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Sonipat News: डब्ल्यूएफआई के पास रोजाना भेजनी पड़ेगी तैयारी में जुटे पहलवानों और कोचों की हाजिरी
Sun, 05 Jul 2026 04:50 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 05 Jul 2026 04:50 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। एशियन गेम्स और सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों के बेहतर प्रदर्शन के लिए भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) ने राष्ट्रीय कोचिंग शिविरों में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। अब सभी राष्ट्रीय शिविरों में पहलवानों और कोचों की दैनिक उपस्थिति रिपोर्ट प्रतिदिन शाम के प्रशिक्षण सत्र के बाद अनिवार्य रूप से डब्ल्यूएफआई कार्यालय को भेजनी होगी।
डब्ल्यूएफआई के सह सचिव विनोद तोमर ने बताया कि अध्यक्ष संजय कुमार सिंह की ओर से आदेश जारी किया गया है कि खेल प्राधिकरण (साई) के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारियों के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
इसके बावजूद कुछ पहलवानों के शिविरों से अनुपस्थित रहने की शिकायतें सामने आने के बाद संघ ने उपस्थिति निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है।
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तीनों वर्गों के लिए तय की गई अलग जिम्मेदारी
संघ ने ग्रीको रोमन, फ्रीस्टाइल और महिला कुश्ती वर्गों के लिए अलग-अलग अधिकारियों को रोजाना उपस्थिति रिपोर्ट भेजने की जिम्मेदारी सौंपी है। ग्रीको-रोमन टीम और उससे जुड़े कोचों की निगरानी का दायित्व गिरिधर वीआर को दिया गया है जबकि फ्रीस्टाइल वर्ग के लिए एसबी प्रसाद और महिला टीम के लिए उमेश प्रवीण कुमार कादिमी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारी प्रत्येक दिन शाम के प्रशिक्षण सत्र के समापन के बाद अपनी-अपनी टीमों की उपस्थिति रिपोर्ट डब्ल्यूएफआई कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे।
गलत सूचना पर होगी सख्त कार्रवाई
डब्ल्यूएफआई ने स्पष्ट कर दिया है कि भेजी जाने वाली उपस्थिति रिपोर्ट पूरी तरह सही और प्रमाणिक होनी चाहिए। किसी भी प्रकार की गलत, असत्य या भ्रामक जानकारी सामने आने पर संबंधित कोच को जवाबदेह माना जाएगा और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
तैयारियों को मिलेगी नई मजबूती
खेल विशेषज्ञ कुलदीप सिंह का मानना है कि इस निर्णय से राष्ट्रीय शिविरों में अनुशासन और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा। नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होने से खिलाड़ियों को बेहतर और निरंतर प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा जिससे एशियन गेम्स और विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर भारतीय कुश्ती दल के प्रदर्शन को नई मजबूती मिल सकती है।
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सोनीपत। एशियन गेम्स और सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों के बेहतर प्रदर्शन के लिए भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) ने राष्ट्रीय कोचिंग शिविरों में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। अब सभी राष्ट्रीय शिविरों में पहलवानों और कोचों की दैनिक उपस्थिति रिपोर्ट प्रतिदिन शाम के प्रशिक्षण सत्र के बाद अनिवार्य रूप से डब्ल्यूएफआई कार्यालय को भेजनी होगी।
डब्ल्यूएफआई के सह सचिव विनोद तोमर ने बताया कि अध्यक्ष संजय कुमार सिंह की ओर से आदेश जारी किया गया है कि खेल प्राधिकरण (साई) के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारियों के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
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इसके बावजूद कुछ पहलवानों के शिविरों से अनुपस्थित रहने की शिकायतें सामने आने के बाद संघ ने उपस्थिति निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है।
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तीनों वर्गों के लिए तय की गई अलग जिम्मेदारी
संघ ने ग्रीको रोमन, फ्रीस्टाइल और महिला कुश्ती वर्गों के लिए अलग-अलग अधिकारियों को रोजाना उपस्थिति रिपोर्ट भेजने की जिम्मेदारी सौंपी है। ग्रीको-रोमन टीम और उससे जुड़े कोचों की निगरानी का दायित्व गिरिधर वीआर को दिया गया है जबकि फ्रीस्टाइल वर्ग के लिए एसबी प्रसाद और महिला टीम के लिए उमेश प्रवीण कुमार कादिमी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारी प्रत्येक दिन शाम के प्रशिक्षण सत्र के समापन के बाद अपनी-अपनी टीमों की उपस्थिति रिपोर्ट डब्ल्यूएफआई कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे।
गलत सूचना पर होगी सख्त कार्रवाई
डब्ल्यूएफआई ने स्पष्ट कर दिया है कि भेजी जाने वाली उपस्थिति रिपोर्ट पूरी तरह सही और प्रमाणिक होनी चाहिए। किसी भी प्रकार की गलत, असत्य या भ्रामक जानकारी सामने आने पर संबंधित कोच को जवाबदेह माना जाएगा और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
तैयारियों को मिलेगी नई मजबूती
खेल विशेषज्ञ कुलदीप सिंह का मानना है कि इस निर्णय से राष्ट्रीय शिविरों में अनुशासन और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा। नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होने से खिलाड़ियों को बेहतर और निरंतर प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा जिससे एशियन गेम्स और विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर भारतीय कुश्ती दल के प्रदर्शन को नई मजबूती मिल सकती है।