पंचायत भी नहीं होने देंगे। - गुरनाम सिंह चढूनी, सदस्य, संयुक्त किसान मोर्चा
सरकार ने पहले कृषि कानून गलत बनाकर किसान की जमीन छीनने का काम किया है। अब बातचीत करने की बात कहकर जिस तरह से कानूनों के समर्थन में अभियान चलाकर भ्रम फैलाया जा रहा है, वह गलत किया जा रहा है। सरकार जिस तरह से किसान पंचायत बुलाई, उसमें किसानों पर पहले लाठीचार्ज करके माहौल खराब किया गया। इस तरह की पंचायत करना गलत है और किसान उसका विरोध जताएंगे। - अभिमन्यु कोहाड़, राष्ट्रीय अध्यक्ष, किसान-मजदूर महासंघ